टैम्पोन Tampon के बारे में जानकारी

जानिये टैम्पोन (Tampon) क्या होता है और इसे मासिकधर्म में कैसे इस्तेमाल करते हैं, टैम्पोन प्रयोग करने की बिधि और इसको पहनने का नुकसान क्या होता है? क्या टैम्पोन डालने से योनी की झिल्ली (सील) टूट जाती है?

टैम्पोन, सैनिटरी पैड pad की तरह इस्तेमाल किये जाते हैं। ये प्रोडक्ट मासिक धर्म के ब्लड को अवशोषित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये सॉफ्ट कॉटन के सिलेंडर जैसे आकार के उत्पाद हैं जिन्हें योनि में डाल कर रखा जाता है। Tampon विभिन्न आकारों और अवशोषण क्षमता में आते हैं। पहली बार इसे लगाना हो तो पतले आकार के टैम्पन का उपयोग करना चाहिए।

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टैम्पोन को हर 4 से 8 घंटे में बदलते हैं । Tampon को रात भर नहीं लगे रहने देना चाहिए क्योंकि लम्बे समय तक योनि के अंदर रखने से बैक्टीरियल संक्रमण का रिस्क बढ़ जाता है। यह उत्पाद योनि के अंदर डाला जाता है और इसलिए इसके इस्तेमाल से hymen टूट जाती है। भारत में पीरियड के दौरान पैड ही अधिकतर इस्तेमाल किए जाते हैं।

अमेरिका, जर्मनी और ऑस्ट्रिया की महिलायें सबसे ज्यादा Tampon का इस्तेमाल करती हैं। 81 देशों में किए गए अध्ययन से पता चला कि जर्मन महिलायें दुनिया में सबसे अधिक टैम्पोन खरीदती हैं और इसका उपयोग करती हैं। ऑस्ट्रीयन दूसरे स्थान पर और अमेरिकियों ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कुछ अन्य देशों में Tampon पूरी तरह अलोकप्रिय हैं। नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, केन्या, मारोको और थाईलैंड में इसका इस्तेमाल बिलकुल भी नहीं किया जाता। चीन में केवल 2% महिला इसका इस्तेमाल करती हैं। यूरोप में, हालांकि, संख्या बहुत अधिक है और करीब 70% महिलायें इसका इस्तेमाल कर रही हैं।

टैम्पोन क्या है?

मासिक के स्राव के लिए सैनिटरी पैड (सैनिटरी टावल, सैनिटरी नैप्किन) को बाहर पैंटी पर लगाकर इस्तेमाल करते हैं और टैम्पोन इसी काम के लिए योनि के अंदर डाल के इस्तेमाल किया जाता है। यह सिलिंडर की शेप का होता है जिसे एप्लीकेटर या बिना एप्लीकेटर के योनि के अंदर साफ़ उँगलियों से पुश करते हैं।

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Tampon योनि के अंदर सुरक्षित तरीके से फिट होता है जहाँ बहुत कम संवेदी तंत्रिकाएँ होती हैं। टैम्पून योनि की दीवारों में मासिक स्राव को सोखते हुए फूल जाता है।

क्या टैम्पोन से हाईमन टूट जाती है?

Tampon को इस्तेमाल योनि के अंदर डाल कर किया जाता है। इससे कौमार्य झिल्ली tampon stretch hymen (ring shaped piece of tissue) and break it टूट जाती है।

टैम्पोन को कैसे लगाते हैं?

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  • अपने हाथ साबुन और पानी से धोए।
  • बॉक्स पर टैम्पन के दिशा-निर्देश पढ़ें।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्ट्रिंग सुरक्षित रूप से टैम्पन से जुड़ा हुआ है, स्ट्रिंग को खींचे ।
  • आरामदायक स्थिति में बैठें या खड़े हो जाएँ।
  • टैंपन के सिरे को पकड़ो। सुनिश्चित करें कि स्ट्रिंग दिखाई दे रही है।
  • दूसरे हाथ से, लेबिया खोलें और टैम्पोन डालें। इंडेक्स या “पॉइंटर” उंगली का इस्तेमाल टैंपन को धक्का दें।
  • सुनिश्चित करें कि स्ट्रिंग योनि के बाहर लटकी है।
  • हाथ धो लें।

अगर Tampon को सही तरीके से डाला गया है, तो आपको असुविधा महसूस नहीं होनी चाहिए। यदि आप किसी भी तरह से असुविधाजनक महसूस करती हैं, तो टैम्पन गलत तरीके से डला हो सकता है या आपकी योनि में टैंपन काफी दूर नहीं डाला जा सकता है। यदि कई प्रयासों के बाद भी टैम्पन नहीं डाला जा पा रहा है, तो हो सकता है की हाईमन हेकी समस्या हो जो टैम्पोन अंदर जाने से रोक रही हो।

टैम्पोन को कैसे निकालते हैं?

टैम्पोन हटाना कठिन नहीं है। है जिस एंगल पर इसे डाला है बस उसी एंगल पर इससे जुडी स्ट्रिंग खींचें। यदि किसी कारण से स्ट्रिंग टूट भी जाती है, या नहीं पकड आती तो बैठने की स्थिति में होकर धीरे से अपनी उंगलियों का इस्तेमाल करते Tampon निकालें।

हाथ धो लें।

क्या टैम्पोन गलती से बहुत अंदर तक जा सकता है?

नहीं, ऐसा नहीं होता। गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स का साइज़ बहुत ही छोटा होता है। इसलिए ऐसी कोई संभावना नहीं है कि Tampon बहुत अन्दर तक चला जाए या गर्भाशय को नुकसान करे।

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टैम्पोन कितनी बार बदलना चाहिए?

  • टैम्पोन कब बदलना है यह ब्लीडिंग के आधार पर हो सकता है।
  • यदि ज्यादा ब्लीडिंग है तो इसे जल्दी बदलना होगा।
  • यदि ब्लीडिंग कम है तो हर 4 से 8 घंटे में इसे बदलते हैं।

टैम्पोन बदलना है, ये कैसे पता चलेगा?

Tampon को थोड़ा खीचने पर यह पता लग सकता है। यदि स्ट्रिंग खीचने पर यह आसानी से नहीं निकल रहा तो इसे और देर तक छोड़ा जा सकता है।

4-5 घंटे बाद भी यदि इसे निकालने में दिक्कत हो रही है तो इसका मतलब है आप को कम क्षमता वाला टैम्पोन लेना चाहिए।

क्या टैम्पोन को मैं रात भर योनि में लगा रहने दूं?

टैंपोन को कभी भी आठ घंटे से ज्यादा नहीं लगाना चाहिए। रात में सैनिटरी पैड इस्तेमाल करना चाहिए।

टैंपोन को कैसे फेंका जाता है?

टैंपोन को सैनिटरी पैड की तरह से फेंके।

इसे कभी भी शौचालय में फ्लश नहीं करना चाहिए क्योंकि वे प्लंबिंग सिस्टम को जाम सकते हैं। इसे टॉयलेट पेपर में लपेटकर कचरे में फेंकें।

क्या टैंपन पहने रख कर पेशाब कर सकती हूँ?

  • हाँ। कोई दिक्कत नहीं है।
  • पेशाब या शौच करने के लिए इसको निकालना नहीं पड़ता है । मूत्र ( पेशाब ) और मल के रास्ते /छेद अलग होते हैं।
  • टैंपन को केवल तब ही निकालें जब आपको लगता है कि इसे बदलन चाहिए।
  • पेशाब करते समय टैम्पन स्ट्रिंग को हटालें, जिससे यह पेशाब करते समय गीली नहीं हो जाए।

टैम्पोन (Tampon) के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?

टैम्पोन योनि के अंदर डाला जाता है इसलिए इसके प्रयोग से कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, जैसे:

  • इससे बदबू आ सकती है।
  • इसमें केमिकल होते हैं।
  • इससे योनि में जलन, सूखापन हो सकता है।
  • इससे योनि में दाने और घाव हो सकते हैं।
  • रात को सोने के दौरान इसे लंबे समय तक लगे रहने देने पर बैक्टीरियल संक्रमण हो जाता है।
  • इससे hymen टूट जाती है।
  • इसे लगाने से खून तो सूख लिया जाता है लेकिन टिश्यू गर्भाशय में ही रह सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। गर्भाशय का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और इनफर्टिलिटी हो सकती है।
  • इससे टीएसएस हो सकता है।
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टीएसएस TSS

टैम्पोन पहनने वाली लड़कियों में टीएसएस Toxic Shock Syndrome हो सकता है। यह होना दुर्लभ है लेकिन यदि ऐसा होता है तो यह संक्रमण खतरनाक है। टीएसएस, बैक्टीरिया के कारण होता है, जिसे आमतौर पर स्टेफिलाकोकास ऑरियस Staphylococcus aureus कहा जाता है।

योनि में टैंपन, स्टैफ़िलोकोकस ऑरियस सहित विभिन्न प्रकार के जीवाणुओं / बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए वातावरण बनाता है। बैक्टीरिया एक विष पैदा करता है जो गंभीर बीमारी का कारण बनता है।

टीएसएस-विषाक्त शॉक सिंड्रोम के लक्षण आम तौर पर जल्दी से आते हैं और इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • फ्लू जैसे लक्षण (मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, आपकी आँखें, मुंह और गले की लाली)
  • अचानक तेज बुखार
  • चक्कर आना, बेहोशी, या हल्कीपन
  • उल्टी
  • दाने
  • दस्त

टीएसएस के रिस्क को कम करने के लिए, टैम्पोन का उपयोग करते समय इन सुझावों का पालन करें:

  • टैम्पोन डालते और निकालते समय साफ़ हाथ रखें। हाथों को अच्छे से धोकर ही ऐसा करें।
  • कम से कम हर 4-6 घंटे या अधिक बार यदि आवश्यक हो तो अपने टैम्पोन को बदलें ।
  • सही अवशोषण वाला टैम्पोन चुनें। छोटे आकार के टैम्पोन का प्रयोग करें जब आपका प्रवाह हल्का हो।
  • रात में पैड का इस्तेमाल करें।

टैम्पोन के इस्तेमाल में बहुत सावधानी की ज़रूरत है। यह योनि के अंदर होता है इसलिए इसे कुछ घंटों पर बदल दिया जाना ज़रूरी है जिससे योनि में गीलेपन और ब्लड के कारण बैक्टीरियल संक्रमण न हो जाए। गंदे हाथ से या गंदे टैम्पोन का इस्तेमाल योनि को संक्रमित कर सकता है। यदि किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण हो तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।

टैम्पोन का चयन करते समय ऐसा टैम्पोन खरीदना चाहिए जो त्वचा के अनुकूल हो हानिकारक नहीं हो। सबसे अच्छा विकल्प प्राकृतिक टैम्पोन हैं, जो 100% कपास से बना होता है।

वे hypoallergenic, नरम और उपयोग करने के लिए सुरक्षित हैं। टैम्पोन का इस्तेमाल करते समय हमें अपने अवशोषण के प्रति जागरूक होना चाहिए। उदाहरण के लिए, मिनी टैम्पन्स किशोर लड़कियों और महिलाओं के लिए कमजोर मासिक धर्म प्रवाह के लिए उपयुक्त हैं, सामान्य टैम्पोन एक मध्यम मासिक प्रवाह के साथ महिलाओं के लिए उपयुक्त हैं और सुपर टैम्पोन एक भारी मासिक धर्म के साथ महिलाओं के लिए उपयुक्त हैं।

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Tampons cylindrical soft cotton products used to absorb menstrual blood. It is available in all different sizes and

absorbencies. Pads are applied on panty but tampon are inserted inside the vagina to absorb the blood. With pads there are lesser risk as they remain outside the body. But with tampon, the risks are more as they remain inside the vagina. Tampon can cause bacterial infections. While using tampon for the first-time hymen usually break. In some cultures, the presence of hymen is considered synonym to virginity. Pad or Tampon choice is personal.

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