पेशाब रोकना और ओर्गास्म Peegasm पिगाज्म

Peegasm पिगाज्म के लिए डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह केवल तभी प्राप्त किया जा सकता है जब मूत्राशय सामान्य से अधिक समय तक मूत्र रोक रहा हो, जो संक्रमण का कारण होता है।

आजकल इन्टरनेट पर विचित्र और संभवतः खतरनाक टर्म सुनने को मिल रही है, पीगेजम Peegasm। यह टर्म पी या पेशाब और ओर्गेज़म को मिला कर बनाई गई है। इसमें यह बताया जा रहा है कि कैसे पेशाब को रोकने से किसी महिला को पेशाब करने के दौरान सेक्स के चरम की अनुभूति होती है। यह सब रेडित थ्रेड पर शुरू हुआ जब एक पुरुष ने पूछा कि क्या किसी महिला को पेशाब को रोकने के कुछ देर बाद,  इसे करने पर मिनी ओरागास्म का अनुभव हुआ है। बहुत सी औरतों ने इस पर टिप्पणी की और कहा कि ऐसा करने से उन्हें क्लाइमेक्स का अनुभव हुआ। एक और ने कहा, इससे कुछ आनंद तो मिलता है, लेकिन यह वास्तव में संभोग सुख जैसा नहीं है, और केवल  अलग अनुभव है लेकिन दूसरी रेडडिट उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की इससे एक सनसनी या कंपकपी तो होती है लेकिन यह बिलकुल भी सुखद अनुभव नहीं कहा जा सकता है।

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महिला में ओर्गास्म

जब एक महिला शारीरिक रूप से या मनोवैज्ञानिक रूप से उत्तेजित होती है, तो उसके जननांगों के भीतर रक्त वाहिका फैलती है। बढ़ी हुई रक्त आपूर्ति से वल्वा फूलत है, और योनि की दीवारों से तरल पदार्थ स्रावित होता है, जिससे योनी में गीलापन सूजन आता है। इससे आंतरिक रूप से, योनि फ़ैल जाती है। दिल की दर और सांस लेने में तेजी आती है और रक्तचाप बढ़ता है।

सम्भोग के दौरान चरम जिसे संभोग सुख या ओर्गास्म कहते हैं, में महिला की मांसपेशियों में संकुचन शुरू हो जाता है खासकर गर्भाशय, योनि, गुदा, और श्रोणि तल में।

ओर्गास्म के दौरान गर्भाशय और योनि समेत जननांग मांसपेशियों में 0.8 सेकंड के आसपास लयबद्ध संकुचन का अनुभव होता है। यह लहरदार तरीके से वहां से पूरे शारीर में फैलता है जिससे सम्भोग सुख मिलता है। दिलचस्प बात यह है कि वैज्ञानिकों ने पाया है कि orgasms की ताकत पेलिक फ्लोर की मांसपेशियों से जुडी है।

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चरम कुछ सेकंड से मिनट तक भी रह सकता है। संकुचन की संख्या भी भिन्न होती है, लेकिन सामान्य सीमा 1 और 12 संकुचन के बीच होती है । लेकिन महिला में चरम केवल प्रजनन अंगों से नहीं जुड़ा है। इसमें दिमाग भी कार्रवाई करता है।

पेशाब रोकना और ओर्गास्म

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डॉक्टरों के अनुसार यह तथाकथित peegasms  करने के लिए महिला को सामान्य से अधिक लंबे समय तक पेशाब को ब्लैडर में रोके रखने की सलाह है जब तक की ब्लैडर पूरा भर नहीं जाए। ऐसा करने से ओर्गास्म होगा या नहीं ये तो पता नहीं लेकिन यह स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरी तरह से गलत है।

पेशाब को रोकने से निम्न नुकसान हो सकते हैं:

जो लोग नियमित रूप से पेशाब रोकते हैं उन्हें मूत्राशय या गुर्दे में दर्द महसूस हो सकता है। पेशाब करते समय पेशाब का फ्लो ठीक से नहीं आता। पेशाब अटक सा जाता है।

लंबी अवधि में, नियमित रूप से पेशाब को रोकने से मूत्राशय फैल सकता है। इससे मूत्राशय का फैलना और सिकुड़ना कठिन हो सकता है।

पेल्विस की मांसपेशियों में ऐंठन होती है। अक्सर पेशाब रोकने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है। इन मांसपेशियों में से एक मूत्रमार्ग स्फिंकर है, जो अपने आप से पेशाब नही निकले, के लिए मूत्रमार्ग को बंद रखता है। इस मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने से urinary incontinence हो सकता है ।

जितना अधिक आप अपना पेशाब रोकते हैं, ब्लैडर में बैक्टीरिया ग्रोथ उतना ज्यादा हो सकता है । इससे मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) हो सकता है।

पेशाब अंगों में बैक्टीरिया संक्रमण हो सकता है जो गुर्दे में फैल सकता है और शरीर को अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

पेशाब होल्डिंग स्थिति के इतिहास वाले लोगों में गुर्दे की पथरी का निर्माण हो सकता है।

इसलिए, पेशाब नही रोकें और पेशाब रोक का चरम पाने जैसे फालतू जाकारी पर बिलकुल अमल नहीं करें। चरम पाने के सेक्स के आलावा और भी तरीके हैं जिनका स्वास्थ्य पर कोई रिस्क नहीं है।

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