मुँहासे के कारण, घरेलू उपचार और सावधानियां

जानिये मुँहासे के होने का कारण क्या क्या होता है, क्या आस पास का माहौल भी मुहासों का कारण होता है, मुहासे कम करने या रोकने के लिए कुछ टिप्स और घरेलु उपचार जानिये।

मुँहासे त्वचा की एक ऐसी स्थिति है जिसमे चेहरे पर दाने या बम्प्स हो जाते है। इससे चेहरे पर पिम्पल, ब्लैकहैड्स, व्हाइटहेड्स, या सिस्ट्स हो सकते हैं। लड़का हो या लड़की, किशोरावस्था में हार्मोनल परिवर्तनों की वजह से मुँहासे अधिक होते है और समय के साथ कम होने लगते हैं। जानिये मुँहासे के कारण क्या हैं?

मुहांसे, पिम्पल या एक्ने देखने में लाल-पीले और पस से भरे हो सकते है। यह कई बार चेहरे पर गड्डे भी छोड़ देते हैं। किशोरों में होने वाले पिम्पल्स बहुत आम हैं और करीब 10 में से 8 में यह देखे जाते हैं। पिम्पल्स को प्यूबर्टी के एक निशान की भी तरह देखा जाता है। चेहरे पर पिम्पल होना मतलब अब बच्चे जवान हो गए हैं। मुँहासे जो बहुत सारे किशोरों को होते है उन्हें एक्ने वल्गारिस acne vulgaris कहा जाता है। यह आम तौर पर चेहरे, गर्दन, कंधों, ऊपरी पीठ और छाती पर हो सकते हैं।

मुँहासे के लिए कई ओवर-द-काउंटर लोशन और क्रीम उपलब्ध हैं जिनमें सेलसाईलिक एसिड या बेंजोयल पेरोक्साइड alicylic acid or benzoyl peroxide होता है। यह मुँहासे को रोकने और ठीक करने में मददगार हैं। इनके प्रयोग के समय ध्यान रखें, जितनी बार कहा गया हो उतनी ही बार इस्तेमाल करें नहीं तो त्वचा ड्राई हो कर खराब होने लगेगी।

मुँहासे क्यों होते हैं?

त्वचा में बालों के रोम, या छिद्र, में वसामय ग्रंथियां / सेबैसियस ग्लैंड्स sebaceous glands होते हैं (जिसे तेल ग्रंथियां भी कहा जाता है)। ये ग्रंथियां सीबम बनाती हैं। सीबम एक तेल हैं जो त्वचा और बालों को चिकनाई देता है। ज्यादातर समय, वसामय ग्रंथियां सीबम की सही मात्रा में बना देती हैं। जैसे-जैसे शरीर परिपक्व और होता है, हार्मोन के प्रभाव से सेबैसियस ग्लैंड्स को और अधिक सीबम बनता है।

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अगर बहुत ज्यादा सीबम बनता है और बहुत सी डेड त्वचा कोशिकाएं होती हैं तो त्वचा के छिद्र जाम हो जाते हैं। इनमे बैक्टीरिया (विशेष रूप से एक प्रोपियोनीबैक्टीरियम एनेन्स कहा जाता है ) पनपने लगते है तथा इस कारण से सूजन और लाली हो जाती है जिससे मुँहासे की शुरुआत हो जाती है। यह मुहांसे पस से भी भर सकते जो बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होता हैं।

कारक जो मुँहासे के कारण बनते हैं:

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  1. किशोरियों और वयस्क महिलाओं में मासिक धर्म की अवधि शुरू होने से 2 से 7 दिन पहले हार्मोन का स्तर बदलना
  2. त्वचा के उत्पादों (मॉइस्चराइज़र या कॉस्मेटिक्स) से
  3. तेल या काम के माहौल से (उदाहरण के लिए, रसोई में)
  4. हेलमेट या उपकरण, बैकपैक, कॉलर, या खेल टाइट यूनिफार्म के दबाव से
  5. पर्यावरणीय परेशानी, जैसे कि प्रदूषण और उच्च आर्द्रता
  6. दागों को बार बार छूना
  7. त्वचा को रगड़ना
  8. तनाव आदि।

अगर त्वचा का छिद्र जाम हो जाता है, बंद हो जाता है, लेकिन त्वचा से बाहर निकलता है तो व्हाइटहेड whitehead हो जाते हैं। लेकिन जब त्वचा का छिद्र बंद हो जाता है लेकिन खुला रहता है तो इसकी सरफेस काली हो जाती है और ब्लैकहेड blackhead बनते हैं।

त्वचा के जाम छिद्र जो त्वचा में काफी भीतर तक होते हैं, से इन्फेक्टेड नोड्यूल बन सकते हैं जो साइज़ में बड़े होते हैं और बहुत दर्द करते हैं। कभी-कभी, मुँहासे की तरह लगने वाले बड़े फोड़े एक स्टाफ़ संक्रमण Staph Infection (Cellulitis) हो सकते हैं।

मुँहासे न हो इसके लिए क्या करें?

मुंहासे को कम करने के लिए तेल को चेहरे से हटाना ज़रूरी है इसके लिए माइल्ड साबुन और गर्म से दिन में एक या दो बार अपना चेहरा धो लें। धोने के बाद चेहरे को कभी भी रगड़ के साफ़ नहीं करें। मुंहासे को छुए नहीं और रगड़े नहीं।

एजी आप सनस्क्रीन पहनते हैं, तो सुनिश्चित करें कि यह पोर का न बंद करने वाली हो और इस पर नॉनएक्नेजेनिक noncomedogenic, nonacnegenic लेबल किया गया है।

  1. धूप में जाने से पहले चेहरा कवर कर लें।
  2. अगर बाल में तेल, स्प्रे, जेल आदि लगाते हैं तो ध्यान रखें यह चेहरे पर नहीं लगे।
  3. बालों में रूसी है तो उसका इलाज़ करें।
  4. ऑयली फ़ूड, डेयरी प्रोडक्ट्स, जंक फ़ूड, मिठाई, चाकलेट फिज़्जी ड्रिक्स और कैफीन का सेवन कम करें, इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से मुँहासे और त्वचा संबंधी अन्य समस्याएँ हो जाती हैं।
  5. पिम्पल को दबाएँ या फोड़े नहीं। इससे सूजन और ज्यादा होगी, तेल अधिक बनेगा और बैक्टीरियल इन्फेक्शन होगा। इन्फेक्टेड पिम्पल से चेहरे पर घाव और गड्डे हो जायेंगे और चेहरे की त्वचा चिकनी नहीं रहेगी।
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मुँहासे का इलाज़ Pimple Treatment in Hindi

आप चाहे कुछ भी कर लें, हार्मोनल प्रभाव से टीनएज में मुंहासे रोक पाना कठिन होता है क्योंकि इसके होने का कारण आंतरिक है। इससे घबराएं नहीं, यह पूरी तरह से नार्मल है। लड़कियों में पीरियड के पहले अधिक पिम्पल्स निकल सकते हैं।

मुँहासे के लिए क्रीम

डॉक्टर आमतौर पर मुँहासे के हल्के संकेत वाले लोगों के लिए ओटीसी या प्रिस्क्रिप्शन सामयिक दवा की सिफारिश करते हैं। हल्के मुँहासे के लिए इस्तेमाल कई ओटीसी सामयिक दवाएं हैं प्रत्येक एक अलग तरीके से काम करता है निम्न में से कुछ सबसे आम हैं:

  1. बेंजोईल पेरोक्साइड Benzoyl peroxide
  2. रेसिर्सिनोल Resorcinol
  3. सैलसिलिक एसिड Salicylic acid
  4. सल्फर Sulfur

मध्यम-से-गंभीर सूजन मुँहासे के लिए

अगर यह बहुत अधिक संख्या में हो रहे हों तो डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। डॉक्टर इसके लिए कुछ प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन और एंटीबायोटिक डे सकते हैं। एंटीबायोटिक से बैक्टीरियल इन्फेक्शन को रोकने में मदद होती है।

एंटीबायोटिक्स Antibiotics: बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकना या धीमा करना और सूजन को कम करना

विटामिन ए डेरिवेटिव (रेटिनॉयड) Vitamin A derivatives (retinoids)

मुँहासे के लिए घरेलू उपचार Home Remedies for Pimples / Acne

  1. चेहरे को 3-4 बार साफ पानी से रिंज करें। साबुन नहीं लगाएं। चेहरे को या तो अपने आप सूखने दें या साफ़ तौलिये या रुमाल से पैट ड्राई करें।
  2. पानी अधिक पियें जिससे त्वचा के छिद्र खुलें और त्वचा हाइड्रेटेड रहे।
  3. कई बार जब शरीर में इन्सुलिन का ज्यादा स्राव होता है तो पिम्पल्स भी अधिक होते हैं। इसलिए ऐसे में कार्बोहायड्रेट और डेयरी प्रोडक्ट्स का कम सेवन करें।
  4. ऑयली और मसालेदार भोजन न करें।
  5. आंवले पाउडर को एक टीस्पून की मात्रा में सुबह और शाम खाएं।
  6. स्किन अधिक ऑयली हो तो बेसन और हल्दी को मिलाकर लगायें।
  7. मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल में मिलाएं और चेहरे पर 15 मिनट लगा कर रखें। इसे पानी से धो कर साफ़ कर लें।
  8. कब्ज़ को दूर करें। रात को सोते समय त्रिफला पाउडर का सेवन करें। मुनक्का और किशमिश खाने से भी पेट साफ़ होता है।
  9. जायफल को दूध में घिसकर लगाएं।
  10. मेथी के पत्तों का पेस्ट चेहरे पर लगाएं। इसे चेहरे पर 15 मिनट लगा कर रखें। फिर पानी से धो कर साफ़ कर लें।
  11. तुलसी के पत्तों को साफ़ करके पीस लें। इस पेस्ट को आधे घंटे चेहरे पर लगायें और फिर धो लें।
  12. नीम के पत्तों को साफ़ करके पीस लें। इस पेस्ट को आधे घंटे चेहरे पर लगायें और फिर धो लें।
  13. पुदीने का रस चेहरे पर लगाकर रखें।
  14. पका टमाटर ब्लैकहेड्स पर त्वचा पर लगाएं। 5-10 मिनट लगा आकर रखने के बाद धो लें।
  15. पिम्पल के दाग हटाने के लिए आलू को कद्दूकस कर लें और चेहरे पर लगाएं।
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अगर किशोरावस्था के बाद भी, पिम्पल निकलने जारी रहते हैं तो डॉक्टर से मिलें। कई बार यह शरीर में हार्मोनल असंतुलन को दिखाते हैं, जैसे की PCOD की समस्या। पीसीओडी, पोलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम हैं जिसमें ओवरी के अंदर सिस्ट बन जाते हैं और शरीर में होर्मोन का असंतुलन रहता है।

खाने में भारी भोजन, तेल, खटाई, आदि का सेवन नहीं करें और सुपाच्य भोजन, ताज़े फल और सब्जियों का सेवन करें। पानी दिन में ज्यादा पियें और कुछ एक्सरसाइज़ करें। तनाव कम करने की कोशिश करें और प्राणायाम करें। पिम्पल्स को किशोरावस्था में आप पूरी तरह से अवॉयड नहीं कर सकते। समय के साथ इनका निकलना भी बंद हो जाएगा। कुछ सावधानियां रखें और होमरेमेडीज से इनके निशान चेहरे पर न पड़ने दें। त्वचा पर आयल कम करें और पिम्पल को न छुएं।

Acne or pimple is a skin condition mainly caused due to hormonal changes in body. It is common among teenage boys and girls. It occurs when the skin’s oil glands (sebaceous glands) and hair follicles are clogged. The plugged pores lead to outbreaks of lesions commonly called pimples.

Pimple is most common in adolescents and young adults. 80 percent of all people between the ages of 11 and 30 have acne outbreaks at some point. For most people, acne tends to go away by the time they reach their thirties but some people in their forties and fifties continue to suffer from this.

Acne can occur on the face, neck, back, chest, and shoulders. Severe acne can lead to permanent scarring. Acne is often treated by dermatologists to heal existing lesions, stop new lesions from forming, prevent scarring, and minimize the psychological stress and embarrassment caused by this disease.

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