स्पर्म डोनेशन और स्पर्म डोनर की जानकारी

शुक्राणु दान एक व्यक्ति द्वारा शुक्राणु का दान है, मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल महिलाओं के कृत्रिम गर्भाधान में किया जाता है जिनके यौन साथी नहीं होते हैं या उनके यौन साथी में स्पर्म की कमी या कोई अन्य समस्या होती है।

पुरुषों में स्खलन के दौरान, सफेद रंग के एक तरल का स्राव पेनिस के मूत्र मार्ग से होता है। यह सफ़ेद तरल वीर्य कहलाता है।

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वीर्य को इंग्लिश में सीमन seman या सेमिनल फ्लूइड seminal fluid कहते हैं। यह शिश्न penis के अग्रभाग शिश्न मुंड glans penis से सेक्स के दौरान निकलता है। वीर्य में शुक्राणु होते हैं जिन्हें शुक्र कीट या स्पर्म कहते हैं। वीर्य शुक्राणुओं का पोषण करता है। यह एल्कलाइन होता है। वीर्य की एक बूँद में लाखों शुक्राणु पाए जाते है।

शुक्राणुओं का निर्माण दोनों टेस्ट्स / टेस्टिकल / वृषण testes में होता है जो की स्क्रोटम scrotum में शरीर से थोड़ी दूर पर लटके अवस्था में रहते हैं। स्क्रोटम का तापमान शरीर के तापमान से कम होता है जिससे स्पर्म का निर्माण हो सके। शुक्राणु अत्यंत `ही सूक्ष्म, जीवित पुरुष जनन कोशिकाएं हैं। यह माइक्रोस्कोप के द्वारा हिलते डुलते देखे जा सकते हैं। शुक्र कीट केवल एल्कलाइन / क्षारीय दशा में ही जीवित रह सकते हैं।

शुक्राणु पुरुष के बीज है जो डिम्ब से मिलकर नए जीवन की शुरुआत करते हैं। कुछ पुरुषों में शुक्राणु बहुत कम मात्रा में या निल होते हैं। निल शुक्राणु, निल स्पर्म, शुक्राणुहीनता, नो स्पर्म, वीर्य में शुक्राणु का न होना, टोटल कंसंट्रेशन निल, आदि को मेडिकल भाषा में एजोस्पर्मिया Azoospermia कहते हैं।

जिन पतियों में शुक्राणुओं की समस्या से बच्चा नहीं हो रहा होता लेकिन प्रजनन अंगों की पत्नी में कोई दिक्कत नहीं है तो वे स्पर्म बैंग से स्पर्म लेकर कृत्रिम गर्भाधान की मदद से संतान का सुख पा सकते है। शुक्राणु दान या स्पर्म डोनेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति स्खलन के दौरान जारी द्रव को डोनेट करता है जिससे किसी ज़रूरतमंद दंपति को बच्चा पैदा करने में मदद हो सके।

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इससे पहले कि आप शुक्राणु दान कर सकें, आपकी चिकित्सकीय स्थितियों और अन्य जोखिम कारकों के लिए स्क्रीनिंग की जाती है। शुक्राणु दान के संभावित भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और कानूनी मुद्दों को समझना भी महत्वपूर्ण है।

स्पर्म डोनर कौन होते हैं?

शुक्राणु दाताओं को इंग्लिश में स्पर्म डोनर कहा जाता है। संभावित दाता को आनुवंशिक विश्लेषण के साथ-साथ किसी भी बीमारियों और शारीरिक मूल्यांकन के लिए व्यापक स्क्रीनिंग टेस्ट करना पड़ता है।

स्पर्म डोनर के स्पर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है, यदि:

  • पति के वीर्य मे पर्याप्त शुक्राणु नहीं है।
  • पति को कोई जेनेटिक रोग है, जो बच्चे में जा सकता है।
  • कोई महिला सिंगल मदर बनना चाहती है।

डोनर शुक्राणुओं को एक पतली प्लास्टिक ट्यूब में डाल कर स्त्री के सर्विक्स से अंदर डाला जाता है। ऐसा ओवुलेशन होने के आस-पास करते हैं जिससे महिला कंसीव कर सके। अथवा डोनर स्पर्म का इस्तेमाल करते हुए IVF किया जाता है।

स्पर्म बैंक क्या है?

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शुक्राणु बैंक, स्पर्म बैंक, सीमन बैंक या क्रायोबैंक एक ऐसा स्थान है जो डोनर से प्राप्त स्पर्म को कलेक्ट करता है और स्टोर करता है।

शुक्राणु दान आमतौर पर एक शुक्राणु बैंक में किया जाता है। आप एक निजी कमरे में हस्तमैथुन के माध्यम से कंटेनर में वीर्य का नमूना देते हैं।

स्पर्म डोनर कैसे बनते हैं?

स्पर्म डोनर बनने के लिए निम्न स्क्रीनिंग पूरी करें:

उम्र: अधिकांश शुक्राणु बैंकों ने डोनर की उम्र को 18 से 39 के बीच होने की कहा है। कुछ शुक्राणु बैंकों ने 39 की बजाय 34 की ऊपरी आयु सीमा निर्धारित की है।

मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन: शुक्राणु दान से संबंधित भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक मुद्दों के बारे में मानसिक स्वास्थ्य प्रदाता आप से से बात करेंगे। आपसे पूछा जा सकता है कि क्या आप अपने व्यक्तिगत जानकारी के बारे में चिंतित हैं या जैविक बच्चों के साथ इस जानकारी को साझा करने या उनके साथ भविष्य के संपर्क के बारे में चिंतित हैं।

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यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी बीवी से भी इस बारे में बात की जा सकती है।

वीर्य परीक्षण: इससे पहले कि आप शुक्राणु दान कर सकें, आपको अपने वीर्य के कई नमूनों को देने की आवश्यकता होगी,सेक्स या हस्तमैथुन नहीं करने के प्रत्येक दो से पांच दिनों बाद।

शुक्राणु की मात्रा, गुणवत्ता और गति का विश्लेषण किया जाएगा। यदि आप प्रत्येक नमूना में प्रति मिलीमीटर 15 मिलियन से अधिक शुक्राणु होते हैं, तो आपके फर्टाइल होने की अधिक संभावना है, यदि आपके शुक्राणुओं का सामान्य आकार और संरचना है, और शुक्राणुओं में से 40 प्रतिशत से अधिक आगे बढ़ रहे हैं।

चिकित्सा का इतिहास: चिकित्सा इतिहास जाना जाएगा जो वंशानुगत बीमारी की उपस्थिति के बारे में बताता है। आनुवांशिक रोग होना आपको शुक्राणु दाता होने से अयोग्य घोषित कर सकता है। आपको अपने परिवार की दो पिछली पीढ़ियों के मेडिकल इतिहास के बारे में जानकारी भी प्रदान करनी होगी।

शारीरिक परीक्षा: आपके स्वास्थ्य की पुष्टि करने के लिए आपकी शारीरिक परीक्षा होगी। एक रक्त का नमूना या अन्य नमूने, जैसे कि मूत्र नमूना, संक्रामक बीमारियों, जैसे कि एचआईवी के लिए परीक्षण किया जाएगा अगर आप एक नियमित शुक्राणु दाता बन जाते हैं, तो आपको हर छह महीने में शारीरिक परीक्षाएं होने की आवश्यकता होगी, जिससे आप शुक्राणु दान जारी रखेंगे। आपको अपने स्वास्थ्य में किसी भी बदलाव की रिपोर्ट करने के लिए कहा जाएगा।

आनुवंशिक परीक्षण: रक्त के नमूने का विश्लेषण किया जाएगा कि क्या आप किसी भी आनुवंशिक स्थितियों का वाहक हैं, जैसे कि सिस्टिक फाइब्रोसिस – स्थिति जिसके कारण फेफड़े का गंभीर असर पड़ता है। आपके परिवार के इतिहास या नस्लीय या जातीय पृष्ठभूमि के आधार पर अन्य आनुवांशिक परीक्षण किए जा सकते हैं उदाहरण के लिए, सिकल सेल एनीमिया के लिए स्क्रीनिंग।

व्यक्तिगत और यौन इतिहास: आपको अपनी यौन गतिविधियों, नशीली दवाओं के उपयोग और अन्य व्यक्तिगत जानकारी का एक विस्तृत इतिहास प्रदान करने की आवश्यकता होगी ताकि यह पता चले कि एचआईवी जैसी संक्रामक बीमारी के विकास के लिए आपके पास जोखिम वाले कारक हैं या नहीं। आपको अपनी व्यक्तिगत आदतों, शिक्षा, शौक और रुचियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए कहा जाएगा। आपको खुद के चित्र या वीडियो या अपनी आवाज़ के ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रदान करने के लिए भी कहा जा सकता है।

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डोनर को स्मोक / धूम्रपान नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे DNA डैमेज हो सकता है।

स्पर्म डोनर कौन नहीं बन सकता?

स्पर्म डोनर की बहुत सावधानीपूर्वक स्क्रीनिंगकी जाती है। उनके स्वास्थ्य को लेकर बहुत तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं और टेस्ट दिए जाते हैं। व्यापक शारीरिक मूल्यांकन और सटीक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए कई ब्लड टेस्ट किये जाते हैं।

शरीर में रोग होना या रोगों की संभावना: स्पर्म डोनर में कोई भी अनुवांशिक रोग नहीं होना चाहिए।

  • ड्रग एडिक्ट: किसी भी नशीली वास्तु के सेवन करने वाले व्यक्ति इस काम के लिए योग्य होते हैं।
  • hiv संक्रमित पुरुष: किसी भी सेक्स से होने वाले रोग से पीड़ित व्यक्ति इसके लिए योग्य नहीं है।
  • समलैंगिकता: समलैंगिक पुरुष शुक्राणु दाता नहीं बन सकते।

शुक्राणु दाता की जांच के लिए प्रक्रिया क्या है?

पारिवारिक इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है और इसका मूल्यांकन किया जाता है।

वीर्य विश्लेषण के लिए वीर्य सैंपल लिया जाता है । शुक्राणुओं की गणना दो अन्य महत्वपूर्ण कारकों के साथ की जाती है जैसे शुक्राणु सेल गतिशीलता और सामान्य शुक्राणु आकृति विज्ञान।

मेडिकल और जेनेटिक टेस्ट किये जाते हैं। संभावित शुक्राणु दाता का एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी के लिए कई अन्य संबंधित परीक्षणों के स्पष्ट परिणाम होने चाहिए। एबीओ-आरएच कारक रक्त टाइपिंग भी किया जाता है। एक आनुवांशिक परीक्षण भी यह देखने के लिए किया जाता है कि शुक्राणु सिस्टिक फाइब्रोसिस के लिए एक संभावित वाहक होगा या नहीं।

कोई पुरुष स्पर्म देने के योग्य है कि नहीं इसके क्लीयरेंस सर्टिफिकेट देने में क्लिनिक या शुक्राणु बैंक को आठ सप्ताह से छह महीने का समय लगता है। नियमों के मुताबिक, एक स्पर्म डोनर का स्पर्म 10 सफल गर्भधारण के लिए इस्तेमाल हो सकता है।

स्पर्म कलेक्शन कैसे किया जाता है? शुक्राणु दान की प्रक्रिया क्या है?

  • शुक्राणु दान से पहले, आपको सेक्स या हस्तमैथुन कम से कम दो से पांच दिनों तक नहीं करना चाहिए।
  • स्पर्म डोनर जो स्पर्म देने के योग्य है को एक प्राइवेट रूम में ले जाया जाता है।
  • उसे हस्तमैथुन करके एक स्टेराइल कंटेनर में सीमन को कलेक्ट करने का निर्देश दिया जाता है।
  • सीमन को क्रायोप्रेज़रवेटिव मिला, सील कर लिक्विड नाइट्रोजन में जमा दिया जाता है।
  • सीमन को कम से कम 180 दिनों के लिए क्वारनटाइन में रखा जाएगा। फिर संक्रामक बीमारियों जैसे एचआईवी के लिए फिर से स्पर्म डोनर जा परीक्षण किया जाएगा।
  • यदि सभी परीक्षण परिणाम नकारात्मक वापस आते हैं, तो जमे हुए सैंपल में शुक्राणु की मात्रा, गुणवत्ता और गति का फिर से मूल्यांकन किया जाएगा।
  • कुछ पुरुषों के शुक्राणु दूसरों की तुलना में ठंड प्रक्रिया के दौरान ज्यादा क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
  • अगर आपका शुक्राणु गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है, तो आपको दाता के रूप में चुना जाएगा।
  • ज़रूरत पड़ने पर इस सीमन को महिला को प्रेग्नेंट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • ध्यान रखें कि अधिकांश शुक्राणु बैंक आपके दिए स्पर्म से कंसीव किए गए बच्चों की संख्या सीमित रखते हैं।
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यदि आप का किसी रोग के लिए सकारात्मक परीक्षण आता है, तो आपको सूचित किया जाएगा और इलाज और परामर्श के लिए भेजा जाएगा।

यदि आप शुक्राणु बैंक में वीर्य दान करते हैं, तो आपको प्रत्येक दान के लिए भुगतान किया जाएगा। भुगतान आपके समय और किसी भी संबंधित खर्च के लिए दिया जाता है।

यदि आप शुक्राणु दान पर विचार कर रहे हैं, तो अपने निर्णय के दीर्घकालिक प्रभाव पर विचार करें। सोचें, क्या आप एक बच्चे के जैविक पिता या कई बच्चों के पिता बनने के लिए तैयार हैं जिन्हें आप कभी नहीं मिलेंगे? क्या होगा यदि आपके शुक्राणु दान की मदद से पैदा हुए बच्चे आपसे कभी मिलना चाहे? क्या आप अपने वर्तमान या भविष्य के परिवार को शुक्राणु दान करने के अपने फैसले के बारे में बताएंगे? यदि आप किसी को शुक्राणु दान प्रदान कर रहे हैं, तो संभावित कानूनी मुद्दों पर चर्चा करना सुनिश्चित करें। आप एक कानूनी अनुबंध का मसौदा तैयार करने के लिए वकील की नियुक्ति पर विचार कर सकते हैं जो आपके वित्तीय और अभिभावक अधिकारों और दायित्वों को परिभाषित करता है। शुक्राणु दान से जुड़े कोई भी स्वास्थ्य जोखिम नहीं हैं।

Sperm donation is donation of by a man of his sperms primarily for fertility purposes. Sperm banks collect and store donated sperms.

Sperm donation helps

  • Who want to become single mother
  • Men suffering from sperm deficiency (azoospermia)
  • Men with genetic diseases

Sperm donors should normally be aged between 18 and 41. However in some rare cases a clinic might allow an older donor to donate their sperm if they feel there are unlikely to be any serious consequences. Various health tests are done to test diseases like HIV and Hepatitis, which can take up to six months. If you’d like to donate your sperm you’ll need to find a clinic that’s currently recruiting sperm donors.

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One Comment

  1. Acha h kisi ka gar ka Vans chal sakta h kisi ko banjh sunne ko nahi milega

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