सेक्स लुब्रिकेंट्स Sex and Lubricants

जानिये सेक्स के लिए लुब्रिकेंट्स क्या होता है और इसका इस्तेमाल कब किया जा सकता है, सेक्स लुब्रिकेंट्स कितने प्रकार के होते हैं और क्या इसे हस्तमैथुन के दौरान भी प्रयोग किया जा सकता है, सेक्स लुब्रिकेंट्स के फायदे और नुक्सान क्या हैं, क्या योनी के सूखेपन में इसे इस्तेमाल करना चाहिए?

पर्सनल लुब्रिकेंट्स या ल्यूब्स (स्नेहक) lubes, स्पेशल चिकनाई या सेक्स लुब्रिकेंट्स हैं जिन्हें सेक्स के दौरान इतेमाल किया जा सकता है। इन्हें इंटरकोर्स (vaginal or anal) या हस्तमैथुन के दौरान बहुत से लोग प्रयोग भी करते हैं। चिकनाई का इस्तेमाल करने से सेक्स ओर्गंस के बीच रगड़ कम होती हैं जिससे सेक्सुअल एक्ट में प्लेज़र बढ़ती है और छिलने या दर्द होने का रिस्क कम होता है।

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सेक्स के दौरान, उत्तेजना होने पर योनि प्राकृतिक रूप से गीली होती हैं जिससे पेनिस या शिश्न से घर्षण कम हो और पेनेट्रेशन में दिक्कत न हो। बहुत से कारणों से किसी महिला में वेजाइनल ड्राईनेस हो सकती है जैसे ब्रेस्टफीडिंग, मीनोपॉज या पीरियड शुरू होने के पहले। यदि योनि सूखी रहती है, उससे प्राकृतिक स्राव नहीं होता तो सेक्स करना बहुत अधिक दिक्कत भरा और दर्द युक्त हो सकता है। पर्सनल सेक्स लुब्रिकेंट्स को योनि सेक्स या गुदा सेक्स / ऐनल में इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुप्तांगों पर लगाने के लिए वाटर बेस्ड ल्यूब प्रयोग के सबसे सही माने जाते हैं क्योंकि वे पतले होते हैं, चिकनाई देते हैं और त्वचा से नमी निकालते नहीं है। सिलिकॉन बेस्ड ल्यूब सेक्सुअल प्ले के दौरान गुप्तांगों को छोड़कर अन्य अंगो पर मालिश के लिए लगा सकते हैं। लुब्रिकेंट को वाटर बेस्ड होना चाहिए यदि यह कंडोम के साथ यह इस्तेमाल किया जाना हों।

ध्यान रखें ल्युब में केमिकल होते हैं। इसलिए ज़रूरी नहीं है तो इनका इस्तेमाल नहीं करें। इनके प्रयोग से इन्फेक्टेड पार्टनर से स्वस्थ्य पार्टनर में हर्पीस होने के रिस्क बढ़ सकते हैं।

कुछ महिलाओं में इसके प्रयोग से इरीटेशन हो सकती है. सब सोच विचार करके ही एक उपयुक्त ल्यूब का चुनाव करें।

पर्सनल सेक्स लुब्रिकेंट्स / व्यक्तिगत स्नेहक किन प्रकार का होता है?

व्यक्तिगत स्नेहक Personal lubricants तीन प्रकार का होता है:

  • वाटर बेस्ड या ग्लिसरीन के साथ या बिना ग्लिसरीन के पानी आधारित Water-based with or without glycerine
  • सिलिकॉन-आधारित Silicone-based
  • तेल आधारित Oil-based
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वाटर बेस्ड स्नेहक Water-based with or without glycerin

वाटर बेस्ड स्नेहक सबसे सुरक्षित स्नेहक माना जाता है। ये धोने में आसान होते हैं और त्वचा को आमतौर पर इरीटेट नहीं करते। लेकिन इस्तेमाल के दौरान यह जल्दी सूख dries up fast जाते है। जिन औरतों को योनि में यीस्ट अधिक होता हो उन्हें ग्लिसरीन वाला वाटर बेस्ट ल्यूब नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। योनि संक्रमण की संभावना ग्लिसरीन वाले उन ल्यूबों से ज्यादा होती है क्योंकि वे संभवतः चीनी होने से वे खमीर के बनने को प्रोत्साहित कर सकते हैं।

सिलिकॉन-आधारित ल्यूब Silicone-based

सिलिकॉन – आधारित ल्यूब सेक्स के दौरान ज्यादा समय तक चलते हैं और सभी कंडोम (लेटेक्स) के साथ प्रयोग करने में सुरक्षितया (पॉलीयुरेथेन) हैं।

बहुत से लोगों को सिलिकॉन बेस्ड चिकनाई, पानी आधारित या आयल आधारित चिकनाई से अधिक अच्छी लगती है। सिलिकॉन आधारित चिकनाई गुदा संभोग के लिए अच्छा विकल्प है।

Silicone-based lube is a good choice for anal intercourse.

हालांकि, कुछ महिलाओं के अनुसार सिलिकॉन आधारित ल्यूब से जलन होती है यदि योनी को सेक्स के तुरंत बाद धोया नहीं जाता।

तेल आधारित स्नेहक Oil-based lubricants

हस्तमैथुन के लिए ठीक है, लेकिन सेक्स के लिए सही नहीं है। तेल अंगों पर कोटिंग छोड़ देता है। मलाशय या योनि पर लगा रह जाने पर यह बैक्टीरिया या अन्य संक्रमणों का रिस्क बढ़ा देता है।

आयल बेस्ड ल्यूब कंडोम, दस्ताने, डायाफ्राम और अन्य लेटेक्स उत्पादों, को ब्रेक कर सकता है।

वाटर बेस्ड ल्यूब Water based lubricant क्यों बेहतर हैं?

स्नेहक जो पानी आधारित होते हैं उन्हें वाटर बेस्ड स्नेहक के रूप में जाना जाता है। जल आधारित व्यक्तिगत स्नेहक पानी में घुलनशील हैं और यह सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाला व्यक्तिगत स्नेहक है। ल्यूब पानी, ग्लिसरीन, तेल, पेट्रोलियम, या सिलिकॉन से बने हो सकते हैं तथा पानी ल्यूब या वाटर बेस्ड चिकनाई आमतौर पर सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि

  • यह कंडोम के साथ प्रयोग करने में सुरक्षित है।
  • यह आसानी से धोया जाता है।
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यदि वाटर बेस्ड ल्यूब नहीं है तो इसे धोना कठिन है। ऐसे में आयल या सिलिकॉन से संक्रमण होने का अधिक जोखिम हो। इस तरह की चिकनाई के रह जाने पर बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है जिससे बदबूदार डिस्चार्ज होने लग सकता है।

शरीर के किसी भी हिस्से पर लगा हुआ ल्यूब जो वाटर बेस्ड है कपड़े नहीं खराब करता और इसे आसानी से साबुन और पानी के इस्तेमाल से हटा सकते हैं।

वाटर बेस्ड ल्यूब सिलिकॉन से बने वाइब्रेटर को ख़राब नहीं करता।

क्योंकि यह त्वचा द्वारा वाष्पित और अवशोषित होते हैं और इसलिए वाटर बेस्ड ल्यूब की प्रयोग के दौरान इनकी सूखने की प्रवृत्ति होती है, लेकिन स्नेहक पर पानी या लार के लगाने देने पर यह सक्रिय हो जाते हैं।

यदि बार-बार यीस्ट संक्रमण होता हो तो ग्लिसरीन के बिना बनाया गया पानी आधारित उत्पाद का उपयोग करें क्योंकि ग्लिसरीन में पायी जाने वाली शर्करा, यीस्ट की संख्या को बढ़ा देती है।

क्या मॉइस्चराइजिंग लोशन सेक्स के दौरान इस्तेमाल कर सकते हैं?

मॉइस्चराइजिंग लोशन का उपयोग नहीं तो बेहतर है क्योंकि इनमें अवांछित रसायन हो सकते हैं, जो योनि या गुदा से शरीर के अंदर जा सकते हैं।

पर्सनल लुब्रिकेंट्स कब इस्तेमाल किये जाते हैं?

पर्सनल सेक्स लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल चिकनाई देने के लिए होता है। यह चिकनाई शरीर के किसी भी हिस्से पर लगाए जाने के लिए सेफ है। इसे योनि, गुदा, पेनिस शाफ़्ट, स्तनों या कहीं और भी लगाया जा सकता है। इस तरह के ल्यूब का उद्देश्य सेक्स के दौरान आनंद और उत्तेजना को बढ़ाना है।

  • ओरल सेक्स के दौरान
  • कंडोम के साथ
  • गुदा संभोग के दौरान
  • मालिश के लिए
  • योनि का सूखापन
  • योनि संभोग
  • हस्तमैथुन करते समय

महिला हस्तमैथुन या सेक्स के फोरप्ले के दौरान वाइब्रेटर के इस्तेमाल, के समय चिकनाई के लिए ल्यूब का इस्तेमाल कर सकती है।

इन ल्यूब को योनि, स्तन, गुदा आदि पर लगा कर मालिश कर फोरप्ले को अधिक उत्तेजक बनाया जा सकता है। ओरल सेक्स के समय भी इसे पेनिस शाफ़्ट आर लगा सकते है जिससे चिकनाई बनी रहे।

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योनि संभोग vaginal intercourse के दौरान ल्यूब को योनि, पेनिस, या कंडोम पर लगा सकते हैं।

गुदा या ऐनल सेक्स anal intercourse के दौरान, ल्यूब का प्रयोग एक्ट को आसान बना सकता है क्योंकि गुदा से किसी प्रकार की प्राकृतिक चिकनाई नहीं निकलती। गुदा में ऐसी कोई ग्रन्थि नहीं होती जिससे अपने आप गीला स्राव हो। ऐसे में बिना ल्यूब के गुदा सेक्स करना कठिन, दर्द भरा और चोट का कारण बन सकता है।

सेक्स लुब्रिकेंट्स कैसे लगाएं?

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  • प्रोडक्ट से कुछ मात्रा में ल्यूब लें।
  • इसे हाथ पर लेकर या डायरेक्ट ही गुप्तांगों पर या जहाँ लगाना हो, अप्लाई करें।
  • इसे एरेक्टेड पेनिस पर लगे कंडोम के बाहर की तरफ लगाएं।
  • इसे योनि या गुदा सेक्स के दौरान चिकनाई के लिए प्रयोग करें।
  • आँखों से इसका कांटेक्ट नहीं होने दें।
  • यदि जेली लगाने से जलन हो तो इसे इस्तेमाल नहीं करें।

सेक्सुअल इंटरकोर्स वो रास्ता है जो स्त्री और पुरुष को जोड़ता है। रेगुलर और आनंददायक सेक्स शादी को मजबूती देता है। इसे करने में पति-पत्नी को झिझक नहीं होनी चाहिए। यदि पत्नी योनि के सूखेपन Vaginal Dryness से परेशान है तो पति को चाहिए कि पहले इस समस्या को सुलझाए और किसी अच्छे ल्यूब का इस्तेमाल करे। योनि की ड्राईनेस है और सेक्स करते हैं तो दर्द होता है और महिला सेक्स से ही कतराने लगती है। इसलिए समस्या को समझें और किसी अच्छे ल्यूब का इस्तेमाल करें।

सेक्स लुब्रिकेंट्स के कुछ नाम

  • Johnson & Johnson K-Y Lubricating Jelly 82gm Price: 286.00
  • Moods natural lubes – 60 ml Rs. 260
  • Moods warm lubes – 60 ml Rs. 260
  • Moods cool lubes – 60 ml Rs. 260
  • Durex play tingle 50 ml
  • Durex play massage 2in1 sensual intimate lube
  • Durex Play Lubricant Gel – Saucy Strawberry 50ml
  • Lubrigel M.R.P.: 400.00
  • Durex Play Massage 2 in 1 Stimulating Lubricant (200 ml)  ₹ 650
  • Carex – Lubricating Jelly Cooling 60gm Price: 399.00 आदि।
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वार्मिंग उत्पादों warming products से सावधान रहें, जैसा कि वे कुछ लोगों में जलन पैदा कर सकते हैं।

K-Y jelly का कम्पोजीशन क्या है?

water, glycerin, hydroxyethylcellulose, chlorhexidine gluconate, gluconolactone, methylparaben, and sodium hydroxide

Durex Play Lubricant Massage 2 in 1 का कम्पोजीशन क्या है?

Aqua, Propylene Glycol, Hydroxyethyl Cellulose, Benzoic Acid, Aloe Barbadensis Leaf Juice, Sodium Saccharin, Sodium Hydroxide.

Sex lubricants or personal lubricant are used during sex acts. Lubrication reduces the friction between organs, increases the sexual pleasure and helps to achieve better satisfaction. Lubrication is especially in vaginal dryness and anal sex.

Vagina is naturally moisturized and wet. But in some cases women suffer from vaginal dryness such as during breastfeeding, using oral contraceptives, or after menopause. In such cases, lube should be used.

Lube is essential for anal intercourse as, unlike the vagina, the anus has no natural lubrication. Condoms prevent pregnancy and give protection against sexually transmitted infections (STI). But proper lubrication, condoms can break due friction. Application of lube reduce friction (skin on skin, latex on skin, etc.) and add pleasurable sensations to sexual activity. Reduced friction helps to lessen the likelihood of a condom break, prevent irritation, chafing, or breakage of the skin. But with condoms water based lubricants should be used.

In case of male condom, lubricant should not be applied to the shaft of the penis directly. It should be applied outside of the condom to facilitate the comfort of the receptive partner during penetration.

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