संभोग: क्या है, कैसे किया जाता है

जानिये संभोग क्या होता है और यह कैसे किया जाता है, सम्भोग करना क्यों जरूरी होता है?

संभोग को सेक्सुअल इंटरकोर्स, मैथुन, सेक्स आदि के नाम से जानते हैं, यह स्त्री-पुरुष के द्वारा किया जाने वाले बहुत ही व्यक्तिगत काम है। यह पुरुष और स्त्री के द्वारा साथ में किया गया आनंददायक भोग (सम्भोग) है।

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सम्भोग स्त्री-पुरुष के साथ आनद के लिए की जानी वाली काम क्रीडा ही नहीं है अपितु इसको करने से नए जीवन की शुरुआत होती है। यह पति-पत्नी के रिश्ते की बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है। यह ज़रूरी हैं कि इसको करने के लिए दोनों पार्टनर तैयार हों और इसका पूरा आनंद लें। इसलिए, यह आवश्यक है कि दोनों का मूड सही हो और दोनों यौन रूप से उत्तेजित हों। उत्तेजना को बढ़ाने में फोरप्ले करना अहम है। बिना अच्छे फोरप्ले के चरम को पाना मुआश्किल हो सकता है।

Sexual intercourse, or coitus or copulation, is principally the insertion and thrusting of the penis, usually when erect, into the vagina for sexual pleasure, reproduction, or both. This is also known as vaginal intercourse or vaginal sex.

संभोग कैसे होता है?

संभोग में पुरुष अपने इरेक्ट पेनिस को महिला की योनि में डालता है। यह धीरे-धीरे किया जाना चाहिए ताकि महिला को बहुत परेशानी न हो। कुंवारी लड़की में, पहला सेक्स बेहद दर्दनाक हो सकता है, और इसलिए उस दिन ल्यूब क्रीम लगाकर कुछ हद तक यह असुविधा कम हो सकती है।

पेनिस के योनि में जाने पर इसे लयबद्ध गति से पुरुष द्वारा आगे-पीछे किया जाता है जब तक दोनों पार्टनर अपने ओर्गास्म तक नहीं पहुंचते। चरम जननांग क्षेत्र से शुरू होता है और पूरे शरीर में फ़ैल सा जाता है।

पुरुष में, संभोग आमतौर पर वीर्य के निर्वहन के साथ पूरा होता है। महिला में, योनि से एक सफेद निर्वहन होता है और फिर योनि की मांसपेशीयाँ रिलैक्स हो जाती है। चरम तक पहुँचने पर पुरुष का लिंग फिर से शिथिल हो जाता है और योनि से आसानी से बाहर आता है।

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सेक्स करने वाले कपल को गर्भनिरोधक उपकरणों के बारे में पता होना चाहिए जो उपलब्ध हैं। कंडोम या गर्भनिरोधक गोलियों की सहायता से अवांछित गर्भावस्था से बचा जा सकता है, जिसके लिए डॉक्टर से परामर्श किया जाना चाहिए। सुरक्षित सेक्स का अर्थ है सेक्स के दौरान सावधानियां लेना जिससे आप यौन संचारित बीमारी (एसटीडी) से बच सकें। इन रोगों में जननांग हर्प्स, जननांग वार्ट, एचआईवी, क्लैमिडिया, गोनोरिया, सिफलिस, हेपेटाइटिस बी और सी तथा अन्य शामिल हैं।

क्या पेनिस का साइज़ मैटर करता है?

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सेक्स में आनंद के लिए पेनिस का साइज क्या होना चाहिए, यह प्रश्न बहस का मुद्दा हो सकता है। इसके बारे में अलग-अलग लोगों की अलग राय हो सकती है। कुछ पुरुषों को इसको लेकर बहुत एंग्जायटी रहती है जो उनकी सेक्स लाइफ को एफेक्ट कर सकती है।

पेनिस के आकार को लेकर कुछ तथ्य और फैक्ट्स इस प्रकार हैं:

किसी महिला के लिए केवल पेनिस का साइज़ ही सब कुछ नहीं है। उसे अपने पार्टनर से कितना प्यार और उसके लिए कितना समपर्ण है यह मायने रकहता है।

पेनिस का साइज़ छोटा होने पर भी पुरुष के पिता बनने की सम्भावना कम नहीं हो जाती।

पुरुष का अपनी स्त्री के लिए प्यार और केयर करना महत्वपूर्ण है।

यौन संभोग के लिए पेनिस के आकार से पुरुषों में चिंता हो सकती है जिससे उन्हें सेक्स के दौरान पूरा आनंद नहीं मिल पाता है। महिला के लिए चरम पाने के लिए पेनिस का साइज़ बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता। चरम को अच्छे फोरप्ले, क्लाइटोरिस को सहला कर और ओरल सेक्स के द्वारा भी पाया जा सकता है। जननांगों को हाथ से उत्तेजित करने से भी समान रूप सेक्स चरम मिल जाता है।

यौन संभोग के लिए कोई आदर्श पेनिस आकार नहीं है। पेनिस बढ़ा हो या छोटा, काम सभी का एक ही है। अगर कोई इसके साइज़ को ही सब कुछ मानता है तो यह गलत है। हर पुरुष को अपना पेनिस दूसरों से छोटा लगता है। बढ़ा पेनिस किसी भी तरह अच्छे सेक्स की गारंटी नही देता। उलटे कई बार बड़ा पेनिस महिला की योनि में जाते हुए सर्विक्स तक जा सकता है जिससे दर्द, सूजन आदि की समस्या हो सकती है। इसलिए यह भ्रान्ति निकाल दें कि बड़ा पेनिस ही बेहतर है। इससे अपने सेक्स जीवन पर बुरा असर नहीं होने दें। पति या पत्नी किसी की भी एक दूसरे के प्रति निगेटिवटी संबंधों को खराब कर सकती है और कम से कम इस तरह के फैक्टर के लिए तो ऐसा कतई नहीं किया जाना चाहिए। एक दूसरे को प्यार करें और समपर्ण रखें यही अच्छे संबंधों के लिए ज़रूरी है बाकि सभी कुछ सुपरफिशियल है।

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