कम एमनियोटिक द्रव Oligohydramnios का लक्षण और उपचार

कम एमनियोटिक द्रव गर्भावस्था की क्या समाया है और क्या कम एमनियोटिक द्रव का कारण बनता है और इसका लक्षण क्या होता है, अगर किसी को एमनियोटिक द्रव की कमी है तो उसे कैसे उपचार करना चाहिए?

ऑलिगोहाइड्रमनिओस (Oligohydramnios) में गर्भस्थ शिशु के आसपास सामान्य से कम एमनियोटिक द्रव Amniotic fluid होता है।

गर्भधारण के लगभग 12 दिनों के बाद एमनियोटिक द्रव का उत्पादन शुरू होता है। एमनियोटिक द्रव के कई काम हैं। यह बच्चे को सपोर्ट करता है, उसके अंगों, फेफड़े और पाचन अंग के विकास में सहायता करता है। यह बच्चे को शॉक से बचाता है और शरीर का उचित तापमान बनाए रखने में सहायता करता है। एमनियोटिक द्रव पहली बार पानी से बना होता है जो माँ से शिशु में जाता है, और इसके लगभग 20 सप्ताह बाद यह मुख्य रूप से भ्रूण के मूत्र का बना होता है।

एमनियोटिक द्रव का उत्पादन बच्चे के किडनी द्वारा किया जाता है। यह तरल लगातार बच्चे के फेफड़ों में और पेट में आता-जाता रहता है। बच्चे के पेट में पचने के बाद यह किडनी के द्वारा निकाल दिया जाता है और पेशाब से बाहर आ जाता है। इस प्रकार फिर से यह बच्चे के नाक और मुंह से शरीर में फिर चला जाता है।

ऑलिगोहाइड्रमनिओस (कम एमनियोटिक द्रव) क्या होता है?

लगभग 8% गर्भवती महिलाओं में अम्नीओटिक तरल पदार्थ का लेवल कम हो सकता है और ऐसी लगभग 4% महिलाओं में ऑलिजिओहाइड्रमनिओस हो सकता है।

ऑलिगोहाइड्रमनिओस गर्भ में बहुत कम एम्नोयोटिक द्रव होने की स्थिति है। डॉक्टर कुछ अलग-अलग तरीकों के माध्यम से तरल पदार्थ की मात्रा को माप सकते हैं, जो आमतौर पर एमनियोटिक द्रव इंडेक्स (एएफआई) के रूप में दिखाया जाता है।

अगर एएफआई 5 सेंटीमीटर से कम (या 5 वें प्रतिशतक से कम) या 32-36 सप्ताह गर्भावस्था में 500 मिली लीटर से कम का तरल पदार्थ दिखाता है तो ओलिगोहाइड्रमनिओस का संदेह हो सकता है।

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यह गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय हो सकता है, लेकिन यह अंतिम तिमाही के दौरान सबसे ज्यादा होता है।

अगर गर्भावस्था एक्सपेक्टेड डेलीवेरी डेट से दो सप्ताह या इससे अधिक की हो जाती है तो कम अमीनोइटिक तरल पदार्थ के स्तर का खतरा हो सकता है क्योंकि 42 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद वह तरल पदार्थ आधे से कम रह जाता है।

लगभग 12% गर्भावस्था जो 41 हफ्तों से ज्यादा की हो जाती हैं, में यह स्थिति देखी जा सकती है।

यह गर्भावस्था में जटिलताओं का कारण बन सकती है।

कम एम्नियोटिक द्रव (ऑलिगोहाइड्रमनिओस) का क्या कारण होता है?

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ऑलोगोहाइड्रमनिओस (Oligohydramnios) जन्म दोष, प्लेसेंटल समस्याओं, झिल्ली का लीक या टूटना, 42 हफ्तों से अधिक की प्रेगनेंसी में हो सकता है।

भ्रूण में समस्या

शिशु में गुर्दे या मूत्र पथ के विकास के साथ समस्याएं हो सकती हैं जिससे मूत्र के उत्पादन में कमी आ सकती हैं, जिससे अम्नीओटिक द्रव कम हो जाता है।

  • क्रोमोसोमल कारक Chromosomal factors
  • जन्मजात कारक Congenital factors
  • अंतर – गर्भाशय वृद्धि अवरोध Intrauterine growth restriction
  • ट्विन-टू-ट्विन ट्रान्सफ्यूजन सिंड्रोम (मोनोकोरियोनिक जुड़वाँ)

महिला में समस्या

प्लेसेंटल समस्याएं

यदि प्लेसेंटा बच्चे को पर्याप्त रक्त और पोषक तत्व प्रदान नहीं कर रहा है, तो बच्चा द्रव को रीसाइक्लिंग रोक सकता है।

झिल्ली का लीक होना या टूटना

झिल्ली का लीक होने या टूटने से अम्निओटिक द्रव कम होने लगता है।

42 हफ्तों से अधिक की गर्भावस्था

गर्भावस्था जो 42 हफ्तों से अधिक की हो जाती है, में एमनियोटिक तरल पदार्थ कम हो सकता है।

कम एमनियोटिक द्रव (Oligohydramnios) का निदान (जांच) कैसे करते हैं?

चिकित्सक किसी भी भ्रूण की असामान्यताओं का पता लगाने के लिए कई नैदानिक ​​परीक्षणों का आदेश दे सकता है, जबकि मां को किसी भी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में पूछा जा सकता है। अल्ट्रासाउंड निदान की पुष्टि करने में मदद करता है।

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एएमआईओटिक द्रव वाल्यूम (एएफवी) को मापने के लिए कई तरह के परीक्षण उपलब्ध हैं, एम्निओटिक फ्लुइड इंडेक्स (एएफआई) सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया है।

अधिकतम ऊर्ध्वाधर पॉकेट (एमपीवी) टेस्ट, डॉक्टरों को गर्भाशय के गहरे हिस्से में एमनियोटिक द्रव स्तर की जांच करने की अनुमति देती है।

कम एमनियोटिक द्रव से क्या नुकसान हो सकते हैं?

भ्रूण में मांसपेशियों, अंग, फेफड़े, और पाचन तंत्र के विकास के लिए एम्नियोटिक द्रव आवश्यक है।

दूसरी तिमाही में, बच्चे को अपने फेफड़ों के विकास और परिपक्व होने में मदद करने के लिए इस तरल पदार्थ को सांस लेने और निगलना शुरू होता है। एम्नियोटिक तरल पदार्थ बच्चे की मांसपेशियों और अंगों को विकसित करने में मदद करता है।

ऑलिगोहाइड्रमनिओस (कम एमनियोटिक द्रव) कब हुआ है, इसपर नुकसान निर्भर हैं।

यदि गर्भावस्था के शुरू में ऑलिजिओहाइड्रमनिओस (Oligohydramnios) का पता लगाया जाता है, तो जटिलताएं और अधिक गंभीर हो सकती हैं और इसमें शामिल हैं:

भ्रूण के अंगों का दब जाना जिससे बच्चे में जन्म दोष हो सकते हैं।

गर्भपात

यदि गर्भावस्था के बाद के भाग में ऑलिजिओहाइड्रमनिओस (Oligohydramnios) का पता लगाया जाता है, तो जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं:

  • इंट्राब्रिएरीन ग्रोथ रेस्ट्रिक्शन (आईयूजीआर)
  • समयपूर्व पहले जन्म
  • प्रसव के दौरान जटिलतायें जैसे नाल का दब जाना , मेकोनियम का एम्नियोटिक तरल में जाना
  • सिजेरियन डिलीवरी

कम एम्नियोटिक द्रव (Oligohydramnios) है तो क्या उपचार उपलब्ध हैं?

कम एमनियोटिक द्रव के निम्न स्तर के लिए उपचार गर्भावधि पर आधारित है।

जिन महिलाओं में स्वस्थ गर्भावस्था है, उनमें हल्के oligohydramnios प्रेगनेंसी में बाद में होने से किसी भी उपचार की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में, डॉक्टर भ्रूण की हृदय गति, फेफड़ों विकास के साथ-साथ बच्चे की मूवमेंट पर बारीकी से अल्ट्रासाउंड और अन्य इसी तरह के परीक्षण का उपयोग पर नज़र रखते है। प्रसव सबसे उपयुक्त प्रबंधन विकल्प है यदि गर्भावस्था के आखिरी चरण में ओलिगोहाइड्रमनिओस होता है। यदि गर्भावस्था पूरी हो गई है तो डेलिवेरी कराई जानी चाहिए।

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यदि आप गर्भावस्था पूरी नहीं हुई है तो आपका डॉक्टर तरल के लेवल को मॉनिटर करेंगें। आपके बच्चे की गतिविधि पर नजर रखने के लिए टेस्ट जैसे नॉन स्ट्रेस और कॉन्ट्रैक्शन टेस्ट किया जा सकता है।

प्री-टर्म ओलिगोहाइड्रमनिओस के अधिक गंभीर मामलों में निम्नलिखित उपचार उपायों की आवश्यकता हो सकती है:

Amnioinfusion

एक अंतर्गर्भाशयी कैथेटर के माध्यम से लेबर के दौरान एम्निओ डाला जा सकता है । यह अतिरिक्त द्रव प्रसव के दौरान गर्भनाल के चारों ओर पैडिंग में मदद करता है जिससे नार्मल प्रसव कराया जा सके।

द्रव इंजेक्शन

अमीनोसेंटिस के माध्यम से प्रसव से पहले द्रव का इंजेक्शन दिया जा सकता है। लेकिन अक्सर यह स्थिति एक सप्ताह बाद फिर हो सकती है।

री-हाइड्रेशन

गर्भवती महिला के अधिक तरल पदार्थ लेने से या IV द्रवों के साथ रीहाइड्रेशन से एम्नियोटिक द्रव स्तरों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बिस्तर पर आराम

मां को पूरी तरह से बिस्तर आराम करने की सलाह देते हुए उचित हाइड्रेशन के साथ-साथ, उसके इंट्रावस्कुलर स्पेस को बढ़ाकर अमीनोटिक द्रव उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायता करता है।

पहली तिमाही के दौरान होने वाली गंभीर मामलों में गर्भावस्था का समापन Termination of pregnancy केवल एकमात्र विकल्प हो सकता है।

ऑलिगोहाइड्रमोनियस (oligohydramnios) को कैसे रोकें?

अज्ञात मामलों में रोकथाम संभव नहीं है हालांकि, कुछ उपाय करने से इसके जोखिम कम हो सकते हैं:

  • कोई दवा जैसे विटामिन या हर्बल आहार लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।
  • डायबिटीज को सही से नियंत्रित करें।
  • निर्जलीकरण को रोकने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं।
  • नियमित व्यायाम करें।
  • धूम्रपान नहीं करें।
  • किसी भ्रूण विकृति का पता लगाने के लिए नियमित चेक-अप के लिए चिकित्सक से मुलाकात करें।

Oligohydramnios is defined as an abnormal condition of lack of amniotic fluid (fluid surrounding the baby in the uterus) during pregnancy.

This condition is opposite to polyhydramnios, characterized by excessive amniotic fluid levels.

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In many cases the exact reason for this condition is not known (idiopathic). The problem can be from fetus or mother side. Absence of the kidney or any other kidney abnormality (renal agenesis, polycystic kidney) in the baby can reduce urine production. Placental abnormalities, like a partial abruption, reduces the supply to fetus and thus amniotic fluid.  Leaky or Ruptured Amniotic Membranes causes loss of fluid leading to Oligohydramnios. In women carrying twins or multiples fetus are at a higher risk of low amniotic fluid levels.

Signs of low amniotic fluid levels during the first or second trimester may indicate some fetal abnormalities.

Oligohydramnios Treatment and Management involves Amnioinfusion, Vesico-Amniotic Shunts, Fluid Injections, Maternal Re-Hydration and Bed Rest.

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