एपीसीओटॉमी Episiotomy क्या होती है

एपीसीओटॉमी को पेरीनिओटमी के रूप में भी जाना जाता है, यह एक परिधीय शल्य चिकित्सा चीरा है और आमतौर पर प्रसव के दूसरे चरण के दौरान एक दाई या प्रसूति द्वारा किया जाता है जो बच्चे की जल्दी डिलीवरी के लिए योनी जे फैलाव को बढ़ाती है।

प्रसव के दौरान मूलाधार (पेरिनियम) में शल्य चीरा लगाने को एपीसीओटॉमी कहा जाता है। इस सर्जिकल चीरे से योनि को और फैलने में मदद होती है और शिशु जन्म आसान होता है। यह वैजाइनल डिलिवरी के दौरान किया जाता है। यह करना हमेशा ज़रूरी नहीं होता। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितयों में यह करना अनिवार्य हो जाता है जैसे जब शिशु बर्थ कैनाल में अटक रहा है और उसे जल्द से जल्द निकालना ज़रूरी है जिससे उसे ऑक्सीजन की कमी नहीं हो जाए।

यह निर्णय अक्सर डिलीवरी के दौरान किया जाता है। एपीसीओटमी होने के कुछ जोखिम हैं। इससे ब्लीडिंग हो सकती है, दर्द-कट और टांके संक्रमित हो सकते हैं। जन्म के बाद कुछ महीनों के लिए सेक्स में दर्द हो सकता है।

एपिसिओटमी करने का निर्णय प्रसव के दौरान लिया जाता है और यदि डॉक्टर को लगता है यह जरुरी है तो आप इसे रोक नहीं सकती। इसलिए आपको बाद में होने वाली देखभाल के बारे में पता होना चाहिए जिससे इसमें इन्फेक्शन नहीं हो और यह जल्दी ठीक हो जाए।

एपीसीओटॉमी क्या है? एपिसिओटमी किसे कहते हैं?

एपिसिओटमी एक छोटी सी शल्य चिकित्सा होती है जो कि प्रसव के दौरान योनि की ओपनिंग को चौड़ा करती है। यह पेरिनियम में कट लगा कर होती है। पेरिनियम – योनि छेद और गुदा के बीच की त्वचा और मांसपेशियों को कहते हैं।

क्या एपीसीओटमी बिल्कुल आवश्यक है?

नहीं, ऐसा हर केस में नहीं होता। एपीसीओटमी को पेरिनियल मालिश करके बचाया जा सकता है। वास्तव में, एपीसीओटॉमी केवल 20% योनि जन्मों में ही किया जाता है।

पेरिनियल मालिश में पेरिनेम (अपनी योनि के आस-पास का क्षेत्र) को मालिश करना शामिल है और यह लगभग 34 सप्ताह की गर्भावस्था पर शुरू कर देना चाहिए। दैनिक पेरिनियल मालिश क्षेत्र से योनि के फैलाने की क्षमता को बढ़ती है, जिससे एपीसीओटमी की कम आवश्यकता होती है और फटने के आसार कम होते हैं।

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एपिसीओटॉमी के टांके को पूरी तरह से ठीक करने के लिए कितना समय लगता है?

आमतौर पर यह बच्चे के जन्म के एक महीने के अंदर ठीक हो जाता है। एपिसीओटॉमी के हिस्से में दर्द जन्म के 2-3 सप्ताह के बाद रह सकता है। ज्यादातर घुलनशील टाँके एक या दो सप्ताह के भीतर टूटना शुरू करते हैं। हालांकि, टाँके पूरी तरह से गायब होने में कई महीनों लग सकते हैं।

प्रसव के दौरान टीयर tear क्या है?

प्रसव के दौरान टीयर tear, पेरिनियम के (योनि और गुदा के बीच का क्षेत्र) के फट जाने को कहते हैं।

क्या एपीसीओटमी होने की तुलना में स्वाभाविक रूप से पेरिनियम का टूटना बेहतर है?

हाँ। शोध अध्ययनों से पता चला है कि एक सहज टीयर आमतौर पर कम समय में ठीक हो जाता है और उन लोगों की तुलना में कम जटिलताएं होती हैं जिनकी एपीसीओटमी की जाती है।

किन परिस्थितियों में एपीसीओटमी की आवश्यकता होगी?

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निम्नलिखित कारणों से एपीसीओटमी की आवश्यकता हो सकती है:

  • प्रसव जल्दी कराना है और पेरेनियम के फैलने का टाइम नहीं है।
  • बच्चा अटक रहा है।
  • बच्चे का सिर बहुत बड़ा है।
  • बच्चे के सिर या कंधे को रुकावट हो रही है।
  • बच्चा डिस्ट्रेस में है।
  • बच्चे को बाहर लाने में मदद करने के लिए उपकरण (संदंश या वैक्यूम चिमटा) की आवश्यकता है।
  • बच्चा ब्रीच स्थिति (पैर या नितंबों पहले आ रहा है) में है।
  • वैजाइनल डिलिवरी में दिक्कत आ रही है।

एपीसीओटमी कैसे किया जाता है?

स्थानीय एनेस्थेटिक का उपयोग करने के लिए आवश्यकता होती है जिसे pudendal ब्लॉक कहा जाता है । Mediolateral कट नीचे की और angled करते हैं और, योनि से दूर और मूलाधार की मांसपेशियों में कट लगाते हैं।

मैं एपीसीओटॉमी की आवश्यकता को कैसे रोक सकती हूं?

  • अच्छा पोषण-स्वस्थ त्वचा देता है जिससे चमड़ी अधिक आसानी से फैल सकती है!
  • केगल का अभ्यास Kegels (पैल्विक की मांसपेशियों के लिए व्यायाम) करके।
  • लेबर के सेकंड स्टेज को धीरे धीरे आगे बढ़ा कर।
  • पेरिनेम मालिश तकनीक का उपयोग करें।
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क्या एपीसीओटॉमी हानिकारक हो सकती है?

एपीसीओटॉमी के निम्नलिखित संभावित दुष्प्रभाव है:

  • लगाए गए कट से बहुत दर्द होना, बैठने और उठने में दिक्कत होना
  • दर्द के लिए दवाएं खाना
  • संक्रमण
  • चोट
  • सूजन
  • ब्लीडिंग
  • ठीक होने में समय लग्न
  • स्कार्रिंग होना
  • पेशाब रोकने में दिक्कत
  • योनि से गुदा तक की त्वचा का शेप बिगड़ जाना

एपिसीओटॉमी के कट के लिए कुछ दर्द से राहत के विकल्प क्या हैं?

  • आप दर्द को कम करने में मदद करने के लिए निम्न समाधानों में से कुछ का प्रयास कर सकते हैं।
  • परिनियम पर कोल्ड पैक लगा कर ।
  • सिस्टज़ बाथ-गर्म पानी से घाव को कवर करने से आराम हो सकता है।
  • दवा वाले पैड लगाकर।
  • सेक्स के दौरान स्नेहक का प्रयोग करें।
  • बहुत दर्द में डॉक्टर द्वारा निर्देशित सूजन-दर्द दूर करने वाली दवा जैसे ब्रुफेन लेकर।

Episiotomy (Labor – episiotomy; Vaginal delivery – episiotomy) is a surgical cut in the perineum, area between the vagina and the anus.

Episiotomy is done to prevent severe perineal tears, but now many doctors do it in routine.  It may be slow to heal and can become infected.

Process

  • During the second stage of labour Local Anaesthetics (for episiotomy and pudendal block anaesthesia to facilitate instrumental delivery) is given.
  • Xylocaine (Lignocaine) 1%, with or without adrenaline, infiltrated in the perineum before an episiotomy.
  • A small incision (cut) is made. There are 2 types of cuts: median and medio-lateral.
  • A median incision is the most common type. It is a straight cut in the middle of the area between the vagina and anus (perineum).
  • The medio-lateral incision is made at an angle. It is less likely to tear through to the anus, but it takes longer to heal than the median cut.

Risks

  • Cut may tear and become larger during the delivery. The tear may reach into the muscle around the rectum, or even into the rectum itself.
  • There may be more blood loss.
  • The cut and the stitches may get infected.
  • Sex may be painful for the first few months after birth.
  • Sometimes, an episiotomy can be helpful even with the risks.
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Avoid an Episiotomy

  • Practice Kegel exercises.
  • Perform perineal massage during the 4 to 6 weeks before birth.
  • Practice the techniques you learned in childbirth class to control your breathing and your urge to push.

Keep in mind, even if you do these things, you may still need an episiotomy. Your provider will decide if you should have one based on what happens during your labor.

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