बेटनेसोल इंजेक्शन इन प्रेगनेंसी Betnesol Injection

बेटनेसोल इंजेक्शन Betnesol Injection गर्भावस्था में क्यों दिया जाता है और इसके साइड इफेक्ट्स क्या हैं?, यह समय से पहले होने वाली डिलीवरी को रोकने के लिए दिया जाता है। जानिये बेटनेसोल इंजेक्शन के अन्य उपयोग दूसरी बिमारियों में।

बेटनेसोल इंजेक्शन या बीटामेथासोन Betnesol Injection (betamethasone) एक स्टेरॉयड ग्रुप की एलोपैथिक दवाई है जिसे बहुत सी कंडीशन में दिया जाता है।

बेटनेसोल इंजेक्शन एक कोर्टिकोस्टेरोइड है। ये कॉर्टिकोस्टेरॉइड शरीर में स्वाभाविक रूप से होते हैं और स्वास्थ्य और अच्छी तरह से बनाए रखने में सहायता करते हैं। इंजेक्शन के द्वारा शरीर को अतिरिक्त कॉर्टिकोस्टेरॉइड देने से शरीर में सूजन कम होती है। कई अलग-अलग स्थितियों को कोर्टेकोस्टेरोइड के उपयोग से स्थिति में सुधार किया जा सकता है, क्योंकि वे शरीर में सूजन (लाली, कोमलता, गर्मी और सूजन) कम करते हैं। इसे इम्यूनसिस्टम को दबाने के लिए भी दिया जाता है।

बीटामेथासोन को उन महिलाओं को भी इंजेक्शन रूप में दिया जाता है जिनमें प्रसव 24 सप्ताह के बाद , लेकिन गर्भावस्था के 34 सप्ताह से पहले हो सकता है। यह देना बहुत ही फायदेमंद हो सकता है और प्रीटर्म बच्चे में होने वाली समस्याओं को रोकने या कम करने में मदद कर सकता है। बीटामाथासोन बच्चे में साँस लेने को आसान बनाता है, तथा सिर में ब्लीडिंग के रिस्क को भी कम करता है और उनके जीवित रहने की संभावना को बेहतर करता है।

यह दवा गर्भावस्था में नियमित रूप से उपयोग की जाती है। स्टैण्डर्ड डोज़ में 24 घंटे के अंतराल में  12 मिलीग्राम के 2 बेटनेसोल इंजेक्शन देने की आवश्यकता होती है। हालांकि, कई महिलाओं में सभी संभव प्रयासों के बाद भी डिलीवरी नहीं रुक पाती और दूसरी खुराक नहीं दी जाती।

किसी भी अन्य दवा की ही तरह Betnesol Injection के भी साइड इफेक्ट्स हैं, जो व्यक्ति से व्यक्ति अलग हो सकते हैं। यदि इसे देने से लाभ अधिक और नुकसान कम है, तो ही इस दवा को दिया जाता है। इसे हर गर्भावस्था में प्रयोग नहीं करते। केवल ज्यादा रिस्क वाली प्रेगनेंसी जिनमें समय से पहले बच्चे का जन्म हो सकता है, उसी में इसे देते हैं।

  • दवा का नाम: बेटनेसोल इंजेक्शन
  • जेनेरिक: बीटामेथासोन BETAMETHASONE
  • मुख्य प्रयोग: सूजन की दवा, गर्भावस्था में प्रयोग
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बेटनेसोल इंजेक्शन (Betnesol Injection) के क्या-क्या प्रयोग हैं?

बेनेटसोल का प्रयोग किया जाता है:

  • अस्थमा के उपचार के लिए
  • दवाओं के प्रति प्रतिक्रियाओं सहित गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाओं का इलाज करना
  • स्थानीय सूजन जैसे जोड़ों, टेंडन या आंख का, इलाज करना
  • शरीर के स्वाभाविक रूप से होने वाले कॉर्टिकोस्टेरॉइड हार्मोन देना जब ये हैं कम या अनुपस्थित होते हैं
  • सर्जरी, चोट या भारी संक्रमण के कारण गंभीर शॉक का इलाज
  • अंग प्रत्यारोपण अस्वीकृति को रोकने में मदद के लिए
  • सूजन वाली चमड़ी की समस्याएं जैसे contact dermatitis, atopic dermatitis (eczema), seborrhoeic dermatitis, lichen planus, psoriasis of the scalp, hands and feet, intractable pruritus; Addison’s disease, Simmond’s disease, bursitis

बेटनेसोल इंजेक्शन प्रेगनेंसी में क्यों प्रयोग होता है?

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गर्भावस्था में बीटामेथासोन इंजेक्शन को निम्न स्थितियों में दिया जाता है:

समयपूर्व प्रसव Premature Labor

बेटनेसोल इंजेक्शन (Betnesol Injection) उस समय डॉक्टर के द्वारा प्रेस्क्राइब किए जाते हैं जब प्रीटर्म लेबर होने की सम्भावना हो। यदि बच्चे का जन्म समय से पहले होने के आसार हैं तो इसे देने से बच्चे के फेफड़े मजबूत होने में मदद हो सकती है।

गर्भ में पल रहे बच्चे के फेफड़े 32 से 35 सप्ताह से पहले पूरी तरह से विकसित नहीं होते। इसलिए 32-35 सप्ताह की अवधि के पूरा होने से पहले हुए जन्म का मतलब है अविकसित फेफड़े और जन्म के बाद सांस लेने में परेशानी। बेनेटोल इंजेक्शन बच्चे के फेफड़ों में सर्फ़ैक्टेंट का उत्पादन करने में मदद करेगा, जिससे जन्म असमय होने पर भी फेफड़े चिपके नहीं रहेंगे बल्कि सांस लेते समय फैलेंगे।

शिशु में फेफड़े का विकास Infant Lung Development

प्रसव के बाद प्रसवोत्तर देखभाल के बाद अविकसित शिशुओं के फेफड़ों के विकास में सुधार करने के लिए बेटनेसोल इंजेक्शन दिया जाता है।

बेटनेसोल इंजेक्शन जैसी कॉर्टिकोस्टेरॉइड का इस्तेमाल समयपूर्व जन्मे बच्चे में इंट्राकार्नियल हेमोरेजिंग और अन्यखतरों को कम करने के लिए किया गया है।

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भ्रूण फाइब्रोनेक्शन टेस्ट Fetal Fibronection Test (FFT)

यदि गर्भाशय में फाइब्रॉएड हैं जो गर्भावस्था में हस्तक्षेप करते हैं, जिससे संभावित गर्भपात या प्रीटर्म लेबर हो सकता है, के केस में भी इसे दिया जाता है।

यदि गर्भ में दो या अधिक बच्चे हैं, जो की अक्सर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बाद होने वाली प्रेगनेंसी में हो सकता है, में भी इसके इंजेक्शन दिए जा सकते हैं।

गर्भावस्था में इसकी कितनी डोज़ दी जायेगी, यह डॉक्टर के द्वारा निश्चित किया जाता है जोकि बहुत से फैक्टर्स पर निर्भर है जैसे गर्भावस्था किस तरह की हैं, कितने सप्ताह की है, सिंगल या मल्टीपल फीटस हैं, इसे देने से कितना फायदा और कितना नुकसान है आदि। इसे आपने आप से नहीं लेना चाहिए।

कुछ हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों में डॉक्टर प्रीटर्म लेबर के रिस्क को देखते हुए 26 सप्ताह की प्रेगनेंसी के बाद से शुरू करने की राय दे सकते हैं। पहले 12 घंटे के अंतर पर एक 12 mg का इंजेक्शन लगाया जाता है फिर हर सप्ताह, एक इंजेक्शन, 35 सप्ताह की प्रेगनेंसी तक लगवाए जाने का निर्देश दिया जा सकता है।

  • 36वें सप्ताह में इसे दिए जाने का कोई ख़ास लाभ नहीं दिखता और इसलिए इस समय डॉक्टर सी सेक्शन या नार्मल डेलिवेरी करवा सकते हैं।
  • बेटनेसोल इंजेक्शन के गर्भावस्था में प्रयोग से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
  • बेटनेसोल के इंजेक्शन से गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ सकता है।
  • इससे महिला में फ्लूइड रिटेंशन हो सकता है जिससे वज़न बढ़ सकता है।
  • इसके गर्भवती महिला बहुत से मानसिक लक्षण हो सकते हैं जैसे, डिप्रेशन, सिर दर्द, चक्कर आना, नींद आना, मूड बदलना आदि।
  • इससे महिला में मांसपेशियों में कमजोरी लग सकती है।
  • यह ऑस्टियोपोरोसिस कर सकता है।
  • महिला में चमड़ी का रंग बदल सकता है या एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।
  • बेटनेसोल इंजेक्शन चमड़ी को पतला, कमजोर और आसानी से घाव लगने वाला बना सकता है।
  • गर्भावस्था में नियमित रूप से या लम्बे समय तक स्टेरॉयड लेने से बच्चे की ग्रोथ कम हो सकती है।
  • बेटनेसोल इंजेक्शन गर्भाशय में बच्चे के हृदय और शारीरिक गतिवधि को टेम्परेरी रूप से कम कर सकता है।
  • हो सकता है, बच्चे में जन्म के बाद, अपने से बनने वाले स्टेरॉयड कम बने।
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यह साइड इफेक्ट्स की पूरी सूची नहीं है। इसलिए, डॉक्टर दवा को देने से होने वाले फायदे और नुकसान को तौलते हुए यह दवा देने की सिफारिश करते हैं। यह एक स्टेरॉयड ग्रुप की दवा है और किसी भी अन्य एलोपैथिक दवा की ही तरह बहुत से साइड इफेक्ट्स युक्त है। कोई भी गंभीर साइड इफ़ेक्ट लगे तो डॉक्टर से बात करें। यह प्लेसेंटा को पार करती हुई शिशु में भी जाती है।

यदि आपको एक्जिमा, सोराइसिस, सूजन आदि है तो बाहरी रूप से लगाने के लिए भी बिना डॉक्टर से पूछे कोई क्रीम नहीं लगाएं क्योंकि उसमें भी कुछ मात्रा में बेटनेसोल हो सकता है।

Betnesol is the brand name of a medicine called betamethasone. Betnesol Injection is a steroid medicine, prescribed for many different conditions, including serious illnesses. It belongs to a group of medicines called steroids or corticosteroids.

Betamethasone is a steroid and should be given cautiously as it crosses the placental barrier and reaches the baby. Betnesol Injection can cause side effects in some people.

Betnesol Injection may cause fluid retention, elevation of blood pressure and sugar level. Some people may suffer from problems such as mood changes (feeling depressed) or stomach problems, pain in muscles etc. Some side effects only happen after weeks or months. These include weakness of arms and legs or developing a rounder face.

Prior to treatment, a person suffering from severe depression or manic depression (bipolar disorder), tuberculosis, epilepsy (fits), severe mental illness, heart disease, hypertension (high blood pressure), stomach or duodenal ulcers, diverticulitis (inflammation of the bowel) or a herpes infection of the eye, osteoporosis (thinning of the bones), glaucoma, diabetes, n underactive thyroid gland, muscle wasting, liver, kidney or heart disease, etc. should tell the doctor.

If you get any side effects, talk to your doctor. This includes any possible side effects not listed here.

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