क्या गर्भावस्था में एस्पिरिन Aspirin ले सकते हैं?

क्या गर्भावस्था में एस्पिरिन लेना सुरक्षित है? क्या गर्भावस्था में एस्पिरिन लेने से बच्चे में जन्मजात दोषों हो सकते हैं? गर्भावस्था में एस्पिरिन लेने से क्या समस्या हो सकती है? नीचे पढ़िए इसके बारे में।

एस्पिरिन एक एलोपैथिक दवाई है। एस्पिरिन को एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड acetylsalicylic acid भी कहा जाता है। एस्पिरिन गैर स्टेरायडल सूजन रोधी दवा (एनएसएआईडीएस NSIDs) है।

एस्पिरिन दर्द और सूजन जैसे सिरदर्द, दांत दर्द और तंत्रिका दर्द , पीठ दर्द ऊपरी श्वास नलिका संक्रमणों में राहत देने के लिए प्रयोग की जाती है। एस्पिरिन माइग्रेन के इलाज के लिये प्रयुक्त मुख्य औषधियों में से एक है, जो 50-60% मामलों में आराम पहुंचाती है। एस्पिरिन हल्के, स्पंदनयुक्त दर्द में अच्छा काम करती है। इसे दांत दर्द में दिया जा सकता है। एस्पिरिन का एंटीप्लेटलेट प्रभाव होता है, यह रक्त को कम चिपचिपा बनाता है और रक्त के थक्के को विकसित करने से रोक सकता है। कोरोनरी धमनी बाईपास सर्जरी या दिल या रक्त वाहिकाओं के अन्य आपरेशन में इसे दिया सा सकता है। मस्तिष्काघातों और हृदयाघातों की द्वितीयक रोकथाम के लिये कम मात्रा में एस्पिरिन की सिफारिश की जाती है। एक्यूट रूमेटिक ज्वर का बुखार और जोड़ों के दर्द में एस्पिरिन अच्छा काम करती है। सर्दी और फ्लू के लक्षणों में इसे दिया जा सकता है।

एस्पिरिन के साइड इफेक्ट्स को देखते हुए इसे कम से कम मात्रा में और कम से कम दिन तक दिया जाना चाहिए।

गर्भवस्था में डॉक्टर परिस्थितियों को देखते हुए कम खुराक वाली एस्पिरिन को दे सकते हैं। फुल स्ट्रेंग्थ वाली,  नॉर्मली एवेलेबल एस्पिरिन को सेवन गर्भावस्था में नहीं किया जाना चाहिए। 30 सप्ताह के बाद इसके सेवन से बच्चे में विकृतियों की सम्भावना बढ़ जाती है। प्रेगनेंसी में किस भी तरह के बुखार, दर्द, सूजन में किसी भी तरह के नॉन स्टेरायडल सूजन रोधी दवा NSIDs दवा को कभी न लें और डॉक्टर से संपर्क करें।

उपयोग: दर्द, सूजन, बुखार

क्लास: Anticoagulants, Antiplatelets & Fibrinolytics (Thrombolytics) / Nonsteroidal Anti-Inflammatory Drugs (NSAIDs)

जेनेरिक: एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड

ब्रांड नाम:

Caprin, Disprin, Micropirin, Resprin आदि।

Aspirin (acetylsalicylic acid), is an antipyretic and nonopioid analgesic. It is indicated in inflammatory disorders including rheumatoid arthritis, osteoarthritis, mild tomoderate pain, fever, prophylaxis of transient ischemic attacks and migraine. It produces analgesia and reduce inflammation and fever by inhibiting the production of prostaglandins. It reduces platelet aggregation. Aspirin is available in low strength and standard dose.

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एस्पिरिन किन स्ट्रेंग्थ में उपलब्ध है?

कम खुराक की एस्पिरिन Low dose aspirin (प्रतिदिन 75 से 300 मिलीग्राम की कुल खुराक)

एस्पिरिन की कम मात्रा को खून को पतला करने के लिए दिया जाता है जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक को रोकने में सहायता हो सके जिनमें इसप्रकार की संभावना के उच्च जोखिम हैं।

पूर्व-एक्लम्पसिया pre-eclampsia के खतरे में महिलाओं को गर्भावस्था के 12 सप्ताह के बाद इसे दिया जाता है जिसे उनकी वर्तमान गर्भावस्था में इसका रिस्क कम किया जा सके।

कम खुराक वाली एस्पिरिन का प्रयोग कभी-कभी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान भी दिया जाता है। पहले बार-बार होने वाले गर्भपात केसेस में इसे महिला को गर्भावस्था के प्रारंभिक समय में देने से गर्भावस्था जारी रखने की संभावना में सुधार होता है।

मानक खुराक एस्पिरिन Standard dose aspirin (प्रति दिन 4 ग्राम तक)

इसे दर्द और बुखार में दिया जाता है। यह एस्पिरिन की फुल डोज़ मानी जाती है।

एस्पिरिन की प्रेगनेंसी केटेगरी क्या है?

केटेगरी सी – पशु प्रजनन के अध्ययन से भ्रूण पर प्रतिकूल adverse प्रभाव दिखा। गर्भवती महिलाओं पर कोई पर्याप्त, नियंत्रित अध्ययन नहीं किया गया है।  लेकिन संभावित लाभ तथा संभावित जोखिम को तौलते हुए इसको डॉक्टरों द्वारा गर्भावस्था  में प्रयोग किया जा सकता है।

Category C: Either studies in animals have revealed adverse effects on the foetus (teratogenic or embryocidal or other) and there are no controlled studies in women or studies in women and animals are not available. Drugs should be given only if the potential benefit justifies the potential risk to the foetus.

यदि तीसरी तिमाही 3rd trimester में पूरी डोज़ ली जाए तो:

केटेगरी डी: मानव भ्रूण के जोखिम का सकारात्मक सबूत है, लेकिन जोखिम के बावजूद गर्भवती महिलाओं में उपयोग से लाभ स्वीकार्य हो सकता है (उदाहरण के लिए, यदि दवा जीवन खतरे में हो या एक गंभीर बीमारी के लिए जरूरी हो, जिसके लिए अन्य कोई भी सुरक्षित दवा नहीं हैं या अप्रभावी हैं)।

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Category D: There is positive evidence of human foetal risk, but the benefits from use in pregnant women may be acceptable despite the risk (e.g., if the drug is needed in a life-threatening situation or for a serious disease for which safer drugs cannot be used or are ineffective).

क्या गर्भावस्था में एस्पिरिन लेना सुरक्षित है?

कम खुराक की एस्पिरिन

ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि गर्भावस्था में कम खुराक की एस्पिरिन लेने से आप पर या आपके बच्चे को समस्या होगी। आपको एस्पिरिन वाली कोई अन्य दवा नहीं लेनी चाहिए। हालांकि, आपको गर्भावस्था के दौरान केवल कम खुराक एस्पिरिन लेनी चाहिए और वो भी तब आपके डॉक्टर ने आपको ऐसा करने की सलाह दी है।

स्टैण्डर्ड एस्पिरिन

गर्भावस्था के 30 सप्ताह के बाद मानक स्टैण्डर्ड एस्पिरिन का प्रयोग नहीं किया जाता है। ज्यादातर महिलाओं के लिए, गर्भावस्था के दौरान दर्द या बुखार को नियंत्रित करने के लिए पेरासिटामोल दवा दी जाती है। यदि पेरासिटामोल आपके दर्द को नियंत्रित नहीं करता है तो यह महत्वपूर्ण है कि आप स्टैण्डर्ड एस्पिरिन या किसी अन्य एनएसएडी लेने से पहले डॉक्टर से पूछें।

क्या गर्भावस्था में एस्पिरिन लेने से बच्चे में जन्मजात दोषों हो सकते हैं?

कई अध्ययनों ने प्रारंभिक गर्भावस्था और विभिन्न विशिष्ट जन्म दोषों (विकृतियों) में एस्पिरिन लेने के बीच संभावित संबंधों दिखाया है।

सेफ साइड पर रहते हुए, एस्पिरिन को गर्भावस्था में नहीं लेना चाहिए।

क्या गर्भावस्था में एस्पिरिन के सेवन से गर्भपात हो सकता है?

कम खुराक एस्पिरिन

तीन बड़े अध्ययनों से कि प्रत्येक ने कई छोटे अध्ययनों से डेटा एकत्र किया, सभी ने दिखाया कि गर्भावस्था के दौरान कम खुराक की एस्पिरिन लेने वाली महिलाओं में गर्भपात का कोई खतरा नहीं है।

छह अध्ययनों ने जांच की है कि प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान कम खुराक वाली एस्पिरिन लेने वाली महिलाओं में गर्भपात होने की संभावना कम थी। इन तीन अध्ययनों में से पता चला कि कम खुराक वाली महिलाओं में एस्पिरिन गर्भपात का कम खतरा था, जबकि अन्य तीनों ने दिखाया कि कम खुराक की एस्पिरिन लेने से गर्भपात दर में कोई अंतर नहीं आया।

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स्टैण्डर्ड एस्पिरिन

कोई अध्ययन विशेष रूप से विश्लेषण नहीं करता है कि क्या गर्भवती महिलाओं को मानक खुराक की एस्पिरिन लेने गर्भस्राव का खतरा बढ़ रहा है, और इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।

गर्भावस्था में एस्पिरिन लेने से क्या समस्या हो सकती है?

गर्भावस्था में एस्पिरिन का उपयोग करने से बच्चे में गैस्ट्रोस्काइसिस gastroschisis (बच्चे के आंत का हिस्सा नाभि के पास से शरीर से बाहर निकला हुआ), फेटे तालू, या क्लेफ्ट लिप होने की संभावना बढ़ सकती है। डक्टस आर्टियरेसस नामक ब्लड वेसेल को जन्म से पहले, बच्चे को माता से पोषक तत्वों और ऑक्सीजन आपूर्ति करने के लिए खुले रहने की जरूरत होती है। यह धमनी जन्म के बाद बंद होती है जिससे बच्चे में रक्त फेफड़ों के माध्यम बहे।

डक्टस आर्टेरियस, गर्भावस्था के 30 हफ्तों के बाद एस्पिरिन या किसी अन्य एनएसएडी को लिए जाने पर बंद हो सकती है जबकि बच्चा गर्भ में अभी भी है। गर्भावस्था के 30 सप्ताह के बाद एनएसएडी की कई खुराक या अधिक खुराक ली गई हूँ तो तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

ऑलिगोहाइड्रमनिओस Oligohydramnios

गर्भावस्था के 30 सप्ताह के बाद एस्पिरिन या किसी अन्य एनएसएडी लेने से ऑलिगोहाइड्रमनिओस (बच्चे के चारों ओर द्रव कम) Oligohydramnios होने की संभावना बढ़ जाती है। ऑलिगोहाइड्रमनिओस में बच्चे के चारों ओर सैक में बहुत कम अम्नीओटिक द्रव होता है। ऑलिगोहाइड्रमनिओस होने पर निम्न की संभावना अधिक हो जाती है:

  1. बच्चे के फेफड़ों के खराब विकास क्योंकि गर्भाशय में फेफड़ों का विस्तार और विकसित करने में एम्नोयोटिक तरल पदार्थों को अंदर लेने से मदद होती है।
  2. शिशु के मूत्राशय का ख़राब विकास
  3. बच्चे की खोपड़ी और पैर की हड्डियों का सही से विकास न होना व बच्चे के चेहरे की विशेषताओंका चपटा होना
  4. गर्भनाल की संपीड़न (स्क्वैशिंग) मां से बच्चे तक रक्त प्रवाह कम होना
  5. यदि आपने गर्भावस्था के 30 सप्ताह के बाद मानक खुराक एस्पिरिन ले लिया है तो आपका चिकित्सक अल्ट्रासाउंड स्कैन द्वारा अपने एमनियोटिक द्रव स्तर की जांच कर सकते है।
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इसमें कोई सबूत नहीं है कि गर्भावस्था के दौरान कम खुराक एस्पिरिन लेने से एम्नियोटिक द्रव के कम स्तर से जुड़ा होता है।

नवजात शिशु (पीपीएनएच) की लगातार पल्मोनरी उच्च रक्तचाप Persistent pulmonary hypertension of the newborn PPHN

नवजात शिशु के लगातार पल्मोनरी उच्च रक्तचाप’ तब होता है जब एक नवजात शिशु गर्भ के बाहर श्वास लेने के लिए अनुकूल नहीं होते हैं। माना जाता है कि कुछ मामलों में, डक्टस आर्टेरियस के प्रारंभिक बंद होने जाने से ऐसा हो सकता है। पीपीएनएन सामान्य आबादी में प्रत्येक 1000 नवजात शिशुओं में से 1 या 2 को प्रभावित करता है लेकिन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गंभीर हो सकता है।

बच्चे में खून के थक्के जमने में दिक्कत

एस्पिरिन खून पतला करती है, इसलिए जन्म के बाद बच्चे में यह समस्या देखि जा सकती है।

गर्भावस्था में किसी भी दवा का सेवन विकसित होते हुए बच्चे में डिफेक्ट कर सकता है। इसलिए विशेष सावधानी की ज़रूरत होती है। किसी भी ओवर द काउंटर दवा को उठा कर ऐसे ही न ले लें। एस्पिरिन या डिस्पिरिन को गर्भावस्था के दौरान अपने आप से न ही लें तो बेहतर है। दवाओं को डॉक्टर के निर्देश पर बताई गई मात्रा और इलाज़ के लिए बताई गई अवधि में ही लें।

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