प्रोस्टेटाइटिस ( प्रोस्टेट की सूजन ) Prostatitis के उपचार

Know what is prostate disease and prostate ka ilaj in hindi. Learn what is hindi translation of prostatitis. जानिये प्रोस्टेटाइटिस बीमारी क्या होती है, इसके कारन क्या हैं और प्रोस्टेटाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है।

प्रोस्टेट ग्रंथि की सूजन को प्रोस्टेटाइटिस (Prostatitis ) कहते हैं। यह बहुत ही दर्द वाली और असुविधाजनक स्थिति है। प्रोस्ट्रेट ग्रंथि छोटी सी ग्लैंड है जो पेनिस और मूत्राशय bladder के बीच स्थित होती है। इसका काम फ्लूइड बनाना है जोकि स्पर्म के से मिलकर वीर्य का निर्माण करता है।

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प्रोस्टेटाइटिस किसी भी उम्र के पुरुष को हो सकता है और ज्यादातर 30-50 आयु वर्ग के पुरुषों में अधिक देखा जाता है। लक्षणों के आधार पर यह एक्यूट/ नया या क्रोनिक / पुराना हो सकता है। पुराने प्रोस्टेटाइटिस में लक्षण पूरी तरह से नहीं जाते और बार-बार आते हैं। नए प्रोस्टेटाइटिस में लक्षण ज्यादा गंभीर होते हैं और अचानक से होते हैं। इसे तुरंत उपचार की ज़रूरत होती है।

प्रोस्टेटाइटिस होने पर प्रजनन अंगों में दर्द, गुदा में दर्द, स्खलन के दौरान दर्द, पीठ और पेट में दर्द हो सकता है। पेशाब सम्बन्धी लक्षण भी दिखाई देते हैं जैसे कि रात में ज्यादा पेशाब आना, पेशाब का रुक जाना, दर्द होना, आदि शामिल हैं।

प्रोस्टेटाइटिस होने की संभावना में व्यक्ति को यूरोलोजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए। एलोपैथिक ट्रीटमेंट में इसके लिए एंटीबायोटिक का प्रयोग किया जाता है और दर्द से राहत के लिए पेन किलर दी जाती हैं।

Prostatitis is swelling of the prostate gland. It can be caused by bacterial infection. Acute prostatitis starts suddenly and in chronic prostatitis the symptoms persists for many months. Any bacteria that can cause a urinary tract infection can cause acute bacterial prostatitis.

The treatment involves giving antibiotics and pain relieving medicines and few other medicines depending on symptoms.

प्रोस्टेट क्या है?

प्रोस्टेट एक अखरोट के आकार का ग्रंथि है जो पुरुष प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है। प्रोस्टेट का मुख्य कार्य एक तरल पदार्थ बनाने का है जोकि वीर्य में जाता है। प्रजनन क्षमता के लिए प्रोस्टेट तरल आवश्यक है। प्रोस्टेट ग्रंथि, मूत्रमार्ग को मूत्राशय की गर्दन पर चारों ओर से घेरे हुए होती है। प्रोस्टेट में दो या दो से अधिक भाग होते हैं तथा यह मूत्राशय urinary bladder के नीचे और गुदा के सामने होता है।

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प्रोस्टेटाइटिस क्या है?

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प्रोस्टेटाइटिस, प्रोस्टेट और इसके आस-पास के क्षेत्र की सूजन को कहते हैं। यह मुख्य रूप से चार तरह का माना गया है:

  1. क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस chronic prostatitis/chronic pelvic pain syndrome
  2. एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस acute bacterial prostatitis
  3. क्रोनिक बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस chronic bacterial prostatitis
  4. बिना लक्षणों का सूजन वाला प्रोस्टेटाइटिस asymptomatic inflammatory prostatitis

बिना लक्षणों का सूजन वाला प्रोस्टेटाइटिस, तब पता चलता हैं जब व्यक्ति पेशाब या जनन अंगों के किसी रोग की जांच करवाता है।

प्रोस्टेटाइटिस क्यों होता है?

Chronic prostatitis/chronic pelvic pain syndrome: इसके होने के सही कारण अज्ञात है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि सूक्ष्मजीव, मूत्र में रसायन, यूटीआई के प्रति इम्यून सिस्टम के रिस्पांस, या पेल्विक क्षेत्र की किसी नर्व डैमेज से ऐसा हो सकता है।

Acute and chronic bacterial prostatitis: प्रोस्टेट का जीवाणु / बैक्टीरियल संक्रमण, बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस का कारण बनता है। यह अचानक होता है और थोड़े समय तक रहता है, जबकि पुराना प्रकार धीरे-धीरे विकसित होता है और लंबे समय तक रहता है, अक्सर कई वर्षों तक। संक्रमण तब हो सकता है जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से प्रोस्टेट में जाते हैं।

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) कितना कॉमन है?

  1. यह किसी भी उम्र के पुरुष को हो सकता है। इसका प्रकार ज़रूर भिन्न हो सकता है।
  2. क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस निचले यूरिनरी ट्रैक्ट की नसों में सर्जरी, चोट लगने आदि से होने वाले डैमेज से, और स्ट्रेस से हो सकता है।
  3. एक्यूट माम्मलों में लोअर यूटीआई UTI Urinary tract infection में बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस हो जाता है।

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) के लक्षण क्या हैं?

इसके प्रकार को देखते हुए इसके लक्षण भिन्न हो सकते हैं।

क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस Chronic prostatitis

क्रोनिक प्रोस्टेटाइटिस में पेल्विक दर्द मुख्य लक्षण है। यह दर्द तीन महीने या उससे ज्यादा दिन तक हो सकता है।

  1. अंडकोश और गुदा के बीच दर्द
  2. निचले पेट में दर्द
  3. लिंग में दर्द
  4. अंडकोष में दर्द
  5. लोअर बेक में दर्द
  6. एजकुलेशन के बाद दर्द
  7. पेशाब के बाद दर्द
  8. बार-बार पेशाब जाना
  9. यूरिन स्ट्रीम ठीक से न बनना
  10. यूरिन रोक न पाना
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एक्यूट बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस Acute Bacterial prostatitis

एक्यूट बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस, में लक्षण अचानक से प्रकट होते हैं। इसके लक्षणों में शामिल है:

  1. मूत्र आवृत्ति urinary frequency
  2. पेशाब में जलन A burning feeling or pain during urination
  3. मूत्र संक्रमण यूटीआई A uti—as shown by bacteria and infection-fighting cells in the urine
  4. पेशाब की धार न बनना A weak or an interrupted urine stream
  5. शरीर में दर्द Body aches, Chills
  6. बुखार Fever
  7. उलटी Nausea and vomiting
  8. रात में पेशाब ज्यादा आना Nocturia—frequent urination during periods of sleep
  9. प्रजनन अंगों में दर्द Pain in the genital area, groin, lower abdomen, or lower back
  10. पेशाब करने में दिक्कत Trouble starting a urine stream
  11. पेशाब रुक जाना Urinary blockage—the complete inability to urinate
  12. बार बार पेशाब जाना Urinary frequency
  13. पूरा ब्लैडर न खाली होना Urinary retention—the inability to empty the bladder completely
  14. पेशाब रोकने में असमर्थता Urinary urgency

क्रोनिक बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस Chronic Bacterial prostatitis

क्रोनिक बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस में लक्षण एक्यूट बैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस जैसे ही होते हैं। यह तीन महीने या उससे अधिक समय में विकसित होने वाला रोग है। इसके लक्षणों में शामिल है:

  1. दर्द युक्त स्खलन
  2. पेशाब में जलन A burning feeling or pain during urination
  3. पेशाब रोकने में असमर्थता Urinary urgency
  4. पेशाब की धार न बनना A weak or an interrupted urine stream
  5. पेशाब करने में दिक्कत Trouble starting a urine stream
  6. पेशाब रुक जाना Urinary blockage—the complete inability to urinate
  7. बार बार पेशाब जाना Urinary frequency आदि।

प्रोस्टेटाइटिस prostatitis की जटिलतायें क्या हैं?

Prostatitis की जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं

  1. खून में बैक्टीरिया का संक्रमण
  2. प्रोस्टेट में फोड़े
  3. सेक्सुअल डिसफंक्शन
  4. प्रोस्टेट के पास प्रजनन अंगों की सूजन

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

  1. पेशाब करने में पूर्ण असमर्थता
  2. बुखार के साथ दर्द, बार-बार पेशाब करने की इच्छा और पेशाब करने के लिए तत्काल आवश्यकता
  3. मूत्र में रक्त
  4. ऊपरी पेट और मूत्र पथ में बड़ी असुविधा या दर्द

Prostatitis का निदान कैसे किया जाता है?

शारीरिक परीक्षा:

  1. वृषण में दर्द, कोई असामान्य डिस्चार्ज, बड़े हुए लिम्फ नोड्स
  2. डिजिटल रेक्टल एग्जाम
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मेडिकल परीक्षण:

  1. यूरीनालिसिस urinalysis
  2. रक्त परीक्षण blood tests
  3. यूरोडाइमेनिक परीक्षण urodynamic tests
  4. साइस्टोस्कोपी cystoscopy
  5. ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड Transrectal ultrasound
  6. बायोप्सी ctal ultrasound
  7. वीर्य विश्लेषण semen analysis

Prostatitis का उपचार कैसे किया जाता है?

उपचार prostatitis के प्रकार पर निर्भर करता है।

Chronic prostatitis/chronic pelvic pain syndrome में सूजन, दर्द और असुविधा को कम करने वाली दवाएं, दी जाती है। सभी के लिए एक ही उपचार नहीं है। यह व्यक्ति से व्यक्ति, लक्षणों में आधार पर अलग हो सकता है। यूरोलोजिस्ट के द्वारा एंटीबायोटिक के साथ निम्न दवाएं दी जा सकती हैं:

  1. 5-alpha reductase inhibitors such as finasteride (Proscar) and dutasteride (Avodart)
  2. Chondroitin sulfate
  3. Glycosaminogly
  4. Muscle relaxants such as cyclobenzaprine (Amrix, Flexeril) and clonazepam (Klonopin)
  5. Neuromodulators जैसे की amitriptyline, nortriptyline (Aventyl, Pamelor), and pregabalin (Lyrica)
  6. Nonsteroidal anti-inflammatory drugs also called NSAIDS—such as aspirin, ibuprofen, and naproxen sodium
  7. Silodo
  8. Sin (Rapaflo)

Acute bacterial prostatitis में एंटीबायोटिक दी जाती हैं। कौन सी एंटीबायोटिक दी जायेगी यह बैक्टीरिया के प्रकार पर निर्भर है। यह एंटीबायोटिक करीब दो सप्ताह चलाई जाती है। कुछ इसे दो महीने तक भी दे सकते हैं जिससे इन्फेक्शन दुबारा न हो।

  1. Trimethoprim-sulfamethoxazole 1 tablet (160/800 mg) twice a day
  2. Doxycycline 100 mg twice a day
  3. Ciprofloxacin 500 mg twice a day
  4. Norfloxacin 400 mg twice a day

Chronic bacterial prostatitis में एंटीबायोटिक लम्बे समय तक दी जाती हैं। कम मात्रा में एंटीबायोटिक 6 महीने तक दी जा सकती हैं। इसमें एंटीबायोटिक का कॉम्बीनेशन दिया जा सकता है। इसमें अल्फा बीटा ब्लॉकर भी दिए जा सकते हैं जिससे ब्लैडर रिलैक्स रहे और पेशाब में दर्द न हो।

प्रोस्टेटाइटिस prostatitis को कैसे को रोका जा सकता है?

  1. अभी शोधकर्ता समझने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रोस्टेटाइटिस का क्या कारण है और इसकी रोकथाम कैसे की जाए। हैं
  2. शोधकर्ताओं ने पाया कि खाद्यान्न, आहार और पोषण में prostatitis पैदा करने या रोकने में भूमिका निभाई है।
  3. बैक्टीरियल प्रास्टेटिटिस के उपचार के दौरान, यूरोलॉजिस्ट तरल पदार्थों के सेवन को बढ़ाने और मूत्राशय को इरीटेट करने वाले पदार्थों सेवन नहीं करने की सिफारिश कर सकते हैं।
  4. अल्कोहल, कैफीनयुक्त पेय पदार्थ, और अम्लीय और मसालेदार खाद्य पदार्थ न खाएं।
  5. पानी अधिक पिए, जिससे पेशाब द्वारा मूत्राशय से बैक्टीरिया फ्लश होने में सहायता हो।
  6. हीटिंग पैड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  7. गर्म पानी से नहायें।
  8. पेल्विक मसल्स एक्सरसाइज़ जैसे कीगल एक्सरसाइज़ करें।
  9. रिलैक्स करें।
  10. कब्ज़ न रहने दें।
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पेशाब सम्बन्धी लक्षणों में कुछ हर्ब्स बहुत लाभकारी है। होमियोपैथी में बहुत इसके लिए बहुत अच्छी दवाएं Sabal serrulata (saw palmetto) उपलब्ध है। उनका प्रयोग करके देखें।

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