डायबिटीज और इरेक्टाइल डिसफंक्शन Diabetes & Erectile Dysfunction

जानिये डायबिटीज और इरेक्टाइल डिसफंक्शन में क्या सम्बन्ध है? अगर शुगर की वजह इरेक्टाइल डिसफंक्शन( लिंग का न खड़ा होना ) हुआ है तो इसको कैसे नियंत्रित करें। कौन कौन सी दवाएं diabetes की वजह से हुए इरेक्टाइल डिसफंक्शन में उपयोगी हैं।

डायबिटीज या मधुमेह वह स्थिति है जिसमें रक्त में शर्करा का स्तर नार्मल से अधिक बढ़ जाता है। डायबिटीज में शरीर भोजन को उचित रूप से ऊर्जा के रूप में प्रयोग नहीं करता है। यह एक मेटाबोलिक डिसऑर्डर है।

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मधुमेह के दो मुख्य प्रकार का होता है, टाइप 1 मधुमेह, 10 प्रतिशत को लोगों को प्रभावित करता है, और टाइप 2 मधुमेह, जो 90 प्रतिशत मामलों में देखा जाता है। टाइप 2 मधुमेह, अक्सर मोटापे के शिकार या निष्क्रिय जीवनशैली वाले लोगों में देखा जाता है। लम्बे समय से होने वाले डायबिटीज से हृदय रोग, अंधापन, गुर्दा जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है।

हमारा भोजन शरीर में ग्लूकोज़ या शर्करा में बदल जाता है जिससे यह ऊर्जा के रूप में शरीर के द्वारा उपयोग किया जा सके। अग्न्याशय, जोकि पेट के निकट स्थित एक अंग है इस कार्य के लिए, इंसुलिन नामक एक हार्मोन बनाता है। अपर्याप्त इंसुलिन या इंसुलिन का सही से उपयोग नहीं हो सकने से खून में शर्करा लेवल बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ चीनी का यह स्तर कई बार बहुत से लक्षण पैदा करता है।

स्तंभन दोष या नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन, संभोग के दौरान शिश्न के उत्तेजित न होने या उसे बनाए न रख सकने के कारण पैदा हुई यौन निष्क्रियता की स्थिति है। Erectile dysfunction (ED) is the inability to get or keep an erection firm enough to have sexual intercourse। It is also sometimes also referred to as impotence। इरेक्टाइल डिसफंक्शन का मतलब है पेनिस में तनाव न आना या यह तनाव बरकरार न रख पाना। इसमें पेनिस उतना कड़ा नहीं हो पाता जिससे पेनेट्रेटिव सेक्स हो सके। इस स्थिति को इम्पोटेंस भी कह दिया जाता है।

डायबिटीज और इरेक्टाइल डिसफंक्शन, दोनों अलग रोग है लेकिन डायबिटीज होने पर अन्य बहुत से रोगों के साथ-साथ इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने की संभावना भी बढ़ जाती है। जिन पुरुषों को मधुमेह है उनमें स्तंभन दोष (ईडी) होने का रिस्क दो से तीन गुना बढ़ जाता है। अगर 45 की उम्र में ईडी हुई है तो यह टाइप 2 मधुमेह का एक संकेत हो सकता है।

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अगर आपको मधुमेह है, तो आप स्वस्थ जीवन शैली को अपना, मधुमेह के लक्षणों को कम करने और अपने यौन स्वास्थ्य में सुधार कर सकते है। जीवन शैली, भोजन और नियमित व्यायाम मिलकर आपके यौन स्वास्थ्य को भी ठीक रख सकते हैं।

स्तंभन क्या है ?

What is erection?

स्तंभन या इरेक्शन वह स्थिति है जिसमें यौनोत्तेजना में पुरुष का शिश्न / पेनिस का आकार बढ़ जाता है और कड़ा हो जाता है।

यौन रूप से उत्तेजित होने पर शिश्न की धमनियाँ स्वतः फैल जाती हैं, जिसके कारण अधिक रक्त शिश्न के तीन स्पंजी ऊतक कक्षों मे भर जाता है और इसे लंबाई और कठोरता प्रदान करता है। यह रक्त से भरे ऊतक रक्त को वापस ले जाने वाली शिराओं पर दबाव डाल कर सिकोड़ देते है, जिसके कारण अधिक रक्त प्रवेश करता है और कम रक्त वापस लौटता है। ऐसा होने से शिश्न को एक निश्चित स्तंभन आकार मिलता है।

स्तंभन दोष / इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) क्या है?

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What is Erectile Dysfunction or ED?

इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष वह स्थिति है जिसमें एक पुरुष संभोग के लिए पर्याप्त इरेक्शन / स्तम्भन को पाने या उसे बरकरार रखने में असमर्थ रहता है।

  1. यह कहा जा सकता है की व्यक्ति को स्तम्भन दोष है, यदि
  2. उसे कभी कभी इरेक्शन होता है, लेकिन हर बार नहीं
  3. इरेक्शन होता है लेकिन यह संभोग के लिए पर्याप्त समय तक नहीं रहता
  4. व्यक्ति कभी भी इरेक्शन पाने में असमर्थ
  5. इरेक्शन न होने को नपुंसकता भी कहा जाता है।

मधुमेह के कारण पुरुषों में ईडी क्यों हो सकता है ?

What causes ED in men with diabetes?

मधुमेह के कारण ईडी हो सकती है क्योंकि मधुमेह आपके रक्त परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है।

खराब रूप से नियंत्रित रक्त शर्करा (Blood Sugar) या अनियंत्रित रक्त शर्करा (Blood Sugar), आपकी रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान कर सकते हैं। नसों के डैमेज हो जाने से संभोग करने के लिए पर्याप्त फर्मनेस पेनिस में नहीं हो सकती। रक्त का प्रवाह ठीक से न होने से पेनिस में तनाव नहीं आता।

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डायबिटीज के साथ-साथ निम्न फैक्टर्स Risk factors for erectile dysfunction के जुड़ने से नपुंसकता की संभावना और बढ़ जाती है:

  1. रक्त शर्करा (Blood Sugar) पर कण्ट्रोल न होना
  2. चिंता,अवसाद
  3. सही आहार नही खाने से
  4. निष्क्रिय जीवनशैली
  5. मोटापा
  6. सिगरेट, शराब, ड्रग का सेवन
  7. अनियंत्रित उच्च रक्तचाप
  8. असामान्य रक्त लिपिड प्रोफाइल
  9. उच्च रक्तचाप, अवसाद, या दर्द के लिए दवाओं का सेवन

स्तंभन दोष का निदान कैसे किया जाता है?

How erectile dysfunction is diagnosed?

यदि आपके इरेक्शन ठीक से नहीं आ रहे तो यूरोलोजिस्ट से समपर्क करें। इसके लिए डॉक्टर मेडिकल हिस्ट्री लेंगे।

शारीरिक परीक्षा के द्वारा लिंग या अंडकोष में संभव तंत्रिका की समस्याओं के लिए जाँच करने करेंगे।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन में डॉक्टर मरीज से उसकी मेडिकल और सेक्सुअल हिस्ट्री के बारे में पूछते हैं और कई टेस्ट कराते हैं।

  1. मेडिकल और सेक्सुअल हिस्ट्री medical and sexual history
  2. शारीरिक परीक्षा physical exam
  3. ब्लड टेस्ट blood tests
  4. पेशाब की जांच Urine tests (urinalysis)
  5. नोक्टर्नल इरेक्शन टेस्ट erection test
  6. इंजेक्शन परीक्षण injection test
  7. डॉपलर अल्ट्रासाउंड Doppler ultrasound
  8. मानसिक स्वास्थ्य परीक्षा Mental Health Exam

शारीरिक परीक्षा physical exam के दौरान निम्न को जांचा जाता है

लिंग को छू कर यह जांचा जाता है की क्या यह शारीरिक स्पर्श के प्रति संवेदनशील है। लिंग में यदि संवेदनशीलता का अभाव है, तो तंत्रिका तंत्र में किसी प्रकार की दिक्कत इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण हो सकती है।

लिंग में देखने पर किसी प्रकार की असामान्यता। उदाहरण के लिए, Peyronie रोग में लिंग के सख्त होए पर वह मुड़ा हुआ या वक्र लगता है।

शरीर के बालों का गिरना या स्तनों का बढ़ना जो की हॉर्मोन असंतुलन low testosterone को दिखाता है।

ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है।

कलाई में और एड़ियों में नाड़ी की जांच जिससे सर्कुलेशन blood circulation में होने वाली दिक्कत पता लग सके।

ब्लड टेस्ट blood tests में मधुमेह, atherosclerosis, क्रोनिक किडनी रोग, और हार्मोन संबंधी समस्याओं आदि है की नहीं जांचा जाता है।

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नोक्टर्नल इरेक्शन टेस्ट में रात को होने वाले इरेक्शन के बारे में पता लगाया जाता है। हर स्वस्थ्य पुरुष को रात में तीन से पांच इरेक्शन होते हैं। यदि यह इरेक्शन व्यक्ति में देखे जा रहे हैं तो इसका मतलब है की उसमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक है।

इंजेक्शन परीक्षण में इंजेक्शन intracavernosal injection लगाकर लिंग में आये स्तम्भन और समय को देखते हैं।

डॉपलर अल्ट्रासाउंड, द्वारा लिंग में रक्त के प्रवाह को जांचा जाता है। इरेक्शन लाने के लिए इंजेक्शन भी लगाया जा सकता है। एक्स-रे तकनीशियन लिंग पर हल्के हाथ से डिवाइस गुजारता है। कंप्यूटर स्क्रीन पर रक्त वाहिका में रक्त प्रवाह की गति और दिशा देखी जाती है।

मानसिक स्वास्थ्य परीक्षा के द्वारा दंपति के भावनात्मक और शारीरिक संबंधों के बारे में जानकारी ली जाती है। रक्त और मूत्र परीक्षण भी मधुमेह या कम टेस्टोस्टेरोन जैसे समस्याओं का निदान करने में मदद कर सकते हैं।

मधुमेह या हृदय रोग हो जाने पर शुरू से प्रयास रखें कि रोग की जटिलताएं न बढ़ें।

स्तंभन दोष के लिए उपचार क्या है?

What are the treatment option?

  1. स्तंभन दोष के लिए उपचार
  2. जीवन शैली में परिवर्तन (सिगरेट, शराब ड्रग्स आदि का सेवन न करके, व्यायाम बढ़ा कर, और प्राणायाम करके )
  3. काउंसलिंग (इमोशनल करणों को दूर करके, स्ट्रेस-एंग्जायटी कम करके)
  4. अन्य रोगों में दी गई दवाई में बदलाव लाकर
  5. इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए विशेष दवाएं देकर, सर्जरी से कोई शारीरिक दिक्कत दूर करके

ईडी होने पर चिकित्सक sildenafil (वियाग्रा), tadalafil (Cialis), या vardenafil (Levitra) जैसे दवा की सिफारिश कर सकते हैं। इन प्रिस्क्रिपशन दवाओं के सेवन से लिंग में खून के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद होती है और अधिकांश पुरुषों के द्वारा यह दवाएं ली जा सकती हैं।

स्तंभन दोष, डायबिटीज के कारण न हो, इसके लिए मैं क्या करूं?

What should I do to reduce chances of developing ED due to diabetes?

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मधुमेह एक क्रोनिक स्वास्थ्य समस्या है। दोनों प्रकार, टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह को उचित आहार और व्यायाम के माध्यम से अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।

जीवनशैली में परिवर्तन न केवल मधुमेह प्रबंधन में मदद करता है अपितु ईडी होने के रिस्क को भी कम करने में सहायक है।

आहार के माध्यम से रक्त में शर्करा नियंत्रण करें

मधुमेह के अनुकूल आहार खाने में शर्करा के स्तर में नियंत्रण में मदद मिलेगी। बेहतर ढंग से नियंत्रित रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर से रक्त वाहिकाओं और नसों की क्षति से बचाया जा सकता है।

उन भोज्य पदार्थों को दैनिक रूप से लें जो रक्त शर्करा (Blood Sugar) को न बढ़ने दें।

शराब, सिगरेट आदि से रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है।इससे इरेक्शन पाने में समस्या हो सकती है।

धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को संकरा करता है, रक्त में नाइट्रिक ऑक्साइड स्तर कम करता है। जिससे पेनिस में रक्त प्रवाह कम हो जाता ए और स्तम्भन दोष होता है।

अच्छे इरेक्शन के लिए शराब-सिगरेट से दूरी बना लें।

आयुर्वेदिक दवाओं के सेवन से भी डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है।

सक्रिय रहें

व्यायाम करें, सक्रिय रखें। इससे न केवल दिनचर्या नियमित होगी बल्कि रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को नियंत्रित करने में मदद होगी। रक्त परिसंचरण ठीक होगा और स्ट्रेस कम होगा। नींद अच्छी आएगी और रिलैक्स होने से इरेक्शन भी अच्छे आयेंगें।

अच्छी नींद लें

थकान अक्सर यौन रोग के लिए जिम्मेदार है। सुनिश्चित करें कि रात को साउंड स्लीप आये। अच्छी नींद से स्तंभन दोष के रिस्क को कम किया जा सकता है।

तनाव कम करें

मानसिक तनाव, पेनिस के तनाव को कम करता है। इसलिए तनाव को दूर करने की कोशिश करें। अगर अवसाद के लक्षण विकसित हो रहें हैं, तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

खुश रहें

मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखें। अपनी पत्नी से बात करें। एक दूसरे को समझें और सहयोग करें। काम को बाँट लें और जीवन का सही ढंग से जियें। व्यर्थ के तनाव न पालें, बात कर समस्याओं को सुलझाएं।

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