प्रोस्टेट बढ़ जाना Benign prostatic hyperplasia (BPH) जानकारी, उपचार और दवाएं

जानिये Benign Prostatic Hyperplasia, BPH प्रोस्टेट क्या है? बिनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट के कारण क्या हो सकते है? प्रोस्टेट वृद्धि के लिए एलोपैथी, आयुर्वेद, होमियोपैथी में क्या इलाज है? प्रोस्टेट एनलार्जमेंट में जीवन शैली और घरेलू उपचार।

प्रोस्ट्रेट ग्रंथि छोटी सी ग्लैंड है जो पेनिस और मूत्राशय bladder के बीच स्थित होती है। इसका काम फ्लूइड बनाना है जोकि स्पर्म के से मिलकर वीर्य का निर्माण करता है। प्रोस्टेट बढ़ जाना को मेडिकल भाषा में में बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेशिया Benign prostatic hyperplasia (BPH) कहते हैं।

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बिनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट Benign prostate enlargement (बीपीई) में प्रोस्टेट का साइज़ बढ़ जाता है। इसके बढ़ जाने से पेशाब की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। बीपीई 40 से अधिक आयु वर्ग के पुरुषों में आम है। यह कैंसर नहीं है और आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा नहीं है।

बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेशिया होने का कारण अभी समझा नहीं जा सका है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि उम्र बढ़ने से संबंधित कारकों और अंडकोष के कारण यह हो सकता है। पुरुषों में अधिक मात्रा में पुरुष होर्मोन टेस्टोस्टेरोन, और कम मात्रा में स्त्री होर्मोन एस्ट्रोजन बनता है। उम्र के साथ उनके रक्त में सक्रिय टेस्टोस्टेरोन की मात्रा घट जाती है, और अनुपात में एस्ट्रोजन अधिक हो जाता है। वैज्ञानिक अध्ययन ने सुझाव दिया है कि प्रोस्टेट के भीतर एस्ट्रोजन का उच्च अनुपात उन पदार्थों की गतिविधि को बढ़ाता है जो प्रोस्टेट कोशिका वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। एक अन्य सिद्धांत डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) dihydrotestosterone (DHT) पर केंद्रित है।

डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन जो एक पुरुष हार्मोन है और प्रोस्टेट के विकास और बढ़ने में भूमिका निभाता है। कुछ शोध ने संकेत दिया है कि रक्त टेस्टोस्टेरोन के स्तर में गिरावट के साथ, प्रोस्टेट में उच्च स्तर में डीएचटी का उत्पादन होता रहता है और इकठ्ठा होता है। डीएचटी के संचय से प्रोस्टेट कोशिकाओं को बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने ध्यान दिया है कि जो पुरुष डीएचटी का उत्पादन नहीं करते हैं, उन्हें प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया का विकास नहीं होता है।

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Prostate gland is found in males and it helps to make semen which contains sperm. The prostate surrounds urine carrying tube. The prostrate gets enlarged with ageing. Enlarged prostate is also called benign prostatic hyperplasia (BPH).

Benign prostatic hyperplasia (BPH), also called benign enlargement of the prostate (BEP or BPE) or benign prostatic hypertrophy or benign prostatic obstruction.  It is an enlarged prostate gland.

Enlarged prostate presses against and pinches the urethra and bladder wall also becomes thicker. Eventually, the bladder may weaken and lose the ability to empty completely causing some urine retention. The narrowing of the urethra and urinary retention are responsible for the problems associated with benign prostatic hyperplasia.

प्रोस्टेट क्या है?

प्रोस्टेट एक अखरोट के आकार का ग्रंथि है जो पुरुष प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है। प्रोस्टेट का मुख्य कार्य एक तरल पदार्थ बनाने का है जोकि वीर्य में जाता है। प्रजनन क्षमता के लिए प्रोस्टेट तरल आवश्यक है। प्रोस्टेट ग्रंथि, मूत्रमार्ग को मूत्राशय की गर्दन पर चारों ओर से घेरे हुए होती है। प्रोस्टेट में दो या दो से अधिक भाग होते हैं तथा यह मूत्राशय urinary bladder के नीचे और गुदा के सामने होता है।

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Benign Prostatic Hyperplasia, BPH क्या है?

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बिनाइन हायपरप्लेजिया ऑफ प्रोस्टेट या बीपीएच, प्रोस्टेट या पौरुष ग्रंथि की आयु के साथ होनेवाली असामान्य वृद्धि को कहते है। प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुष प्रजनन प्रणाली हिस्सा है। यह मूत्राशय के नीचे स्थित होती है। मूत्र नलिका इसके बीच से होकर गुजरती है।

प्रोस्टेट ग्रंथि आयु के साथ बढ़ती रहती है। इसके अधिक बढ़ जाने से मूत्र नलिका पर दबाव पड़ता है और वह सिकुड़ जाती है। इस कारण ब्लैडर/मूत्राशय प्रोस्टेट पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता और हमेशा उसमें कुछ यूरिन या मूत्र बच जाता है।

  1. शरीर में मूत्र इकठ्ठा urine retention हो जाता है और मूत्र सम्बन्धी दिक्कतें हो जाती हैं जैसे की
  2. बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना, ख़ासकर रात में
  3. पेशाब का सही से न होना, धार का कमजोर होना, बंद होना फिर होना, बूँद-बूँद मूत्र का जाना
  4. पेशाब जाने के बाद भी पेशाब लगना आदि।
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बिनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट के कारण क्या हो सकते है?

प्रोस्टेट वृद्धि का कारण अज्ञात है, लेकिन यह माना जाता है कि उम्र बढ़ने पर शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के कारण यह हो सकता है।

उम्र के साथ शरीर में हार्मोन का संतुलन बदलता है जिससे प्रोस्टेट ग्रंथि का अकार बड़ा हो सकता है।

किन पुरुषों में प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया होने की अधिक संभावना है?

निम्न कारकों में प्रोस्टेट के बढ़ने की संभावना अधिक है:

  1. 40 साल से अधिक उम्र
  2. पारिवारिक इतिहास
  3. मोटापा, हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह
  4. व्यायाम की कमी
  5. स्तंभन दोष

बिनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट के लक्षण अथवा पुरस्थ / पौरुष ग्रंथि में अतिवृद्धि के लक्षण क्या हैं?

प्रोस्टेट पुरुषों में पाई जाने वाली एक छोटी ग्रंथि है जो श्रोणि में लिंग और मूत्राशय के बीच स्थित होती है। यदि प्रोस्टेट बड़ा हो जाए, तो यह मूत्राशय और मूत्रमार्ग (ट्यूब जिसके माध्यम से मूत्र गुजरता है) पर दबाव डाल सकता है। इससे पेशाब के लक्षण हो जाते हैं। इसके कारण निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

  1. पेशाब शुरू करने में कठिनाई
  2. पेशाब बार-बार जाना – एक दिन में आठ या अधिक बार
  3. पूरी तरह से मूत्राशय को खाली करने में कठिनाई
  4. पेशाब में देरी करने में असमर्थता
  5. मूत्र प्रतिधारण
  6. पेशाब की धार न बनना
  7. पेशाब के अंत में ड्रिब्लिंग
  8. पेशाब रोक न पाना
  9. पेशाब का इन्फेक्शन
  10. स्खलन के बाद या पेशाब के दौरान दर्द
  11. मूत्र में असामान्य रंग या गंध

कुछ पुरुषों में, लक्षण बहुत कम होते हैं और उन्हें इलाज की आवश्यकता नहीं होती है दूसरों में, यह ज्यादा हो सकते है और बहुत परेशानी अधिक हो सकती है।

बिनाइन प्रोस्टेट एनलार्जमेंट के लिए कौन से टेस्ट किये जाते हैं?

यह पता लगाने के लिए कि आपका प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ा हो गया है, आपको कुछ परीक्षणों की आवश्यकता होगी।

  1. शारीरिक परीक्षा Physical exam
  2. डिजिटल रेक्टल परीक्षा Digital rectal exam
  3. मूत्र परीक्षण यूरीनालिसिस Urine test
  4. रक्त परीक्षण Blood test
  5. प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) रक्त परीक्षण Prostate-specific antigen (PSA) blood test
  6. न्यूरोलॉजिकल परीक्षा Neurological exam
  7. मूत्र प्रवाह परीक्षण Urinary flow test
  8. पोस्टवॉइड अवशिष्ट मात्रा परीक्षण Postvoid residual volume test
  9. 24 घंटे वाइयोइडिंग डायरी 24-hour voiding diary
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कुछ अन्य टेस्ट्स जो किये जा सकते है:

  1. ट्रांसरेकटल अल्ट्रासाउंड Transrectal ultrasound
  2. प्रोस्टेट बायोप्सी Prostate biopsy
  3. यूरोडाइनामिक और पेशर अध्ययन Urodynamic and pressure flow studies
  4. साइटोस्कोपी Cystoscopy
  5. इंट्रावीनस पायलोग्राम या सीटी यूरोग्राम Intravenous pyelogram or CT urogram

प्रोस्टेट वृद्धि की जटिलताएँ क्या हैं?

  1. मूत्र पथ के संक्रमण urinary tract infections (UTIs)
  2. एक्यूट मूत्र प्रतिधारण acute urinary retention
  3. मूत्र में रक्त blood in the urine
  4. मूत्राशय क्षति bladder damage
  5. गुर्दे खराब होना kidney damage
  6. मूत्राशय का पत्थर bladder stones

एक्यूट मूत्र प्रतिधारण के लक्षण में शामिल हैं गंभीर पेट दर्द, मूत्राशय की सूजन और अचानक से पेशाब बिल्कुल नहीं आना/बंद हो जाना।

प्रोस्टेट वृद्धि के लिए एलोपैथी में क्या इलाज है?

प्रोस्टेट वृद्धि के लिए उपचार विकल्प शामिल हो सकते हैं

जीवन शैली में परिवर्तन

दवाओं का सेवन

सर्जरी

प्रोस्टेट वृद्धि के हल्के से मध्यम लक्षणों के लिए दवायें सबसे आम उपचार है। विकल्पों में शामिल हैं:

दवायें

अल्फा ब्लॉकर्स Alpha blockers

ये दवाएं प्रोस्टेट में मूत्राशय की गर्दन की मांसपेशियों और फाइबर को आराम देती हैं, जिससे पेशाब करना आसान हो जाता है। अल्फा ब्लॉकर्स alfuzosin, doxazosin, tamsulosin, silodosin आमतौर पर अपेक्षाकृत छोटे प्रोस्टेट वाले पुरुषों में जल्दी काम करते हैं। साइड इफेक्ट्स में चक्कर आना और रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन (प्रतिगामी स्खलन) शामिल है।

  1. alfuzosin (Uroxatral)
  2. doxazosin (Cardura)
  3. silodosin (Rapaflo)
  4. tamsulosin (Flomax)
  5. terazosin (Hytrin)

5-अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर 5-alpha reductase inhibitors

ये दवाएं आपके प्रोस्टेट को हार्मोनल परिवर्तनों से रोकती हैं जो प्रोस्टेट वृद्धि का कारण बनती हैं। इन दवाइयां – जिनमें फाइनस्टरइड और ड्यूटासेराइड finasteride dutasteride शामिल हैं। इसे प्रभावी होने में छह महीने तक लग सकते हैं। । साइड इफेक्ट्स में रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन (प्रतिगामी स्खलन) शामिल है।

  1. dutasteride (Avodart)
  2. finasteride (Proscar)

संयोजन दवा उपचार Combination drug therapy

  1. इसमें अल्फा अवरोधक और एक 5-अल्फा रिडक्टेस अवरोधक को एक ही समय में दिया जाता है यदि अकेले दवा प्रभावी नहीं है।
  2. finasteride and doxazosin
  3. dutasteride and tamsulosin (Jalyn), a combination of both medications that is available in a single tablet
  4. alpha blockers and antimuscarinics
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सर्जरी

दवा के अतिरिक्त सर्जरी भी एक आप्शन है।

ट्रांसयुरेथ्रल रीसेक्शन ऑफ़ प्रोस्टेट Transurethral resection of the prostate (TURP)

इसमें सर्जन एक हल्का स्कोप मूत्रमार्ग में डाल प्रोस्टेट के बाहरी पोरशन को हटाता है।

टर्प के बाद आपको अस्थायी रूप से अपने मूत्राशय खाली करने के लिए एक कैथेटर की आवश्यकता होगी और आप केवल हल्की गतिविधि करने में सक्षम होंगे जब तक कि पूरी तरह से हीलिंग न हो जाए।

ट्रांसयुरेथ्रल इनसिजन ऑफ़ प्रोस्टेट Transurethral incision of the prostate (TUIP)

सर्जन प्रोस्टेट क्षेत्र में मूत्रमार्ग के माध्यम से एक विशेष इलेक्ट्रोड डालते हैं। इलेक्ट्रोड से निकलने वाली माइक्रोवेव ऊर्जा विस्तारित प्रोस्टेट ग्रंथि के आंतरिक हिस्से को नष्ट करती है। इससे प्रोस्टेट सिकुड़ जाता है और और मूत्र प्रवाह को आसान हो जाता है।

ट्रांसयुरेथ्रल नीडल अब्लेशन Transurethral needle ablation (TUNA)

इस आउट पेशेंट प्रक्रिया में, स्कोप को मूत्रमार्ग में डाल कर नीडल डाली जाती हैं जिससे रेडियो वेव संचारित कर प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़े हिस्से को नष्ट करते हैं। यह तरीका केवल आंशिक रूप से आपके लक्षणों को कम कर सकता है।

लेजर थेरेपी Laser therapy

लेज़र के द्वारा प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़े हिस्से को नष्ट करते हैं। लेज़र थेरेपी आमतौर पर लक्षणों से तुरंत राहत देती है और नॉनलाज़र सर्जरी की तुलना में इससे दुष्प्रभावों का कम जोखिम होता है। लेजर थेरेपी का इस्तेमाल उन पुरुषों में किया जा सकता है, जिन पर अन्य प्रोस्टेट प्रक्रिया नहीं की जा सक्तो क्योंकि वे रक्त-पतला करने की दवाएं लेते हैं।

प्रोस्टेट वृद्धि के लिए एलोपैथी द्वारा इलाज के साइड इफेक्ट्स क्या है?

प्रोस्टेट की दवाओं के साइड इफेक्ट्स

बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेशिया के इलाज के लिए इस्तेमाल दवाओं के साइड इफेक्ट होते हैं जो कभी-कभी गंभीर हो सकते हैं। पुरुषों को प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया के इलाज के लिए निर्धारित दवाओं लेने से पहले डॉक्टर से संभावित दुष्प्रभावों पर बात करनी चाहिए।

निम्न दुष्प्रभावों का अनुभव होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए या आपातकालीन चिकित्सा देखभाल प्राप्त करना चाहिए:

  1. हाईव्स hives
  2. लाल चकत्ते rash
  3. खुजली itching
  4. साँसों लेने में दिक्कत shortness of breath
  5. तेज़, या अनियमित दिल की धड़कन rapid, pounding, or irregular heartbeat
  6. लम्बे समय तक रहने वाला इरेक्शन painful erection of the penis that lasts for hours
  7. आंखों, चेहरे, जीभ, होंठ, गले, हाथ, हाथ, पैर, टखनों या निचले पैर की सूजन swelling of the eyes, face, tongue, lips, throat, arms, hands, feet, ankles, or lower legs
  8. साँस लेने या निगलने में कठिनाई difficulty breathing or swallowing
  9. छाती में दर्द chest pain
  10. अचानक खड़े होने पर चक्कर आना या बेहोशी dizziness or fainting when standing up suddenly
  11. अचानक कम दिखाई देना  sudden decrease or loss of vision
  12. धुंधली दृष्टि blurred vision
  13. अचानक सुनाई देने में दिक्कत sudden decrease or loss of hearing
  14. यौन गतिविधि के दौरान सीने में दर्द, चक्कर आना या मतली chest pain, dizziness, or nausea during sexual activity
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सर्जरी

सर्जरी के बाद जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं:

  1. पेशाब की समस्याएं problems urinating
  2. मूत्र असंयम urinary incontinence
  3. खून बहना, रक्त के थक्के bleeding and blood clots
  4. संक्रमण infection
  5. घाव का निशान scar tissue
  6. यौन रोग sexual dysfunction
  7. बार बार मूत्र प्रतिधारण और यूटीआई होना recurring problems such as urinary retention and UTIs
  8. संक्रमण Infection
  9. पेशाब न रोक पाना
  10. पेशाब ने ब्लड क्लॉट जाना
  11. पेशाब में ब्लड जाना
  12. सेक्सुअल डिसफंक्शन होना
  13. कई बार सर्जरी कराने की ज़रूरत

Benign prostatic hyperplasia के लिए आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं

प्रोस्ट्रेट के बढ़ जाने पर पेशाब सम्बन्धी दिक्कतें बहुत अधिक हो जाती हैं। पेशाब बूँद बूँद करके होता है और धार नहीं बनती। रात में कई कई बार पेशाब जाने की ज़रूरत होती है जिससे नींद डिस्टर्ब होती है। ऐसे में जब व्यक्ति एलोपैथिक दवाओं का सेवन करता हैं तो पेशाब की दिक्कतों से तो शायद आराम हो जाए लेकिन अन्य कई समस्याएं होना शुरू हो जाती है। दवा के असर से नींद नहीं आती और नींद न आने से अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। दवाओं के सेवन से खुजली, चमड़ी पर चक्कते, ठीक से सुनाई-दिखाई न देना, चक्कर आना आदि हो सकते हैं।

यदि व्यक्ति सर्जरी कराने पर विचार कर रहा है तो उसे यह निर्णय बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए। इसके बारे में जितनी संभव जानकारी हो जुटा लेनी चाहिए। लोगो से इसका रिव्यु लेना चाहिए और डॉक्टर से अपने डाउट को साफ़ करना चाहिए। व्यक्ति को यह मान कर चलन चाहिए कि यह कोई बहुत आसान सर्जरी नहीं है। इसे करवा लेने के बाद भी उसे पेशाब के संक्रमण और अन्य पेशाब की दिक्कतों से आराम नहीं होगा। सर्जरी के बाद उसे बहुत से दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स का सेवन 2-3 सप्ताह तक करना पड़ सकता है। यह भी हो सकता है कि कुछ समय बाद यह सर्जरी उसे फिर से करानी पड़े।

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प्रोस्ट्रेट के इलाज़ के लिए आयुर्वेद और होमियोपैथी में बहुत सी दवाएं हैं। इस रोग के लिए होम्योपैथिक दवाएं आयुर्वेदिक दवाओं से ज्यादा लाभ करती हैं।

एलोपैथिक दवा शुरू करने से पहले कोई एक आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक दवा लेकर ज़रूर देखें। यह ध्यान डे एक रोग के लिए केवल एक ही पैथी की दवा लें।

आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं पेशाब के लक्षणों में लाभप्रद हैं।

आयुर्वेदिक दवाएं Ayurvedic medicines

  1. चंद्रप्रभा वटी Chandrapabha Vati
  2. गोक्षुरादि गुग्गुगु Gokshuradi Guggulu
  3. पुनर्नवा Purnarnava
  4. प्रोस्टीज़ चरक Charak Prosteez Tablets
  5. प्रोस्टाकेयर हिमालया Himalaya ProstaCare
  6. होम्प्लेसिया हिमालया Himalaya Himplasia
  7. प्रोस्टेड बैद्यनाथ Baidyanath Prostaid

होम्योपैथिक दवाएं Homeopathic Medicines

  1. Saw palmetto (Serenoa repens)
  2. Sabal Serrulata
  3. SBL Prostonum drops
  4. Proscenat ADEL 21
  5. RECKEWEG R 25
  6. SCHWABE Sabal pentarkan

प्रोस्टेट एनलार्जमेंट में जीवन शैली और घरेलू उपचार

  1. शाम को सीमित पेय पदार्थ लें। शाम को 7-8 बजे के बाद पानी या फ्लूइड न लें।
  2. कैफीन और अल्कोहल मूत्र उत्पादन बढ़ा सकते हैं, इनका सेवन न करें।
  3. डिकन्जेस्टंट और एंटीहिस्टामिन को सेवन अवॉयड करें। यह मूत्रमार्ग को टाइट कर देती हैं जिससे पेशाब में दिक्कत हो जाती है।
  4. संतुलित आहार लें।
  5. नमक का सेवन कम करें।
  6. पचने में भारी भोजन न लें।
  7. हल्दी वाला दूध पियें।
  8. पानी पर्याप्त मात्रा में पियें जिससे पेशाब में जलन न हो।
  9. कम तापमान में न रहें। इससे बार-बार पेशाब आता है।
  10. आंवले का रस पियें।
  11. कद्दू के बीज वक चम्मच की मात्रा में लें।
  12. कब्ज़ न रहने दें।
  13. एक्टिव रहें।
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One Comment

  1. vert good information. Thanks

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