उर्सोडियोल Ursodiol (Ursodeoxycholic acid) दवा की जानकारी

एलोपैथिक दवाई उर्सोडियोल Ursodiol, को पित्ताशय की पथरी जिसे गालस्टोन gallstones कहा जाता है, के इलाज़ में इस्तेमाल किया जाता है।

गाल स्टोंस वह स्थिति है जिसमें पित्ताशय / गालब्लैडर के अंदर पथरी हो जाती है। यह पथरी बहुत से लोगों में लक्षण नहीं करती लेकिन अन्य में इसके होने से तेज दर्द हो सकता है जो घंटों तक रह सकता है। दर्द के आलावा, यदि पथरी बाइल डक्ट में फंस जाए तो समस्या गंभीर हो सकती है। इससे पीलिया, बाइल डक्ट के फटने का खतरा हो सकता है। बिना लक्षणों की पथरी का इलाज़ नहीं किया जाता लेकिन लक्षण वाली पथरी का जल्दी उपचार ज़रूरी है।

गालब्लैडर की पथरी में ज्यादातर मामलों में सर्जरी के द्वारा गाल ब्लैडर हो हटा दिया जाता है। लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन में शरीर पर बड़े चीरे नहीं लगते और यह जल्दी हो जाता है। दवाएं उन पेशेंट को दी जाती है, जिनमें किसी कारण से सर्जरी नहीं की जा सकती या वे ऑपरेशन नहीं करवाना चाहते।

अर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड, एक पित्त एसिड bile acid है, जो स्वाभाविक रूप से शरीर द्वारा निर्मित होता है और पित्ताशय की थैली में संग्रहित होता है। यह कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को कम करके और बाइल में कोलेस्ट्रॉल को घुला कर पथरी बनने से रोकता है।

अर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड, को 2 साल से ज्यादा तक लिया जाता है जिससे पथरी घुल जाए। इस दवा को लम्बे समय तक लेने के बाद यदि पथरी घुल भी जाती है तो फिर से पथरी होने की सम्भावना बनी रहती है और अक्सर 5 साल के भीतर यह फिर से हो जाती है। इन कारणों से पथरी का दवा से उपचार उतना प्रचलित नहीं है। अर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड, मोटापे से ग्रसित उन लोगों को भी दी जाती है जो तेज़ी से वज़न कम कर रहे होते हैं। इसे लेने से उनमें गालस्टोंस के खतरे को कम किया जा सकता है।

अर्सोडिऑक्सीकोलिक को कैप्सूल की तरह मुंह से निगल कर लिया जाता है। इसे खाने के साथ लेना चाहिए। इसे दिन में 2-3 बार लिया जाता है और गाल स्टोन न बने, इसके लिए दिन में 2 बार लेते हैं।

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अर्सोडिऑक्सीकोलिक लेने के बहुत से साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं जैसेकि दस्त या कब्ज़, पेट ख़राब होना, अपच, चक्कर आना, उलटी, कफ, गला ख़राब, नाक बहना, पीठ में दर्द, मान्पेशियों में दर्द, बाल का गिरना आदि।

  • जेनेरिक: अरसोडोक्सीकोलिक एसिड / उर्सोडियोक्सीकोलिक एसिड / अर्सोडिऑक्सीकोलिक एसिड ursodeoxycholic acid
  • उपलब्ध ब्रांड नाम: जाईडस Zydus
  • क्लास: इसे बाइल थेरेपी में इस्तेमाल करते हैं।

Cholagogues: promotes the discharge of bile from the system, purging it downward।

Cholelitholytics and Hepatic Protectors: Provide protection to liver from hepatotoxic agents i।e : Fatty acids, alcohol, and hepatotoxic drugs।

Ursodiol उर्सोडियोल को किन रोगों में प्रयोग करते हैं?

उर्सोडियोल के चिकित्सीय उपयोग निम्न हैं:

  1. छोटे या मध्यम आकार के रेडियोल्यूसेंट (X Ray पार करने वाले) पत्थर small or medium-sized radiolucent stones
  2. प्राथमिक बाईलरी सिरोसिस/लीवर सेल्स को क्षति primary biliary cirrhosis
  3. कोलेस्ट्रॉल वाली पथरी Dissolution of cholesterol-rich gallstones
  4. मोटापे में तेजी से वज़न कम करना Prophylaxis of gallstones in patients undergoing rapid weight loss

 

उर्सोडियोल किन रूपों में उपलब्ध है?

Availability

  1. उर्सोडियोल कैप्सूल URSODIL cap 150 mg, 250 mg, 300 mg, 500 mg
  2. उर्सोडियोल टेबलेट URSODIL tab 150 mg, 250 mg, 300 mg, 500 mg
  3. उर्सोडियोल ओरल सस्पेंशन URSODIL oral susp 250 mg/5 ml

Ursodiol उर्सोडियोल की डोज़ क्या है?

Dose

Dissolution of gallstones:

  1. 8–12 mg/kg daily as a single dose at bedtime OR in two divided doses.
  2. Given for up to 2 years.
  3. treatment is continued for 3–4 months after stones dissolve.

 Primary biliary cirrhosis:

  1. 10-16 mg/kg/day in 2-4 divided doses.
  2. It may be taken once daily in the evening after the 1st 3 months.
  3. इसे खाने के साथ लेना चाहिए।

Ursodiol उर्सोडियोल को कब नहीं लेना चाहिए?

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Contraindications

  1. गर्भावस्था pregnancy
  2. तीव्र, पुरानी या गंभीर यकृत रोग Acute, chronic or severe hepatic disease
  3. पथरी से अक्सर दर्द frequent episodes of biliary colic
  4. पित्त के रास्ते के रुकावट occlusion of biliary tract
  5. पित्ताशय का काम नही करना non-functioning gall bladder
  6. पित्ताशय की थैली का सही से न सिकुड़ना impaired contractility of gallbladder
  7. पित्ताशय की थैली या पित्त ट्रैक्ट में सूजन Acute inflammation of gallbladder or biliary tract
  8. रेडियो-अपारदर्शी कैल्सीफाईड गालस्टोन radio-opaque calcified gallstones
  9. सक्रिय डुओडानल और गैस्ट्रिक अल्सर Active duodenal and gastric ulcer
  10. सूजन छोटी आंत, बृहदान्त्र और यकृत की अन्य स्थितियां में जो पित्त लवणों के परिसंचरण में हस्तक्षेप करती हैं inflammatory diseases and other conditions of the small intestine, colon and liver which interfere with enterohepatic circulation of bile salts
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Ursodiol उर्सोडियोल प्रेगनेंसी केटेगरी क्या है?

 केटेगरी बी B – गर्भवती महिलाओं पर कोई पर्याप्त, नियंत्रित अध्ययन नहीं किया गया है। पशु प्रजनन पर किये गए अध्ययन भ्रूण के लिए खतरा failed to demonstrate a risk to the fetus नहीं दिखा सके।

Category B: Either animal-reproduction studies have not demonstrated a fetal risk but there are no controlled studies in pregnant women or animal-reproduction studies have shown an adverse effect (other than a decrease in fertility) that was not confirmed in controlled studies in women in the 1st trimester (and there is no evidence of a risk in later trimesters).

उर्सोडियोल Ursodiol का अन्य किन दवाओं से इंटरैक्ट कर सकती है?

Drug Interactions

  1.  अलमुनियम वाले एन्टासिड का कम अवशोषण aluminum-containing antacids
  2. ओरल गर्भनिरोधक का कम असर birth control pills
  3. एस्ट्रोजन का कम असर estrogen
  4. कोलेस्ट्रोल की दवाएं cholesterol medications  (cholestyramine, clofibrate, colestipol) आदि।

Ursodiol उर्सोडियोल के साइड इफ़ेक्ट क्या हो सकते हैं?

Adverse Effects

  1. जोड़ों का दर्द Arthralgia
  2. गठिया Arthritis
  3. शक्तिहीनता Asthenia
  4. पीठ दर्द Back pain
  5. ब्रोंकाइटिस Bronchitis
  6. पित्ताशय में सूजन Cholecystitis
  7. खांसी Cough
  8. दस्त Diarrhoea
  9. पीरियड के दौरान दर्द  Dysmenorrhoea
  10. थकान Fatigue
  11. सरदर्द Headache
  12. उच्च रक्तचाप Hypertension
  13. जिगर समारोह गिरावट Liver function deterioration
  14. मस्कुकोस्केटल दर्द Musculoskeletal pain
  15. मांसलता में पीड़ा Myalgia
  16. जी मिचलाना Nausea
  17. पेट में गड़बड़ी Other GI disturbances
  18. पेरिफेरल एडिमा Peripheral oedema
  19. अन्न-नलिका का रोग Pharyngitis
  20. खुजली Pruritus
  21. गैलेस्टोन कैल्सीसिफिकेशन Rarely gallstone calcification
  22. नाक में सूजन  Rhinitis
  23. साइनसाइटिस Sinusitis
  24. सांस का संक्रमण Upper respiratory tract infection
  25. यूटीआई UTI
  26. विषाणुजनित संक्रमण Viral infection
  27. उल्टी Vomiting
  28. यह साइड इफेक्ट की पूरी सूची नहीं है।
  29. दवा लेने के दौरान यदि कोई साइड-इफ़ेक्ट हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

उर्सोडियोल Ursodiol कैसे स्टोर करें?

Storage

दवा के डिब्बे को कसकर बंदकरें। बच्चों की पहुंच से दूर रखें। इसे कमरे के तापमान पर और अतिरिक्त गर्मी और नमी (बाथरूम में नहीं) से दूर रखें।

Ursodiol or ursodeoxycholic acid, is used to dissolve smaller cholesterol stones. It is a bile acid naturally produced by the body. It works by reducing the amount of cholesterol released from liver and by slowly dispersing the cholesterol in bile. This breaks up the stones or stops them developing stones.

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Ursodiol is also used to prevent gallstones in people undergoing rapid weight loss and to treat primary biliary cirrhosis. In primary biliary cirrhosis, slowly bile ducts are damaged in the liver, and as the disease progresses, it can damage the liver.

This medicine can produce many unwanted side-effects such as diarrhea, itchy skin rash, feeling sick etc. If you think, symptoms are due to medicine, consult doctor.

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