लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स Lactifiber Granules

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स (Lactifiber Granules) कब्ज और IBS की दवा है, जानिये इसके घटक, खुराक और साइड इफेक्ट्स क्या हैं और किस स्थिति में लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स को नहीं लेना चाहिए और किन लोगों को लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स नहीं इस्तेमाल करना चाहिए।

सन फार्मा लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स का उपयोग कब्ज के उपचार में किया जाता है। इसमें लैक्टिटोल और इसबगोल की भूसी /इस्पघुला (Lactitol Monohydrate 10gm + Ispaghula Husk 3.5 gm/15 gm granule) है।

लेकटिटोल Lactitol Monohydrate, बल्क स्वीटनर sugar alcohol used as a low calorie sweetener in food है जोकि पोलीओल्स या शुगर अल्कोहल से सम्बंधित है। यह पहली बार 1920 में खोजा गया था, लेकिन यह 1980 के दशक तक इसका इस्तेमाल अधिक नहीं किया जाता था। बाद में इसे कम कैलोरी स्वीटनर के रूप में खाद्य पदार्थों में डाला जाने लगा। सूक्रोज की तुलना में केवल 40% मीठा होने के बावजूद , इसका स्वाद शक्कर के जै सा ही है। इसकी स्थिरता, विलेयता, कम कैलोरी वैल्यू और सूक्रोज के समान स्वाद के कारण, लैक्टिटोल का उपयोग कम कैलोरी, कम वसा और / या चीनी मुक्त खाद्य पदार्थ, जैसे चॉकलेट, आइसक्रीम, च्युइंग गम्स आदि में होता है। चीनी के विकल्प के रूप में लैक्टिटोल वाले खाद्य पदार्थ डायबिटीज वाले लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं क्योंकि पॉलीओल की कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स है, रक्त ग्लूकोज या इंसुलिन का स्तर नहीं बढ़ाता है, और शर्करा की तुलना में आधे कैलोरी का योगदान देता है।

चिकित्सीय दृष्टि से लैक्टिटोल Lactitol (अल्कोहल शुगर) को लेक्सेटिव की तरह से इतेमाल करते हैं। यह लैक्टोलोस lactulose (डिसाकार्डाइड चीनी) से भिन्न है। बेहतर स्वाद, अच्छे गुणों, और डिफाइंड लेक्सेटिव थ्रेशहोल्ड के कारण इसे लैक्टोलोस के विकल्प की तरह से इस्तेमाल किया जाता है।

लैक्टिटोल, लैक्टोलोस की ही तरह काम करता है लेकिन शरीर में इसकी स्वीकार्यता बेहतर है। प्रतिकूल घटनाओं की कम संख्या के संदर्भ में लैक्टोलोस की तुलना में लैक्टिटोल काफी बेहतर देखा जाता है। इसका टेस्ट भी बेटर है।

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Lactitol के इस्तेमाल से पुरानी कब्ज में lactulose की तुलना में अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। बच्चों में कब्ज़ के लिए Lactitol देने की मात्रा लैक्टोलोस की तुलना (250-400 mg/kg/day versus 500-750 mg/kg/day) में करीब आधी है।

  • निर्माता: Sun Pharmaceutical Industries Ltd
  • नाम: लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स, लेक्टीफाइबर पाउडर
  • मुख्य उपयोग: कब्ज़
  • मुख्य गुण: विरचन
  • मूल्य: 180 gm @ ₹ 315

कब्ज क्या है?

कब्ज को विबंध और कोंसटिपेशन के नाम से जाना जाता है। कब्ज़ होने पर मल बहुत कठोर हो जाता है और कई-कई दिन तक नहीं होता। ऐसे में शौच के समय बहुत जोर लगाना पड़ता है जिससे गुदा छिल जाती है और खून तक बहने लगता है। कब्ज़ के कारण पेट में भारीपन, गैस, दबाव तथा भूख न लगना समेत अनेक समस्याएं हो जाती हैं। कब्ज़ बहुत ही आम समस्या है और हर किसी को कभी न कभी हो जाती है।

कब्ज़ यदि लम्बे समय तक रहे तो बवासीर, फिस्टुला हो जाते है। भूख नहीं लगती और बहुत गैस बनती है। पाचन की विकृति से व्यक्ति कमजोर हो जाता है। कब्ज़ को नहीं होने देना अधिक बेहतर है। आप ज्यादा फाइबर खाएं और बहुत सारे तरल पदार्थ पीयें। हल्के व्यायाम भी करें। आहार और जीवनशैली में परिवर्तन से कब्ज़ को दूर करने की कोशिश करें।

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स का जेनेरिक फार्मूला क्या है?

Composition

  • Lactifiber Granules is composed of the following active ingredients
  • Lactitol Monohydrate 10gm + Ispaghula Husk 3.5 gm. /15 gm. Granule

लैक्टिटोल या लैक्टिथॉल मोनोहाइड्रेट क्या है?

 लैक्टिथॉल शुगर अल्कोहल है। यह कम कैलोरी खाद्य पदार्थों में चीनी के विकल्प की तरह बल्क स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इअमें चीनी की तुलना में लगभग 40% मिठास होती है।

इसका एक विरेचक के रूप में भी चिकित्सकीय उपयोग किया जाता है। विरेचक या लेक्सेटिव मल को ढीला करते हैं और आंत्र को स्तिमुलेट करते हैं। उनका उपयोग कब्ज के उपचार और / या रोकने के लिए किया जाता है।

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लैक्टिथोल का उपयोग सभी शाकाहारियों द्वारा किया जा सकता है।

लैक्टिटोल के साइड इफेक्ट्स में शामिल हैं, पेट फूलना , सूजन, पेट में ऐंठन , मतली , उल्टी , अधिजठर दर्द , पेट की परेशानी , गुदा में खुजली , अपच या दस्त आदि। लैक्टिथोल के ओस्मोटिक प्रभाव से आंतों की दीवार पानी खींचती है, इसलिए अधिक सेवन करने से दस्त से इसका कारण हो सकता है।

लैक्टिथोल को  galactosemia, चिकित्सकजनित अतिसंवेदनशीलता, आंत्र रुकावट और पेट में दर्द या ब्लीडिंग में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इसबगोल की भूसी क्या है?

इसबगोल (प्लांटेगो ओवाटा) भारत में गुजरात और पंजाब में अधिक उगाया जाता है। यह पेट रोगों की अच्छी दवाई है। इसके सेवन से कब्ज़-बवासीर में लाभप्रद है। यह आँतों को चिकना करता है और मलको दूर करने में सहयोग देता है। इसबगोल आँतों के घाव को ठीक कर सकता है। इसबगोल पेट में गैस, अफारा, और अपच में भी फायदा करता है।

इसबगोल का मुख्य गुण मूत्रल और विरेचक है। आयुर्वेद में इसे शीतल, शांतिदायक, और दस्त को साफ़ करने वाला कहा गया है। यह मल को आंत से दूर करने में सहायता करता है जिससे पेट के मरोड़, दर्द, मलावरोध से आराम मिलता है। पेचिश, अतिसार तथा आंतो के घाव में भी यह उपयोगी है।

  • यह फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  • इसका सेवन कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
  • यह मुख्य रूप से इसके विरेचक गुणों के कारण कब्ज़ के उपचार में प्रयोग किया जाता है।
  • यह पुराने कब्ज़ में स्टूल की फ्रीक्वेंसी और आउटपुट को नियंत्रित करता है।
  • इरीटेबल बाउल सिंड्रोम IBS में भी अच्छे परिणाम देता है।

यदि इसबगोल कम मात्रा ली जाए तो यह मल को रोकता है और अधिक मात्रा में यह विरेचन कराता है। पेचिश, दस्त, आंव पड़ना, में यह बहुत ही लाभदायक है। दस्त में इसे दही के साथ सेवन करना चाहिए।

इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। अगर इसबगोल भूसी पर्याप्त तरल के बिना ली गई है तो स्टूल बहुत ड्राई और कड़ा हो सकता है। इसमें फाइबर अधिक है, इसलिए गैस बनना और पेट फूलना अधिक होता है। इससे नाक की सूजन rhinitis, नेत्रश्लेष्मलाशोथ (लाल रंग और आंखों के श्वेत की सूजन), ब्रॉन्कोस्पज़म (अत्यधिक और एयरवे की मांसपेशियों का लंबे समय तक संकुचन) और एनाफिलेक्सिस (गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया) हो सकती है।

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इसबगोल 6 साल से छोटे बच्चे को और डिहाइड्रेशन में नहीं दिया जाना चाहिए। जिन स्थितियों में पेट और आंत का संकुचन होता है, और जिन रोगियों में निगलने में कठिनाई होती है या उनके गले में समस्याएं हैं, उन्हें यह नहीं दिया जाना चाहिए।

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स क्यों इस्तेमाल करते हैं?

Indications and Usage

  • कब्ज़ Constipation
  • आईबीएस Inflammatory bowel disease
  • गर्भावस्था में कब्ज़ Pregnancy-associated constipation
  • गुदा में दरार Small tear in the tissue that lines the anus
  • गुदा में सूजन Swollen vein in anus regions
  • पुरानी या बार-बार होने वाली कब्ज Chronic or habitual constipation
  • लिवर की विफलता से दिमागी दिक्कत Abnormal brain function due to liver failure

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स की दवाई की मात्रा क्या है?

Dose

इसे 10-20 ग्राम की मात्रा में लिया जा सकता है। यह मात्रा दिन में एक ही बार या बाँट कर दो बार ले सकते हैं। 40 ग्राम से ज्यादा की मात्रा नहीं ली जानी चाहिए। इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। अगर पेट में दिक्कत होती हो, इसे खाना खाने के बाद लें।

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स की प्रेगनेंसी केटेगरी क्या है?

केटेगरी बी B – गर्भवती महिलाओं पर कोई पर्याप्त, नियंत्रित अध्ययन नहीं किया गया है। पशु प्रजनन पर किये गए अध्ययन भ्रूण के लिए खतरा नहीं दिखा सके।

Either animal-reproduction studies have not demonstrated a foetal risk but there are no controlled studies in pregnant women or animal-reproduction studies have shown an adverse effect (other than a decrease in fertility) that was not confirmed in controlled studies in women in the 1st trimester (and there is no evidence of a risk in later trimesters).

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स के संभावित दुष्प्रभाव Side-effects क्या हो सकते हैं?

Sun Pharma Lactifiber Granules Side-effects

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स में मौजूद पदार्थों के अनुसार दवा से हो सकने वाले कुछ संभावित दुष्प्रभावों की सूची निम्नलिखित है। यह एक व्यापक सूची नहीं है और इसमें सभी साइड इफेक्ट्स शामिल नहीं हैं। यह दुष्प्रभाव संभव हैं, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ लेकिन गंभीर हो सकते हैं। यदि आपको दवा के साइड इफेक्ट्स होते हैं तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें, खासकर यदि वे ठीक नहीं हो रहे हों:

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इसे लेने से पेट में दर्द होना, गैस और पेट फूलना सबसे कॉमन साइड इफेक्ट्स हैं।

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स को कब प्रयोग न करें?

Sun Pharma Lactifiber Granules Contraindications

  • एलर्जी
  • आँतों में रुकावट
  • 6 वर्ष से कम आयु के बच्चे
  • मधुमेह
  • निगलने में कठिनाई
  • पानी की कमी
  • दस्त आदि।
  • दवा को लेने के दौरान पानी ज्यादा मात्रा में पियें।

लैक्टिफाइबर ग्रेन्यूल्स लेने में क्या सावधानी रखें?

Cautions and Warnings

दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर को अपने वर्तमान में लिए जाने वाले सप्लीमेंट या हर्बल दवा, एलर्जी, बीमारियों और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे गर्भावस्था, आगामी सर्जरी, आदि) के बारे में बताएं। यदि अल्कोहल लेते हैं तो भी बताएं।

कब्ज़ की दवा लेते समय पानी की मात्रा अधिक लेनी चाहिए। यदि इसबगोल की भूसी ले रहे हैं लेकिन पानी नहीं पी रहे तो स्टूल हार्ड और ड्राई हो सकता है जिससे कंडीशन ठीक होने के बजाए बढ़ सकती है। इसलिए पानी अधिक पियें। यह दवा 6 साल से छोटे बच्चों को नहीं दें।

गर्भावस्था में कोई दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। पानी ज्यादा मात्रा में पियें। पीने के लिए हल्का गर्म पानी लें। दवा के साथ साथ खाने-पीने पर नियंत्रण और व्यायाम आवश्यक है। कब्ज़ के कारण को जानने का प्रयत्न करें। कई बार शरीर में किसी प्रकार का रोग जैसे की डायबिटीज, के कारण भी कब्ज़ हो जाता है। अच्छे प्रभाव के लिए दवा के साथ-साथ जीवन शैली में भी परिवर्तन करें।

यह दवा आपके लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकती है लेकिन आपकी स्थिति का इलाज नहीं करती। दवा को लेने से पहले, अपने चिकित्सक को आपके द्वारा लिए जा रहे उत्पादों (जैसे विटामिन, हर्बल सप्लीमेंट, आदि), व एलर्जी, अन्य कोई रोग, बीमारियों और वर्तमान स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे गर्भावस्था, सर्जरी, आदि) के बारे में बताएं। चिकित्सक द्वारा निर्देशित या उत्पाद प्रविष्टि पर मुद्रित दिशा का पालन करें। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित है। अपने चिकित्सक को बताएं यदि आपकी स्थिति वैसे ही बनी रहती है या और बुरी हो जाती है। दवा को दृष्टि और बच्चों की पहुंच से बाहर रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

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Sun Pharmaceutical Lactifiber Granules contains Lactitol Monohydrate 10gm + Ispaghula Husk 3.5 gm/15 gm.

Lactitol is a sugar alcohol used as a replacement bulk sweetener for low calorie foods with approximately 40% of the sweetness of sugar. It is also used medically as a laxative. Lactitol, an unabsorbed sugar with defined laxative threshold and superior taste properties has been suggested as an alternative to lactulose.

The side effects of lactitol include flatulence, bloating, abdominal cramps, or diarrhea. The side effects of lactitol include flatulence, bloating, abdominal cramps, or diarrhea.

The symptomatic adverse reactions produced by Lactitol Monohydrate are more or less tolerable and if they become severe, they can be treated symptomatically, these include Abdominal distension, Flatulence, Nausea, Vomiting, Dyspepsia, Cramps, Epigastric pain, Abdominal discomfort, Anal pruritus, dyspepsia.

Lactitol is contraindicated in patients with galactosemia, iatrogenic hypersensitivity, intestinal obstruction and abdominal pain or bleeding.

Ispaghula husk is the seed coats of the plant Plantago ovata Forssk. The husk is obtained by powdering the seed coats. Ispaghula husk is generally used for the treatment of habitual constipation (constipation not caused by a physical change to an organ) and as a stool softener to reduce pain while motion (as in anal fissures, hemorrhoids and after surgery to the anus or rectum). It can be used in people requiring more dietary fiber, such as patients with irritable bowel syndrome who are suffering from constipation or in combination with diet in patients with hypercholesterolemia (high blood cholesterol levels).

Ispaghula husk should be taken with plenty of liquid. It should be taken during the day at least half an hour to one hour before or after taking other medicines and not immediately before bedtime. It should only be used in adults and children over the age of 12 years.

Side effects have been reported with ispaghula husk medicines, including flatulence and abdominal distension (swelling of the belly). There is a risk of a build-up of hard, dry stool, particularly if Ispaghula husk is swallowed without enough liquid. Allergic reactions including rhinitis (runny nose), conjunctivitis (reddening and inflammation of the white of the eye), bronchospasm (excessive and prolonged contraction of the airway muscles) and anaphylaxis (severe allergic reaction) may also occur.

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Laxatives (of any kind) should be used in children only when deemed absolutely necessary and only under medical supervision.

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