एसाइक्लोवीर हर्पीस की दवा की जानकारी Acyclovir Herpes

एसाइक्लोवीर हर्पीस में दी जाने वाली दवा है। जानिये एसाइक्लोवीर को कैसे इस्तेमाल किया जाता है और कितने दिन तक हर्पीस में एसाइक्लोवीर दवा लेनी पड़ती है। एसाइक्लोवीर की खुराक कितनी होती है और इसके कौन कौन से ब्रांड हैं।

एलोपैथिक दवाई एसाइक्लोवीर ACICLOVIR or Acyclovir, को हर्पीस वायरस के लिए दिया जाता है। यह दवा रोग के लक्षणों में आराम देती है लेकिन यह रोग को जड़ से नष्ट नहीं करती।

एंटीवायरल दवा होने से है यह इन संक्रमणों में फायदेमंद है लेकिन यह हर्पीस जैसे रोगों को ठीक नहीं करती। वायरस भी इलाज़ के बाद भी शरीर में ​​जीवित रहते हैं। लेकिन दवा देने से प्रकोपों ​​की गंभीरता और लंबाई घट जाती है। यह घावों को तेजी से ठीक करने में मदद करती है, नए फफोले नहीं होते, और दर्द / खुजली घट जाती है । घावों को ठीक करने के बाद भी यह दवा कम होने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में , एसाइकोविर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल विषाणु के जोखिम को कम कर सकता है।

एसाइक्लोवीर को इन्फेक्शन के शुरू होने पर दिया जाता है। इसे उन पेशेंट को भी दिया जाता है जिनमें हर्पीस का संक्रमण बार-बार होता है क्योंकि उनमे इम्युनिटी किन्ही कारणों से कम हो गई होती है। जननांग घाव, ऑसोफैगिटिस और प्रोक्टाइटिस Genital lesions, oesophagitis, proctitis का भी एसाइक्लोवीर से इलाज किया जा सकता है।

इसे दिन में 2 से लेकर 5 बार तक लिया जाता है। इसे खाने के साथ या बिना खाने के ले सकते हैं। इस दवा को लेने के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए और फ्लूइड का ज्यादा रखना चाहिए। रोजाना इसे एक ही समय पर लेना च्चिये जिससे इसकी बराबर मात्रा शरीर में बनी रहे।

  1. जेनेरिक: Aciclovir
  2. मुख्य प्रयोग: herpes simplex and varicella–zoster

उपलब्ध ब्रांड नाम:

  1. Aciherpin Agio Pharmaceuticals Limited
  2. Aciv Zee Laboratories Ltd
  3. Acivir Cipla Limited
  4. Acivir DT Cipla Limited Tablet
  5. Acivir DT Cipla Limited
  6. Okavir (Skin) Cipla Limited Cream
  7. Okavir DT Cipla Limited Tablet
  8. Trikase East India Pharmaceutical Works Ltd.
  9. Zovirax Glaxo Smithkline Pharmaceuticals Ltd.
इसे भी पढ़ें -  एसीवीर टैबलेट Acivir Tablet in Hindi

एसाइक्लोवीर को किन रोगों में प्रयोग करते हैं?

एसाइक्लोवीर को कुछ प्रकार के वायरस के कारण संक्रमण का इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मुंह के चारों ओर कोल्ड सोर ( हर्पीस सिंप्लेक्स की वजह से ), दाद shingles (हर्पीस जोस्टर कारण ), और चिकनपोक्स में प्रयोग की जाती है ।

एसाइक्लोवीर को जननांग हर्पीस के प्रकोपों ​​का इलाज करने के लिए भी उपयोग किया जाता है । बार-बार संक्रमण से ग्रसित लोगों में इसे भविष्य के एपिसोड की संख्या को कम करने में मदद करने के लिए दिया जाता है।

एसाइक्लोवीर के चिकित्सीय उपयोग निम्न हैं:

  1. चेचक chicken pox
  2. प्राथमिक जननांग दाद के उपचार Treatment of primary genital herpes
  3. वेरिसिला- ज़ोस्टर रोगी disseminated Varicella-zoster in immunocompromised
  4. हरपीज सिम्प्लेक्स एन्सेफलाइटिस patients Herpes simplex encephalitis

एसाइक्लोवीर किन रूपों में उपलब्ध है?

  1. Availability
  2. Aciclovir Intravenous Infusion 100 ml (after reconstitution) (250 mg)
  3. Aciclovir Tablets 200, 400 and 800 mg
  4. Aciclovir Suspension 400 mg/5 ml
  5. Aciclovir Cream 5g (5% w/w)

एसाइक्लोवीर की डोज़ क्या है?

Dose

वयस्क:

जननांग हर्पीज सिंप्लेक्स और गैर-जननांग हर्पीज सिंप्लेक्स उपचार:

आमतौर पर 200 मिलीग्राम प्रतिदिन पांच बार 5 दिन तक, अधिक समय तक यदि नए घावों के उपचार दौरान दिखाई देते हैं। immunocompromised रोगियों और अवशोषण बिगड़ा हुआ है, के लिए 400 मिलीग्राम।

हरपीज दुबारा होने से रोकने के लिए / रोकथाम:

200 मिलीग्राम दैनिक 4 बार या 400 मिलीग्राम दो बार दैनिक।

वैरिसेला और हरपीज ज़ोस्टर:

800 मिलीग्राम पांच बार दैनिक, 7 दिनों के लिए।

चेचक:

800 मिलीग्राम पांच बार दैनिक 7 से दस दिन।

इस दवा को एक गिलास पानी के साथ निगल कर लेते हैं। इस दवा को कभी भी चबा कर या तोड़ कर नहीं लेना चाहिए।

एसाइक्लोवीर को कब नहीं लेना चाहिए?

Contraindications

  1. अवसाद depression
  2. एलर्जी hypersensitivity
  3. ग्लूकोमा glaucoma
  4. मानसिक रोग psychiatric disease

एसाइक्लोवीर किन लोगों को सावधानी से लेनी चाहिए?

Precautions

  1. शरीर में पानी की कमी न होने दें maintain adequate hydration (especially with infusion or high doses, or during renal impairment
  2. बुजुर्ग (न्यूरोलॉजिकल प्रतिक्रियाओं का खतरा) elderly (risk of neurological reactions)
  3. गर्भावस्था pregnancy
  4. स्तनपान कराने वाली महिलायें breast-feeding
इसे भी पढ़ें -  पैन-डी Uses, Dosage, Side effects, Warnings in Hindi

एसाइक्लोवीर प्रेगनेंसी केटेगरी क्या है?

केटेगरी बी B – गर्भवती महिलाओं पर कोई पर्याप्त, नियंत्रित अध्ययन नहीं किया गया है। पशु प्रजनन पर किये गए अध्ययन भ्रूण के लिए खतरा failed to demonstrate a risk to the fetus नहीं दिखा सके।

एसाइक्लोवीर के साइड इफ़ेक्ट क्या हो सकते हैं?

Adverse Effects

  1. पेट में दर्द Abdominal pain
  2. गतिभंग Ataxia
  3. उलझन Confusion
  4. आक्षेप Convulsions
  5. दस्त Diarrhoea
  6. dysarthria Dysarthria
  7. दमा Dyspnoea
  8. थकान Fatigue
  9. भ्रम Hallucinations
  10. सरदर्द Headache
  11. पीलिया Jaundice
  12. जी मिचलाना Nausea
  13. चक्कर आना सहित तंत्रिका संबंधी प्रतिक्रियाएं Neurological reactions including dizziness
  14. रौशनी से दिक्कत Photosensitivity
  15. खुजली Pruritus
  16. लाल चकत्ते Rash
  17. पित्ती Urticaria
  18. हैपेटाइटिस Very rarely hepatitis
  19. उल्टी Vomiting

यह साइड इफेक्ट की पूरी सूची नहीं है।

एसाइक्लोवीर कैसे स्टोर करें?

Storage

इसे रौशनी से दूर रखें।

Aciclovir is 2-amino-9-[2-hydroxyethoxy)methyl]-1,9-dihydro- 6H-purin-6-one. It is an antiviral medicine, for stopping the growth of virus.

Aciclovir 200mg and 400mg tablets are used to:

Prevent herpes simplex infections in patients whose immune system is not working properly

Treat chicken pox (varicella infection)

Treat or prevent herpes simplex infections of the skin and mucous membranes e.g. Cold sores and genital herpes (except in children whose immune system work less well and they are unable to fight infections)

Aciclovir 800mg tablets are used to:

  1. Treat chicken pox (varicella infection)
  2. Treat shingles (herpes zoster infection)

Usual doses:

Herpes simplex infection (e.g. cold sores, genital herpes)

Adults

  1. Treatment – 200mg 5 times a day at 4 hourly intervals for 5 days
  2. Prevention – 200mg 4 times a day at 6 hourly intervals for 6-12 months
  3. Prevention in patients whose immune system is not working properly – 200mg 4 times a day at 6 hourly intervals for the period that the patient is at risk
  4. Patients with severely impaired kidney function – 200mg twice a day at 12 hourly intervals

 Herpes simplex infection (e.g. cold sores, genital herpes)

Children treatment

2 years and over – adult dose

  1. Under 2 years- half the adult dose
  2. Prevention in patients whose immune system is not working properly –
  • 2 years and over – adult dose
  • under 2 years- half the adult dose
इसे भी पढ़ें -  चिकन पॉक्स का लक्षण और ट्रीटमेंट Chicken Pox in Hindi

Herpes zoster infection (shingles)

  1. Adults treatment – 800mg 5 times a day at 4 hourly intervals for 7 days
  2. treatment in patients with moderately impaired kidney function – 800mg 3 times a day at 6-8 hourly intervals
  3. treatment in patients with severely impaired kidney function – 800mg twice a day at 12 hourly intervals

Varicella infection (chicken pox)

Children treatment – for 5 days

  • 6 years and over – 800mg 4 times a day
  • 2-5 years- 400mg 4 times a day
  • under 2 years- 200mg 4 times a day

A liquid formulation might be more suitable for small children.

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.