पेचिश (अमिबायसिस Amebiasis) जानकारी और उपचार

जानिये पेचिश बीमारी क्या होती है और इसका का इलाज कैसे किया जाता है। पेचिश के लक्षण क्या होते हैं और पेचिश को आयुर्वेदिक दवाइयों से कैसे ठीक किया जा सकता है। जानिये पेचिश की कैन कौन सी दवाएं हैं।

पेचिश (pechish) एक रोग रोग है जोकि एंटअमीबा हिस्टोलिका के द्वारा फैलता है। यह एक आँतों का इन्फेक्शन है। एंटअमीबा हिस्टोलिका बड़ी आँतों में पाया जाता है। कुछ मामलों में, यह बृहदांत्र दीवार (कोलन वाल) पर हमला करता है, जिससे बृहदांत्रशोथ, तीव्र पेचिश, या क्रोनिक (पुरानी) दस्त होने लगती है। दुर्लभ मामलों में संक्रमण रक्तप्रवाह से यकृत, फेफड़े, मस्तिष्क या अन्य अंगों में में फैल सकता है।

पेचिश (अमिबायसिस) गंदे खाने, पीने और खराब हाइजीन से होने वाला रोग है। इससे संक्रमित व्यक्ति को लूज़ मोशन, पेट में दर्द, ऐठन, आदि लक्षण होते हैं। अमिबिक डिसेंट्री इसका गंभीर रूप है जिसमें बुखार, रक्त मिश्रित आंव युक्त दस्त, और पेट में दर्द होता है। संक्रमण से लक्षण, तुरंत या कुछ सप्ताह बाद प्रगट हो सकते हैं।

पेचिश पूरी दुनिया में पायी जाती है और दुनिया के गर्म-नम हिस्सों में अधिक कॉमन है। भारत, अफ्रीका, साउथ अमेरिका आदि देश इससे अधिक प्रभावित हैं।

Alternative Names

Amebic dysentery, Intestinal amebiasis, Amebic colitis, Diarrhea – amebiasis

Amebiasis is an infection caused by the protozoa organism Entamoeba histolytica. E histolytica can cause colitis and other extra intestinal manifestations, including liver abscess (most common) and pleuropulmonary, cardiac, and cerebral dissemination. E histolytica is transmitted primarily through the fecal-oral route. Infective cysts can be found in fecally contaminated food and water supplies and contaminated hands of food handlers. Sexual transmission is possible, especially in the setting of oral-anal practices.

पेचिश क्या है?

अम्बाबियास एक कोशिका वाली परजीवी एंटअमीबा हिस्टोलिटिका से होने वाली एक बीमारी है ।

पेचिश (अमीबासिस) किसे हो सकता है?

  1. किसी को भी यह बीमारी हो सकती है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में इसके होने की सम्भावना अधिक होती है।
  2. इसके होने के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है:
  3. खराब हाइजीन
  4. ट्रॉपिकल देशों के लोग
  5. उन पुरुषों में जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं।
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एंटअमीबा हिस्टोलिटिका से संक्रमित कैसे हो सकते हैं ?

एंटअमीबा हिस्टोलिटिका ज्यादातर दूषित खाने और पानी के कारण होता है।

दूषित स्थान को छूकर हाथ न धोने से और उसी हाथ से कुछ खा लेने पर यह इन्फेक्शन हो सकता है।

पेचिश के लक्षण क्या हैं?

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ई हिस्टोलिटिका से संक्रमित होने वाले 10 में 1 व्यक्ति संक्रमण से बीमार हो जाता है। जो लोग बीमार हो जाते हैं वे आम तौर पर 2 से 4 सप्ताह के भीतर लक्षण विकसित करते हैं, हालांकि यह कभी-कभी अधिक समय लग सकता है।

लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और इसमें शामिल है

  1. पेट में ऐंठन Abdominal cramps
  2. ढीले मल, दस्त Diarrhea passage of 3 to 8 semiformed stools per day, or passage of soft stools with mucus and occasional blood
  3. पेचिश, पानी जैसा पतला स्टूल जिसमें रक्त हो Bloody stools
  4. उलटी होना Vomiting
  5. थकावट Fatigue
  6. गैस Excessive gas
  7. गुदा में दर्द Rectal pain while having a bowel movement (tenesmus)
  8. वज़न कम होना Unintentional weight loss

अमिबिक डाइंसेंटरी से पेट दर्द, खूनी मल (बुखार), और बुखार आना अम्बिआसिस का एक गंभीर रूप है।

कुछ छोटी घटनाओं में, यह शरीर के अन्य भागों में फैल गया जैसे फेफड़े या मस्तिष्क, लेकिन यह बहुत असामान्य है।

पेचिश (अमिबियासिस) का निदान कैसे किया जाता है?

अमिबियासिस का निदान बहुत मुश्किल हो सकता है क्योंकि माइक्रोस्कोप के नीचे अन्य परजीवी और ई हिस्टोलिटिका की कोशिका समान दिख सकती है। इसलिए, कभी-कभी लोगों को बताया जाता है कि वे ई हिस्टोलिटिका से संक्रमित हैं , हालांकि उनमें यह संक्रमण नहीं होता।

इसके लिए स्टूल टेस्ट के लिए कहा जा सकता है। क्योंकि ई हिस्टोलिटिका हमेशा हर मल नमूने में नहीं मिलता है, इसलिए कई अलग-अलग दिनों से कई स्टूल टेस्ट के लिए कहा जा सकता है।

खून का परीक्षण भी उपलब्ध है लेकिन यह केवल तब ही कराया जाता है जब डॉक्टर को लगता है कि संक्रमण आपके शरीर के कुछ अन्य अंग जैसे आंत्र, यकृत आदि में फ़ैल सकता है।

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इन लक्षणों के आधार पर भी दवा दी जा सकती है:

  1. खूनी दस्त Gradual onset of bloody diarrhea
  2. पेट में मरोड़ के साथ दर्द Abdominal pain
  3. बुखार Fever
  4. बिना दस्त के गुदा रक्तस्राव Rectal bleeding without diarrhea can occur, especially in children
  5. कोलाइटिस, आमतौर पर गंभीर खूनी दस्त necrotizing colitis usually manifests as severe bloody diarrhea and diffuse
  6. पेरिटोनिटिस और बुखार के साक्ष्य के साथ पेट दर्द abdominal pain with evidence of peritonitis and fever

अमिबायसिस का इलाज कैसे किया जाता है?

अमिबायसिस के उपचार के लिए कई एंटीबायोटिक उपलब्ध हैं।

ई हिस्टोलिटिका के संक्रमण ने यदि बीमार नहीं किया है तो आपको केवल एक ही एंटीबायोटिक के साथ इलाज किया जाता है।

लेकिन यदि इस संक्रमण से आप बीमार हो जाते हैं, तो आपको दो एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जाता है।

पेचिश की एलोपैथिक दवा

Metronidazole

Adult: 400 – 800mg, 8 hourly for 5- 10 days।

Children (below 10 years: 35 – 50mg/kg/d in 3 divided doses)

  1. 1-3 years: 100-200mg 8 hourly for 5 – 10 days
  2. 3-7 years 100-200mg 6 hourly for 5 -10 days
  3. 7- 10 years200-400mg 8 hourly for 5 -10 days

दवा को खाने के साथ ही लें।

पेचिश की आयुर्वेदिक दवा

  1. Baidyanath Amoebica
  2. Baidyanath Issabael H
  3. Kutaj Ghan Vati बिना पका भोजन न करें।
  4. Kutjavaleh
  5. Pytho Pharma Mebarid

पेचिश की दवाओं के साथ निम्न का ध्यान रखें Home remedies

  1. पानी की कमी न होने दें। ठण्डा पानी नहीं पियें।
  2. थोड़ी थोड़ी देर पर पानी पीते रहें।
  3. नारियल पानी पियें।
  4. खाने में पतली मूंग दाल की खिचड़ी खाएं इसमें पकाते समय कुछ लहसुन डाल दें और बनने के बाद अच्छे से अजवाइन और लहसुन का तड़का लगायें।

अमिबियासिस Prevention से कैसे बचा जाए?

  1. बाहर यदि पानी पीना हो तो बोतलबंद पानी ही पियें।
  2. सड़क किनारे मिलने वाले भोजन, चाटपकौड़े आदि न खाएं।
  3. गन्दा पानी न पियें।
  4. पब्लिक टॉयलेट को इस्तेमाल करने के बाद हाथों को अच्छे से धोएं।
  5. खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छे से धोना न भूलें।
  6. ट्रेवल करते समय कोशिश करें कि घर का बना खाना ही खाएं।
  7. अच्छे हाइजीन, साफ़ पानी और खाने से पेट की बीमारियों से बचा जा सकता है।
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