पित्ताशय की पथरी Gallstones जानकारी और इलाज़

पित्ताशय की पथरी क्या है? What are gallstones? गालस्टोंस किस कारण से होता है? What causes gallstones? पित्ताशय की पथरी का क्या इलाज़ है? How gallstones are treated?

पित्ताशय को इंग्लिश में गालब्लैडर Gallbladder कहते हैं। यह एक छोटी नाशपाती के आकार का अंग  है जो दाएं और लीवर के नीचे स्थित होता है। पित्ताशय अन्दर से ठोस नहीं होता। इसका मुख्य काम बाइल bile या पित्त को स्टोर करना और उसे सांद्रित store and concentrate bile करना होता है। पित्त पीला और भूरा डाईजेस्टिव एंजाइम है जो यकृत/लीवर बनाता है। लीवर से यह बाइल गालब्लैडर के अंदर स्टोर हो जाता है। गालब्लैडर से लीवर में बनने वाले वेस्ट प्रोडक्ट्स को छोटी आंत के ड्यूडनम duodenum में भेजा जाता है।

गालस्टोंस के अधिकांश मामलों को आसानी से सर्जरी के साथ इलाज किया जाता है और बहुत गंभीर मामलों में जीवन को खतरा हो सकता है, खासकर उन लोगों में जिनका स्वास्थ्य किसी अन्य रोग के कारण खराब है।

शरीर में गालब्लैडर का महत्व

Importance of Gallbladder

गालब्लैडर या पित्ताशय को एक स्टोरेज ऑर्गन समझा जा सकता है जो लीवर से बनने वाले बाइल को स्टोर करता है। यह लीवर के नीचे और राईट एब्डोमेन right abdomen में स्थित होता है। लीवर बाइल बनाता है, जो बाइल डक्ट bile ducts से होते हुए गालब्लैडर में चला जाता है।

गालब्लैडर बाइल को स्टोर करके रखता है और इसे कंसन्ट्रेट करता है जिसके लिए यह इसमें मिनरल साल्ट और एंजाइम मिक्स करता है। जब फैट का पाचन होना होता हैं, जो आँतों में ही शुरू होता है, यह उसे स्रावित कर देता है।

यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि पाचन के लिए लीवर ही जिम्मेदार है। लीवर ही बाइल बना रहा है। यह बाइल गालब्लैडर में कावल स्टोर किया जाता है। गालब्लैडर बाइल बना नहीं रहा है।

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पित्ताशय की पथरी क्या है? What are gallstones?

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पित्ताशय की पथरी को इंग्लिश में गालस्टोंस कहते हैं। गालस्टोंस कठोर कण होते हैं जो पित्ताशय की थैली में विकसित होते हैं।

गालस्टोंस आकार में एक रेत के दाने से एक गोल्फ की गेंद तक के हो सकते हैं। गालब्लैडर में एक बड़ा या सैकड़ों छोटे पत्थरों या छोटे और बड़े दोनों ही तरह से पत्थर बन सकते हैं।

आमतौर पर गालस्टोंस कोलेस्ट्रॉल से बने होते हैं, जो कि पित्ताशय की थैली में होता है। बहुत से मामलों में इसके कोई लक्षण नहीं होते और इलाज की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन बहुत से मामले ऐसे भी होते हैं जिसमें इसके कारण बहुत दर्द होता है।

गालस्टोंस से ऊपरी दाएं साइड के पेट में अचानक दर्द हो सकता है। यह दर्द, जिसे गालब्लैडर अटैक बाईलरी कोलिक biliary colic कहा जाता है, और यह तब होता है जब पथरी, पित्त के रास्ते के को ब्लॉक करती है। यह दर्द 5-6 घंटे तक बना रह सकता है।

गालस्टोंस से पित्ताशय में सूजन (पित्ताशयशोथ) की सूजन हो सकती है, और निम्न लक्षण भी देखे जाते हैं:

  1. लगातार दर्द persistent pain
  2. पीलिया jaundice
  3. बुखार fever

जब गालस्टोंस लक्षण या जटिलताओं का कारण बनता है, इसे कोलेलिथियसिस cholelithiasis कहा जाता है।

गालस्टोंस किस कारण से होता है? What causes gallstones?

ज्यादातर मामलों में गालस्टोंस, गालब्लैडर में कोलेस्ट्रॉल के अधिक स्तर से होता है। कोलेस्ट्रॉल पथरी की तरह जम जाता है। गालस्टोंस पित्ताशय की थैली के अंदर पित्त के रासायनिक मेक-अप में असंतुलन के कारण विकसित हो सकता है।

गालस्टोंस, बहुत आम हैं यह अनुमान के अनुसार करीब हर 10 वयस्कों में 1 को गालस्टोंस हो सकते हैं, लेकिन केवल कुछ ही लोगों में इसके लक्षण विकसित होते हैं।

गालस्टोंस के लक्षण क्या हैं?

What are the symptoms of gallstoes?

गालस्टोंस के अधिकांश मामलों में कोई लक्षण नहीं होते हैं लेकिन यदि पथरी पित्त नलिकाओं को ब्लॉक कर लेती है, तो यह अचानक, गंभीर पेट के दर्द का कारण बन सकता है।

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पेट दर्द

अचानक, गंभीर पेट दर्द जो आम तौर पर एक से पांच घंटे तक रहता है लेकिन यह कभी-कभी कुछ मिनटों तक ही रह सकता है।

यह दर्द निरंतर होता है और अक्सर वसायुक्त भोजन खाने के बाद कभी-कभी ट्रिगर होता है, लेकिन दिन के किसी भी समय हो सकता है और यहदर्द तीव्र होता है और रात में होने पर आपकी नींद खुल जाती है।

  1. यह दर्द पेट के दायें हिस्से से बीच में महसूस होता है।
  2. यह दर्द बस दाहिनी पसलियों के नीचे-या आपके शरीर के साइड या कंधे के ब्लेड में फैल सकता है।
  3. यह दर्द अक्सर नहीं होता है। एक बार होने पर ऐसा हो सकता हैं कि यह वापस से कई सप्ताह या महीने के बाद हो।
  4. दर्द के दौरान, ज़्यादा पसीना आ सकता है।
  5. इससे उल्टियाँ भी हो सकती हैं।

अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  1. हल्का बुखार 100.4 एफ temperature of 38C (100.4F) or above
  2. अधिक लगातार दर्द more persistent pain
  3. तेज़ दिल की धड़कन a rapid heartbeat
  4. त्वचा और आँखों की सफेद पीला ( पीलिया ) yellowing of the skin and whites of the eyes (jaundice)
  5. त्वचा में खुजली itchy skin
  6. दस्त diarrhoea
  7. ठंड लगना, कांपना chills or shivering attacks
  8. उलझन confusion
  9. भूख न लगना loss of appetite

मैं डॉक्टर से कब मिलूं?

इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  1. पेट के दायें साइड तेज दर्द intense abdominal pain
  2. पीलिया jaundice
  3. पेट में दर्द आठ घंटे से अधिक समय तक रहता है abdominal pain lasting longer than eight hours
  4. उच्च तापमान और ठंड लगना high temperature and chills

Gallstones गालस्टोंस होते क्यों हैं?

What causes gallstone?

अभी भी इसके होने के कारण स्पष्ट नहीं है। लेकिन पित्त की पथरी बन सकती है, यदि:

  1. गालब्लैडर के अंदर असामान्य रूप से अधिक कोलेस्ट्रॉल है।
  2. गालब्लैडर के अंदर बिलीरूबिन नामक एक अपशिष्ट उत्पाद के असामान्य रूप से अधिक है।
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Gallstones गालस्टोंस किसे अधिक होता है?

गालस्टोंस अधिक आम हैं यदि आप:

  1. महिला हैं, और आप गर्भनिरोधक की गोली ले रही हैं, या उच्च खुराक वाली एस्ट्रोजन चिकित्सा करा रही हैं।
  2. अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं।
  3. 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं।
  4. क्रोहन रोग Crohn’s disease या इरीटेबल बोवेल सिंड्रोमirritable bowel syndrome (IBS) है।
  5. परिवार में यह बहुत से लोगों को है।
  6. तेजी से वज़न कम किया है।
  7. सेफट्रैक्सोन ceftriaxone नामक एक एंटीबायोटिक ले रहे हैं।

गालस्टोंस Gallstones का निदान क्या है? इसे कैसे पता लगाते हैं?

  1. गालस्टोंस अक्सर किसी और रोग के टेस्ट्स के दौरान पता लगते हैं।
  2. लेकिन यदि आप को लक्षण है तो इसके लिए अल्ट्रासाउंड स्कैन किया जा सकता है।

अल्ट्रासाउंड स्कैन

गालस्टोंस को आमतौर पर एक अल्ट्रासाउंड स्कैन के द्वारा निश्चित तौर पर पता लगाया जा सकता है।

यह गर्भावस्था के दौरान किये जाने वाले अल्ट्रासाउंड स्कैन के समान होता है, जिसमें ट्रांसड्यूसर नामक एक छोटी सी डिवाइस का प्रयोग किया जाता है। इस टेस्ट में कोई दर्द नहीं होता। ध्वनि तरंग ट्रांसड्यूसर से, त्वचा के माध्यम से और आपके शरीर में भेजी जाती है। वे शरीर के ऊतकों टकरा वापस लौटती हैं और, मॉनिटर पर एक इमेज बनाती है। इसको पूरा करने में लगभग 10-15 मिनट लगते हैं।

एमआरआई स्कैन

पित्त नलिकाएं में पित्त के पत्थरों को देखने के लिए एक चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन किया जा सकता है इस प्रकार का स्कैन शरीर के अंदर की विस्तृत छवियों का निर्माण करने के लिए मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करता है।

सीटी स्कैन

एक कंप्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन जैसे पित्ताशय की पथरी, के किसी भी जटिलताओं के लिए देखने के लिए किया जा सकता है, जैसे पैंक्रियास में सूजन।

सीटी स्कैन अक्सर गंभीर पेट दर्द का निदान करने के लिए एक आपातकाल में किया जाता है।

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गालस्टोंस का क्या इलाज़ है? How gallstones are treated?

आमतौर पर उपचार केवल तभी आवश्यक होता है जब पथरी के कारण लक्षण होते हैं, जैसेकि:

  1. पेट में तेज, घंटों तक रहने वाला दर्द Abdominal pain (biliary colic)
  2. जटिलतायें जैसे कि पीलिया या तीव्र अग्नाशयशोथ jaundice or acute pancreatitis
  3. इन मामलों में पित्ताशय की थैली हटाने cholecystectomy के लिए सर्जरी की जा सकती है।

ओपन कोलेसिस्टेक्टोमी Open cholecystectomy, तब की जाती है जब गालब्लैडर में सूजन हो यह यह संक्रमित हो। इसमें सर्जन पित्ताशय की थैली को हटाने के लिए पेट में 4 से 6 इंच लंबा चीरा बनाता है।

लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी Laparoscopic cholecystectomy के रूप में जाना जाने वाला यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल है और जटिलताओं का कम जोखिम है।

अगर व्यक्ति की सर्जरी नहीं की जा सकती, तो उसे दवाएं Ursodiol, chenodiol दी जा सकती हैं जिससे कोलेस्ट्रोल के पत्थर घुल जाएँ। नॉनसर्जिकल उपचार केवल विशेष परिस्थितियों में उपयोग किया जाता है, और इस उपचार के 5 वर्षों के भीतर फिर से पथरी हो सकती है।

Ursodiol (also known as Ursodeoxycholic acid) Capsules, tablets, is bile acid used for preventing or dissolving gallstones. It may dissolve smaller stones of cholesterol. It reduces the amount of cholesterol released by liver and by slowly dispersing the cholesterol in bile. This breaks up the stones or stops them developing.

Chenodiol (also known as Chenodeoxycholic acid) is a naturally occurring human bile acid.  Its chemical name is 3α, 7α-dihydroxy-5beta-cholan-24-oic acid (C24H40O4). The sites of action of chenodiol are the liver, bile, and the colon. It reduces hepatic synthesis both cholesterol and cholic acid, and gradually replaces the latter and its metabolite, deoxycholic acid.

Chenodal is not an appropriate treatment for many patients with gallstones.

पित्ताशय की थैली के बिना भी आप एकदम सामान्य जीवन जी सकते हैं। यकृत अभी भी भोजन को पचाने के लिए पित्त का उत्पादन करेगा, लेकिन पित्ताशय की थैली में न जा कर यह सीधे छोटी आंत में जाएगा।

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पित्ताशय की थैली हटाने के बाद कुछ लोगों में लगातार दस्त हो सकते है क्योंकि बाइल सीधे आँतों में जाता है। यह परिवर्तन आमतौर पर अस्थायी होते हैं।

पित्ताशय की थैली सर्जरी के दुष्प्रभाव side effects of gallbladder removal आमतौर पर केवल कुछ हफ़्ते ही रहते हैं। शल्य चिकित्सा के पहले कई हफ्तों तक आपको कम वसा वाले आहार खाने की सलाह दी गई होगी लेकिन बाद में इसे जारी रखने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, आप को आम तौर पर संतुलित आहार जिसमें कम मात्रा में वसा हो, खाना चाहिए। पित्ताशय एक एसेंशियल ओरगन नहीं है। इसके बिना भी आप पूरी तरह से सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसलिए घबराएं नहीं नहीं ज़रूरत हो तो सर्जरी करवा लें।

Gallstones are hard particles inside gallbladder that may be caused due to excess cholesterol, bilirubin, or not enough bile salts. Women, people over age 40, people with a family history of gallstones, have greater chances of developing these kinds of stones. Gallbladder attacks often occurs after heavy meals, in the evening or during the night.

Gallstones without any symptoms do not require any treatment. Such gallstones are called asymptomatic, or silent, gallstones. But, when gallstones are present with symptoms they should be treated as soon as possible to avoid complications of developing jaundice, inflammation in pancreas or damage to bile ducts.

The treatment involves surgery to remove the gallbladder. If a person cannot undergo surgery, nonsurgical treatments may be used to dissolve cholesterol gallstones.

The gallbladder is not an essential organ, and you can live normally without a gallbladder. When the gallbladder is removed, bile flows out of the liver through the hepatic and common bile ducts and directly into the duodenum, instead of being stored in the gallbladder. Therefore, do not worry and go for the surgery when suggested by your doctor.

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