पतंजलि शिवलिंगी बीज Uses, Benefits, Side Effects, Dosage, Warnings in Hindi

शिवलिंगी बीज प्रजनन शक्ति बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी है, आयुर्वेद में इसका उपयोग पुत्रजीवक बीज के साथ किया जाता है।शिवलिंगी का उपयोग बांझपन के उपचार के लिए किया जाता है। इसे बहुत पतले लोगों के द्वारा सावधानी से लिया जाना चाहिए, हालांकि इसमें विभिन्न आयुर्वेदिक गुण हैं जिसके कारण यह कफ दोष को कम कर देती है।

आयुर्वेदिक दवाई शिवलिंगी बीज, को मुख्य रूप से स्त्री बाँझपन में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें सूजन दूर करने, बढ़े कफ को कम करने, पित्त बढ़ाने, ओवरी से अंडाणु निकालने में सहयोग करने, पीरियड्स को ठीक करने समेत बहुत से गुण हैं जिससे यह स्त्रियों के बांझपन में इस्तेमाल होता है। इसके बीजों को पतंजलि आयुर्वेद द्वारा दिव्य शिवलिंगी बीज के नाम से बेचा जा रहा है। इसके बीजों का पाउडर बनाकर खाली पेट लिया जाता है।

इस दवा के बहुत से साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसे लेने से शरीर में रूक्षता आती है और पित्त बढ़ता है। पित्त के बढ़ने से एसिडिटी, पेट में जलन, हाथ पैर में जलन, ब्लीडिंग डिसऑर्डर हो सकते हैं। लेकिन यह साइड इफेक्ट्स सभी में हों ऐसा ज़रूरी नहीं है। दवा के सेवन के समय इसके इफ़ेक्ट और साइड इफ़ेक्ट के अनुसार दवा के बारे में निर्णय लिया जाता है। इसका पूरा फायदा लेने के लिए इसे डॉक्टर की सलाह पर लें।

यह पेज शिवलिंगी बीज के बारे में हिंदी में जानकारी देता है जैसे कि दवा का कम्पोज़िशन, उपयोग, लाभ/बेनेफिट्स/फायदे, कीमत, खुराक/ डोज/लेने का तरीका, दुष्प्रभाव/नुकसान/खतरे/साइड इफेक्ट्स/ और अन्य महत्वपूर्ण ज़रूरी जानकारी। यह दवा का प्रचार नहीं है। इस पेज का उद्देश्य दवा सम्बंधित सही जानकारी देना है। दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की राय पर ही करें।

  • दवा का नाम/उपलब्ध ब्रांड नाम: Shivlingi Beej (Seeds)
  • निर्माता: पतंजलि
  • जेनेरिक: ब्रयोनोप्सिस लेसिनियोसा के बीज
  • मुख्य प्रयोग: बाँझपन

शिवलिंगी बीज की संरचना क्या है?

Shivlingi Beej Composition/Ingredients

इसमें केवल एक ही द्रव्य है, शिवलिंगी या ब्रयोनोप्सिस लेसिनियोसा के बीज।

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शिवलिंगी बीज को किन रोगों में प्रयोग करते हैं?

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शिवलिंगी बीज के चिकित्सीय उपयोग निम्न हैं:

Shivlingi Beej Indications

  • अधिक कफ
  • चयापचय विकार
  • पीरियड्स की अनियमितता
  • पीरियड्स की समस्या
  • पीरियड्स में कम ब्लीडिंग
  • पीरियड्स में दर्द
  • प्रजनन क्षमता बढ़ाना
  • बार बार गर्भपात
  • सफ़ेद पानी की समस्या
  • स्त्री रोग
  • हॉर्मोन असंतुलन

शिवलिंगी बीज की डोज़ क्या है?

Shivlingi Beej Dose

  • शिवलिंगी बीजों को पीस लें और कपड़े से छान लें। इसे पुत्रजीवक के पाउडर के साथ अथवा अकेले ही लिया जा सकता है।
  • वयस्क: चौथाई चम्मच, खाली पेट, सुबह नाश्ते से पहले। इसे गाय के दूध के साथ लें।
  • इस दवा को निगल कर लेते हैं।

शिवलिंगी बीज का अन्य किन दवाओं से इंटरैक्ट कर सकती है?

Shivlingi Beej Drug Interactions

यह हर्बल दवा है और इसका ड्रग इंटरेक्शन ज्ञात नहीं है।

शिवलिंगी बीज के साइड इफ़ेक्ट क्या हो सकते हैं?

Shivlingi Beej Adverse Effects

  • इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।
  • इससे एसिडिटी हो सकती है।
  • पीरियड के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है।
  • यह साइड इफेक्ट की पूरी सूची नहीं है।

हमारा लक्ष्य आपको सही जानकारी प्रदान करना है। क्योंकि दवाएं प्रत्येक व्यक्ति को अलग तरह से प्रभावित करती हैं, हम इस बात की गारंटी नहीं दे सकते हैं कि इस जानकारी में सभी संभावित दुष्प्रभाव शामिल हैं। यह जानकारी चिकित्सा सलाह के लिए एक विकल्प नहीं है। हमेशा डॉक्टर से संभावित दुष्प्रभावों पर चर्चा करें।

शिवलिंगी बीज को कब नहीं लेना चाहिए?

Shivlingi Beej Contraindications

  • बहुत अधिक पित्त है, तो इसे नहीं लें।
  • शरीर में गर्मी के रोग हो तो इसे नहीं लें।
  • यह पोटेंसी में गर्म है इसलिए बहत लम्बे समय तक इसका इस्तेमाल नहीं करें।

शिवलिंगी बीज किन लोगों को सावधानी से लेनी चाहिए?

Shivlingi Beej Precautions

  • इसे बहुत पतले लोगों के द्वारा सावधानी से लिया जाना चाहिए।
  • यदि गर्मी के विकार हैं तो इसे कम मात्रा में लें।
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शिवलिंगी बीज कैसे स्टोर करें?

Shivlingi Beej Storage

  • दवा को निर्देशों के अनुसार ही स्टोर करें। इसे रौशनी और नमी से दूर रखें। दवा को अँधेरे में सूखे स्थान पर रखें।
  • दवा के सेवन से पहले एक्सपायरी डेट चेक करें।
  • खराब दवा को ठीक तरह से डिस्पोज करें।
  • दवा को बच्चों की दृष्टि और पहुँच से दूर रखें।
  • गलती से दवा का ओवरडोज़ हो गया हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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